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फिर जगी वर्ल्ड क्लास सूरत स्टेशन की आस, पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का फैसला

मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में होंगे 32-32 मंजिल के दो टावर, रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार करने का काम मई तक पूरा हो होगा

गौरव तिवारी | Last Modified - Mar 27, 2018, 01:40 AM IST

  • फिर जगी वर्ल्ड क्लास सूरत स्टेशन की आस, पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का फैसला
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    रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार करने का काम मई तक पूरा हो होगा, मनपा ने जमीन अधिग्रहण शुरू किया। - फाइल

    सूरत. सूरत रेलवे स्टेशन को पांच साल से डेवलप करने की कवायद चल रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए पहले इसे पीपीपी मोड (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) पर डेवलप करने का फैसला किया गया था। फिर ईपीसी (इंजीनियरिंग प्रिक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड अपनाने का निर्णय हुआ। सात महीने बाद रेल मंत्रालय और मनपा ने फिर से पीपीपी के द्वारा ही स्टेशन विकसित करने का फैसला किया है। इस मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) प्रोजेक्ट के लिए फिलहाल आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) तैयार किया जा रहा है।


    मई में इसका काम पूरा हो जाएगा। इससे 32-32 मंजिल की दो इमारतें बनाने की फिर आस जगी है। इसके साथ ही यहां मनपा ने भी एमएमटीएच के बाहर बसे अपने क्षेत्र को डेवलप करने की तैयारी शुरू कर दी है। उसने जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी है। डीपीआर तैयार होने के बाद मनपा वहां स्टेशन तक लोगों को आसानी से पहुंचाने के लिए सड़क चौड़ीकरण, वॉकवे बनाने जैसे कामों पर चर्चा शुरू करेगी। एमएमटीएच प्रोजेक्ट के तहत ट्रेन, बस और स्टेशन तक आने-जाने के लिए लोकल ट्रैफिक को एक ही जंक्शन पर प्लेटफॉर्म मुहैया कराने की योजना है। कॉमर्शियल वायबिलिटी के लिए इस प्रोजेक्ट को बहुमंजिला बनाया जाना है। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल, शॉपिंग मॉल समेत एक शहर में मिलने वाली सभी सुविधाएं एक ही जगह पर लोगों को मुहैया कराई जाएंगी।

    जीआरटीसी के साथ भी होगी बैठक, 2019 से पहले शिलान्यास की कोशिश

    गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन भी इस परियोजना में अहम भू्मिका निभाएगा। इसलिए अब जीआरटीसी के साथ भी बैठक होगी। उधर, मनपा ने बीआरटीएस और सिटी बसों के रुकने एवं यात्रियों को वहां तक पहुंचने के लिए प्रस्तावित विकास कार्य में कुछ बदलाव के सुझाव दिए हैं। मनपा अधिकारियों के अनुसार आरएफपी सही समय पर बन जाने पर परियोजना का शिलान्यास 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही कर दिया जाएगा।

    5000 करोड़ की है यह परियोजना

    5000 करोड़ रु. में पूरी होने वाली परियोजना में रेलवे का 63%, जीएसआरटीसी का 34% और मनपा का 3% हिस्सा है। इसके लिए 2.54 लाख वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होगी। इनमें से 76, 681 वर्ग मीटर जमीन रेलवे यार्ड की होगी, 61, 776 वर्ग मीटर जमीन रेलवे कॉॅलोनी के पास की होगी। स्टेशन से 23,175 वर्ग मीटर जमीन लिया जाएगा। बाकी जीएसआरटीसी और मनपा से ली जाएगी।

    ईपीसी मॉडल में सरकार का खर्च ज्यादा आ रहा था। पीपीपी अपनाने के बाद काम जल्द से जल्द शुरू होगा। पहले जिन कंपनियों को बुलाया गया था, फिर से उनसे चर्चा की जाएगी।

    - एम थेन्नरासन, मनपा आयुक्त

    ईपीसी : सरकार एमएमटीएच प्रोजेक्ट को मुख्यत: अपने पैसों से पूरा करती।

    पीपीपी: अब निजी कंपनियों और आम लोगों के सहयोग से पूरा होगा।

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    , रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार करने का काम मई तक पूरा हो होगा, मनपा ने जमीन अधिग्रहण शुरू किया। -फाइल
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