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सूरत : पहली लिस्ट में केवल 5 नाम, शहर की बची 7 सीटों पर भारी कश्मकश

BJP ने शुक्रवार को सूरत शहर की 5 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए, लेकिन 7 सीटों पर नाम घोषित नहीं किए।

Dainik Bhaskar

Nov 18, 2017, 04:14 AM IST
In first list only 5 names from Surat city

सूरत. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को सूरत शहर की 5 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए, लेकिन 7 सीटों पर नाम घोषित नहीं किए। इन 7 सीटों में कतारगाम, करंज ,कामरेज, चोर्यासी, उधना, सूरत उत्तर और सूरत पूर्व शामिल है।


कहा जा रहा है कि इन सातों सीटों में कई समाज के लोगों और पाटीदारों का विरोध, हिंदीभाषियों की दावेदारी, क्षेत्रीय लोगों की नाराजगी जैसे मुद्दों पर वर्तमान विधायक को फिर से टिकट देने पर संदेह है। इसके अलावा जो समाज भाजपा से नाराज है, कांग्रेस उसी समाज के प्रत्याशी उतार रही है। इन सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने में भाजपा फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। उसे डर इस बात है कि कहीं ऐसे उम्मीदवारों को टिकट न मिल जाए जो हार जाए। इन सीटों पर हार से भाजपा का गढ़ छिन जाएगा, जो किसी सदमे से कम नहीं होगा।

कतारगाम : पाटीदार, प्रजापति समाज की नाराजगी के कारण पहली सूची में प्रत्याशी का नाम नहीं

कतारगाम सीट से भाजपा के वर्तमान विधायक नानू वानाणी हैं। वह राज्य सरकार में मंत्री भी हैं। इस बार सूरत भाजपा नेता उनसे नाराज हैं और कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके खिलाफ दावेदारी की है। पाटीदार और प्रजापति समाज के मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। हाल ही में टिकट के मुद्दे पर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने प्रजापति समाज के खिलाफ की टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा था कि हर परचूरन समाज को टिकट देंगे तो कैसे चलेगा। नाम नहीं घोषित करने की वजह यही नाराजगी बनी।

चोर्यासी-उधना : हिंदीभाषियों की दावेदारी, वर्तमान विधायक नरोत्तम पटेल की उम्र बनी वजह

चोर्यासी और उधना विधानसभा सीटों में हिंदीभाषी मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। इस बार कई हिंदीभाषियों ने भाजपा से टिकट की दावेदारी पेश की है। फिलहाल दोनों ही सीटों पर भाजपा के गुजराती जंखना पटेल और नरोत्तम पटेल विधायक हैं। उधना के भाजपा के सीनियर विधायक और पूर्व मंत्री नरोत्तम पटेल की उम्र और चोर्यासी से उपचुनाव में विधायक बनी जंखना पटेल के नाम के सामने हिंदीभाषियों के प्रतिनिधित्व की मांग चुनौती बनी हुई है।

करंज-कामरेज : पाटीदार फैक्टर ने बदला समीकरण

करंज और कामरेज पाटीदार बहुल सीटें हैं। करंज से भाजपा के जनक बगदानावाला विधायक हैं, जबकि कामरेज से प्रफुल पानसेरिया विधायक हैं। दोनों विधायक पाटीदार हैं। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति द्वारा शुरू हुए पाटीदार आंदोलन से पहले इन दोनों ही सीटों पर भाजपा का प्रभुत्व था। लेकिन आंदोलन के दौरान हुए मनपा चुनाव में कई वॉर्डों पर कांग्रेस के पार्षद जीतकर आए। भाजपा जहां अपने आपको मजबूत मानती थी, उन्हीं क्षेत्रों में उसके खिलाफ आंदोलन शुरू हो गया। दोनों ही विधायकों के खिलाफ माहौल बना और विरोध भी खूब हुआ। स्थानीय लोगों की नाराजगी की वजह से भाजपा अभी प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है।

सूरत उत्तर-सूरत पूर्व : पुराने नेताओं की दावेदारी, विधायकों के खिलाफ नाराजगी से बढ़ा असमंजस

ये दोनों सीटें भाजपा का गढ़ मानी जाती हैं। सूरत उत्तर से भाजपा के अजय चौकसी विधायक हैं, जबकि सूरत पूर्व से मंत्री रंजीत गिलिटवाला। इन दोनों ही सीटों पर भाजपा के कई पुराने नेता दावेदारी ठोंक रहे हैं। वर्तमान विधायकों पर आरोप है कि वे अपने क्षेत्र के लोगों की अनदेखी करते हैं और उनकी शिकायतें नहीं सुनते। दोनों ही भाजपा के पुराने नेता हैं। सूरत पूर्व सीट पर घांची, खत्री और मुस्लिम समाज के वोट निर्णायक हैं। विधायकों की कार्यशैली से भाजपा प्रत्याशी चुनने में समय ले रही है।

In first list only 5 names from Surat city
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