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पहले दिन 16 विधानसभा सीटों के लिए 242 निर्दलीय उम्मीदवारों ने लिया फॉर्म

नामांकन की आखिरी तारीख 21 नवंबर है। 24 नवंबर तक उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकते हैं।

Dainik Bhaskar

Nov 15, 2017, 04:37 AM IST
Nomination process for gujarat assembly election
सूरत. सूरत की सभी 16 विधानसभा सीटों पर नामांकन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन निर्धारित समय सुबह 11 से दोपहर 3 बजे के दौरान 242 उम्मीदवार नामांकन फॉर्म लेकर गए, लेकिन किसी ने नामांकन नहीं भरा। सबसे ज्यादा कामरेज विधानसभा सीट से 39 उम्मीदवार और सबसे कम बारडोली से सिर्फ एक निर्दलीय उम्मीदवार ने नामांकन फॉर्म लिया। नामांकन की आखिरी तारीख 21 नवंबर है। 24 नवंबर तक उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकते हैं।
सूरत जिला नायब चुनाव अधिकारी के मुताबिक 16 सीटों के लिए मंगलवार को 242 फॉर्म गए। इनमें सूरत जिले की ओलपाड सीट से 12, मांगरोल से 20, मांडवी से 8, कामरेज से 39, सूरत पूर्व से 16, सूरत उत्तर से 11, वराछा से 09, करंज से 14, लिंबायत से 18, उधना से 11, मजूरा से 07, कतारगाम से 31, सूरत वेस्ट से 18, चोर्यासी से 11, बारडोली से 01 और महुवा से 16 उम्मीदवार फॉर्म लेकर गए।
मॉनिटरिंग रूम से खबरों पर नजर
गुजरात विधानसभा चुनाव खत्म होने से पहले किसी भी तरह के एक्जिट पोल या जीत-हार के पूर्वानुमान पर निर्वाचिन आयोग ने रोक लगा दी है। निर्वाचिन आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि लोक प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 126 (ए) के तहत गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान 9 नवंबर से 14 दिसंबर 6 बजे तक कोई भी प्रचार माध्यम चुनावी एक्जिट पोल या पूर्वानुमान नहीं पेश कर सकता। निर्वाचन आयोग के इस आदेश के पालन के लिए मॉनिटरिंग रूम बनाया गया है, जहां से सभी न्यूज चैनलों और अखबारों की खबरों पर नजर रखी जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आयोग कार्रवाई करेगा।
चौकसी : चुनावी कार्य में लगाईं 250 निजी गाड़ियां, सभी में जीपीएस
विधानसभा चुनाव कार्य के लिए निर्वाचन आयोग ने 250 निजी गाड़ियां लगाई हैं। आयोग के मुताबिक इन सभी गाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इनमें जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं। आयोग ने चुनाव अधिकारियों को चुनाव कार्य में लगाई जाने वाली सभी गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाने को कहा है। पिछले कई चुनावों के दौरान निर्वाचन आयोग को गाड़ियों की लोकेशन से जुड़ी कई शिकायतें मिली थीं। यही कारण है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में आयोग सभी गाड़ियों पर नजर रख रहा है। सभी गाड़ियों पर चुनाव अधिकारियों की ऑनलाइन नजर बनी रहेगी।
वितरण : 16 सीटों के लिए आज आवंटित की जाएंगी ईवीएम, राजनीतिक पार्टियों के सदस्य रहेंगे मौजूद
सभी 16 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले मतदान के लिए उपयोग में लाई जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का आवंटन बुधवार को किया जाएगा। ईवीएम का आवंटन दोपहर 12 बजे कलेक्टर ऑफिस में राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों की उपस्थिति में होगा। चुनाव आयोग के कंप्यूटर में लगे सॉफ्टवेयर में ईवीएम के सभी डेटा फीड किए जाएंगे। कौन सी विधानसभा में कौन सी ईवीएम आवंटित की जाएगी यह कंप्यूटर तय करेगा। चुनाव अधिकारी ईवीएम और उसका नंबर चेक कर ही मतदान शुरू करवाएंगे। पहले ट्रायल मतदान किया जाएगा।
नामांकन से पहले ही जेडीयू प्रत्याशी को पुलिस ने पासा के तहत भेजा जेल
