Hindi News »Gujarat »Surat» Water Probelm In Bharuch

नाले के किनारे गड्‌ढा खोदकर पानी जुटा रही महिलाएं, कहीं 2 दिन में खर्च हो रहे हैं 500 रुपए

बगल में ही नर्मदा, फिर भी पानी खरीदने के लिए 11 किमी दूर जाने की मजबूरी।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 08, 2018, 09:11 AM IST

नाले के किनारे गड्‌ढा खोदकर पानी जुटा रही महिलाएं, कहीं 2 दिन में खर्च हो रहे हैं 500 रुपए

वडोदरा.जलसंकट के चलते भरूच के हांसोट आलिया बेट के लोगों के लिए धर्म संकट जैसी स्थिति बन गई है। आलिया बेट से मात्र 500 मीटर की दूरी पर ही नर्मदा नदी बहती है, लेकिन यहां रहने वाले लोगों के नसीब में इसका पानी नहीं है। समुद्र करीब आ जाने से नर्मदा का पानी खारा हो गया है। इस कारण 115 परिवारों के 550 लोगों को पीने का पानी खरीदने के लिए 11 किलोमीटर दूर हांसोट जाना पड़ता है

पानी के लिए हर दो दिन में कुल 500 रुपए खर्च करने पड़ते हैं

गांव के हसनभाई ने बताया कि नर्मदा नदी आलिया बेट के पास से गुजरती है और इसका 18 किलोमीटर दूर अरब सागर में संगम होता था। अब स्थिति बदल गई है और समुद्र नदी के करीब आ गया है। इसके बावजूद आलिया बेट में 1200 भैंस सहित 2500 पशु हैं और प्रत्येक पशुओं की दैनिक जरूरत 80 लीटर पानी की है। इसके लिए हर दो दिन में पेट्रोल-डीजल 400 रुपए और 3000 लीटर पानी का 100 रुपए सहित कुल 500 रुपए खर्च करने पड़ते हैं।

पानी के लिए ही तो कच्छ छोड़ आए थे यहां

आलिया बेट के महमद का कहना है कि 100 वर्ष पहले हमारे बुजुर्ग पानी के लिए ही कच्छ छोड़ नर्मदा के किनारे आए थे। पानी के लिए कच्छ लौटना न पड़े इसका डर सता रहा है। 3 दशक पहले हमने नर्मदा नदी का मूल स्वरूप देखा था। पहले नर्मदा का पानी मीठा था, लेकिन अब पशु भी न पीए ऐसा खारा हो गया है। नदी सूखती जा रही है और समुद्र में ज्वार से आने वाले पानी के कारण मिट्‌टी से दो से तीन किलोमीटर की लंबाई में टीले उभर आए हैं। यहां मोबाइल में नेटवर्क तो है पर नर्मदा का पानी नसीब नहीं है।

हांसोट नाव से जाते थे अब पैदल भी जा सकते हैं

इस्माइल मास्टर का कहना है कि आलिया से बोट से हांसोट जाना होता है तो भी नर्मदा नदी बीच में आती है। लेकिन आज वहां पर रेगिस्तान है और चलकर जाना पड़ता है। हांसोट पढ़ने जाते थे तो दक्षिण भाग में नर्मदा गुजरती थी। नाव में बैठकर जाना पड़ता था। धीरे-धीरे नदी सूख गई और रेगिस्तान जैसा बन गया।

चारों तरफ मधुबन डैम का पानी पर प्यास बुझाने के लिए गड्‌ढे का सहारा

दक्षिण गुजरात की सीमा पर आने वाले कपराडा तहसील मुख्यालय 31 किमी दूर मधुबन डैम के क्षेत्र में इस आदिवासी गांव में लोगों को प्यास बुझाने के लिए गड्‌ढे का सहारा लेना पड़ता है।

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Surat News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: naale ke kinaare gad‌dhaa khodkar paani jutaa rhi mahilaen, khin 2 din mein khrch ho rahe hain 500 rupaye
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Surat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×