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सूरत की 16 सीटों पर 393 कैंडिडेट्स, किसी ने भी नहीं भरी कैशलेस जमानत

चुनाव आयोग की मानें तो उन्होंने ई-पेमेंट के लिए आरटीजीएस और चालान की व्यवस्था की थी।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 05:08 AM IST

सूरत. नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैशलेस की मुहिम छेड़ी थी। सभी लेनदेन कैशलेस करने का आवाहन किया था। लेकिन सूरत की 16 विधानसभा सीटों के लिए 393 प्रत्याशियों ने नामांकन भरा पर किसी ने कैशलेस डिपॉजिट नहीं कराया। यहां तक की भाजपा प्रत्याशियों ने भी नकद ही जमा कराया। कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों की बात करें तो वह सरकार का विरोध करने के लिए ई-पेमेंट ना कर नगद में डिपोजिट भरते हैं, लेकिन भाजपा के 16 प्रत्याशियों ने भी डिपॉजिट की राशि नगद में ही जमा कराई। चुनाव आयोग की मानें तो उन्होंने ई-पेमेंट के लिए आरटीजीएस और चालान की व्यवस्था की थी। निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी डिपॉजिट के 10 हजार रुपए नगद जमा करवाए।

भाजपा-कांग्रेस के एक जैसे तर्क

भाजपा के प्रत्याशियों का कहना है कि 10 हजार की राशि होने से नकद में जमा करवाई गई। चालान लेकर बैंक में जाना पड़ता और फिर पैसे जमा करवा कर वापस चालान जमा करवाने आना पड़ता। इस वजह से सारे प्रत्याशियों ने डिपॉजिट की राशि नकद में ही जमा करवाना उचित समझा। कांग्रेस के प्रत्याशी बता रहे हैं कि सरकार ने डिपॉजिट के 10 हजार रुपए जमा करवाने के लिए ई-पेमेंट का अच्छा और सरल विकल्प नहीं रखा था। चुनाव आयोग स्वाइप मशीन लगा सकता था, जिससे ई-पेमेंट करना आसान हो सकता था। लेकिन चालान व आरटीजीएस की सुविधा जटिल होने से सभी प्रत्याशियों ने नकद राशि जमा करवाई।

चुनाव आयोग ने नहीं लगाई थी स्वाइप मशीन


कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों को छोड़कर कुछ पार्टियों के प्रत्याशियों ने तो जमानत की राशि सिक्कों में जमा कराई। चुनाव आयोग ने भी कैशलेस की प्रक्रिया के लिए केवल औपचारिकता निभाई। चुनाव आयोग के पास जमानत राशि जमा कराने के लिए कोई तात्कालिक व्यवस्था नहीं थी। स्वाइप मशीन लगाई जा सकती थी, लेकिन आयोग ने इसे जरूरी नहीं समझा।

व्यवस्था : चालान से कर सकते थे जमानत राशि जमा, पर नकद किया


इलेक्शन कमिश्नर सीएम पटेल ने बताया कि चुनाव आयोग ने चालान की व्यवस्था की थी। इसके तहत जमानत की राशि बैंक में जमा करवानी थी। आरटीजीएस का विकल्प भी रखा गया था, लेकिन सभी प्रत्याशियों ने जमानत राशि नगद ही जमा करवाई। सरकार की ओर से जो सिस्टम चल रहा है उसी का प्रावधान किया गया था।

प्रक्रिया : ई-पेमेंट की अपेक्षा नकद राशि जमा करने में बचता है समय


इलेक्शन भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों सहित कुल 393 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। इनमें से एक प्रत्याशी ने भी जमानत राशि बैंक चालान या ई-पेमेंट के माध्य से नहीं की। कई प्रत्याशियों का कहना है कि ई-पेमेंट की अपेक्षा नकद राशि जमा करने में समय बचता है। ई-पेमेंट में कभी-कभी समय लगता है।