मांगरोल विधानसभा क्षेत्र से जनता दल (यू) के प्रत्याशी और भीलीस्तान टाइगर सेना (बीटीएस) के प्रमुख उत्तम वसावा नामांकन की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पासा के तहत उन्हें उनके घर नानी नरोली गांव से गिरफ्तार कर लिया गया। मांगरोल पुलिस स्टेशन के पीएसआई एबी मोरी ने बताया कि चुनाव के दौरान असामाजिक गतिविधि रोकने के लिए वसावा को गिरफ्तार किया गया है। हर चुनाव के दौरान इस तरह की कार्रवाई की जाती है। उत्तम वसावा पर कई मामले दर्ज हैं, इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर राजकोट जेल भेज दिया गया है। उत्तम वसावा की पत्नी ललिता वसावा ने बताया कि वह अपना काम खत्म कर जैसे ही घर आए वैसे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उत्तम वसावा मांगरोल विधानसभा सीट से गणपत वसावा के सामने चुनाव लड़ने वाले थे। सूरत और तापी जिले के आदिवासियों के हक के लिए मुहिम चलाने वाले उत्तम वसावा के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं से मारपीट समेत कई मामले मांगरोल पुलिस थाने में दर्ज हैं। अब जेडीयू के नेता उत्तम वसावा को जेल से निकालकर कर नामांकन कराने का प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में राज्य के वन मंत्री और मांगरोल विधानसभा क्षेत्र के विधायक गणपत वसावा की सार्वजनिक सभा में बीटीएस के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था।
उम्मीदवार : उधना-वराछा सीट से हीरा पटेल फिर मैदान में, पीएम के गृहनगर से लड़ चुकें हैं चुनाव
पिछली बार उधना से चुनावी मैदान में उतरे हीरा पटेल ने इस बार भी दो सीटों से चुनाव लड़ने का मन बनाया है। हीरा पटेल उधना और वराछा विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने के लिए नामांकन फॉर्म ले गए। 50 वर्षीय हीरा पटेल की मानें तो वह पिछले कई चुनाव में निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ते आए हैं। हीरा पटेल ने दावा किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहनगर वडनगर से भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। इस बार पाटीदार इफेक्ट के कारण हीरा पटेल को जीतने की उम्मीद है।सरकारी गेस्ट हाउस का इस्तेमाल विपक्ष के नेता भी कर सकेंगे : पुलिस आयुक्तविधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए सूरत के पुलिस आयुक्त ने मंगलवार को अधिसूचना जारी की। इसके अनुसार पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में चुनाव प्रक्रिया के दौरान भाषण, मंदिर, मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारा पर पोस्टर लगाने पर रोक लगा दी गई है। सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष को भी सरकारी गेस्ट हाउस का इस्तेमाल करने देना पडेगा। किसी भी मेहमान को केवल 48 घंटे के लिए रुकने दिया जाएगा।
चुनाव प्रचार के लिए दो, तीन या चारपहिया वाहन का इस्तेमाल कर सकेंगे। सार्वजनिक रास्तों पर एक साथ केवल तीन वाहन ले जा सकते हैं। उससे ज्यादा वाहन हों तो हर वाहन के बीच 200 मीटर का अंतर होना चाहिए। नामांकन पत्र भरते वक्त उम्मीदवार के साथ केवल पांच व्यक्ति ही चुनाव आयोग के कार्यालय में जा सकते हैं। कार्यायल परिसर में तीन से ज्याादा वाहनों पर रोक लगा दी गई है। कोई भी व्यक्ति प्रकाश-मुद्रक के नाम-पते बिना वाला कोई भी साहित्य छाप नहीं सकेंगे। मदतान के दिन कोई भी उम्मीदवार मतदाताओं को बूथ तक वाहन से नहीं ले जा पाएगा। मतदान केंद्र के 100 मीटर की सीमा में मोबाइल फोन, कार्डलेस फोन या वायरलेस सेट ले जाने पर प्रतिबंध है। मतदान शुरू होने के 48 घंटे पहले से मतदान खत्म होने तक प्रचार वाले एसएमएस पर रोक रहेगी।
मुख्य मार्गों पर चौकशी करेंगे 64 फ्लाइंग स्क्वाड, आर्थिक लेनदेन पर रहेगी नजर
जिला निर्वाचन आयोग ने शहर के मुख्य मार्गों पर कड़ी नजर रखने के आदेश दिए हैं। इसके लिए शहर भर में करीब 64 फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए गए हंै। निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक हर एक विधानसभा के लिए चार लोगों की टीम बनाई गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने शहर के मुख्य मार्गों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए हैं। चुनाव से पहले किसी भी प्रकार के आर्थिक लेनदेन पर नजर रहेगी। आयोग के अनुसार अभी तक किसी भी राजनीतिक दल की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई भी आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई की जानकारी मीडिया को भी दी जाएगी। आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक आचार संहिता को ठीक से अमल में लाने के लिए स्क्वॉड और उनकी गतिविधियों की जानकारी गुप्त रखी जाएगा। जिससे उनके काम में किसी प्रकार की अड़चन ना पैदा हो सके।
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