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लगे ‘नो मुस्लिम नो वोट' के पोस्टर, कांग्रेस पर मुस्लिम नेताओं ने बनाया दबाव

जरात विधानसभा में 22 साल बाद वापसी की राह देख रही कांग्रेस के लिएहार्डकोर मुस्लिम वोटरों ने मुश्किल खड़ी कर दी है।

Danik Bhaskar | Nov 15, 2017, 04:10 AM IST
सूरत. गुजरात विधानसभा में 22 साल बाद वापसी की राह देख रही कांग्रेस के लिए सूरत शहर में उसके ही हार्डकोर मुस्लिम वोटरों ने मुश्किल खड़ी कर दी है। मंगलवार को मुस्लिम बहुल क्षेत्र सूरत पूर्व और लिंबायत विधानसभा क्षेत्र में पोस्टर लगाकर बाकायदा यह घोषणा की गई कि अगर इस बार कांग्रेस मुस्लिम उम्मीदवार को चुनाव में नहीं उतारती है तो उसे मुसलमानों का वोट भी नहीं मिलेगा।
इन पोस्टरों के बाहर आते ही कांग्रेस पेसोपेश में पड़ गई है। अब तक कांग्रेस मुस्लिम वोटरों को अपना मानकर चल रही थी, लेकिन जिस तरह मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मुस्लिम उम्मीदवार घोषित करने का दबाव बनाया गया है उससे लगता है कि अब कांग्रेस को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा। सूत्र बताते हैं कि भरत सिंह सोलंकी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस के मुस्लिम सपोर्टरों में काफी नाराजगी थी। सूरत में इसको लेकर पूर्व में विरोध भी हो चुका है। ऐसे में मुस्लिमों को लगता है कि शायद इस बार सूरत से किसी मुस्लिम कांग्रेसी नेता को उम्मीदवार न बनाया जाए।
यही वजह है कि कांग्रेस के मुस्लिम सपोर्टरों ने इस तरह का हथकंडा अपनाया है। वहीं सूत्र बताते हैं कि यह कांग्रेस की आपसी रंजिश का भी नतीजा है। दूसरे गुट ने जानबूझकर यह बैनर पोस्टर लगवाएं हैं ताकि अपने चहेतों को उम्मीदवार बना सकें। बहरहाल कांग्रेस पार्टी में इस मुद्दे पर कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। बता दें कि सूरत पूर्व विधानसभा क्षेत्र के कादर शा की नाल, नानपुरा व लिंबायत विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में बैनर लगा कर मुस्लिम समाज अपना विरोध जात रहे हैं। बैनर में लिखा गया है कि मुस्लिम को टिकट नहीं तो मुस्लिम का वोट नहीं।
दो दिन पहले कांग्रेस की मीटिंग में भी उठाया था मुद्दा
सूरत शहर के मक्काई पुल इलाके में पुरानी कांग्रेस आॅफिस में दो दिन पहले शहर कांग्रेस के अग्रणियों ने मीटिंग बुलाई थी। गुजरात प्रदेश कांग्रेस के मंत्री फिरोज मलिक, सूरत महानगर पालिका के पार्षद असलम साइकिलवाला, भूपेन्द्र सोलंकी, रुखसाना, इमरान खान समेत कई अग्रणी मीटिंग में मौजूद थे। मीटिंग में सूरत पूर्व और लिंबायत से मुस्लिम को टिकट देने की मांग की गई थी।
हमने हाइकमान को सूचित कर दिया है
गुजरात कांग्रेस सचिव फिरोज मलिक ने बताया कि इस बारे में एक मीटिंग हुई थी, जिसमें युवाओं की डिमांड थी कि जहां पर अल्पसंख्यक वोटर्स ज्यादा हैं। वहां से मुस्लिम नेता को टिकट दिया जाए। लिंबायत , उधना और सूरत पूर्व से मुस्लिम अग्रणी को टिकट देने की डिमांड हो रही है। हमने हाइकमान में हर्षवर्धन सपकाल को सूरत के युवाओं की मांग को पहुंचा दिया है।
इस बारे मे मुझे कोई भी जानकारी नहीं है
असलम साइकिलवाला कांग्रेसी पार्षद असलम साइकिलवाला ने बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जितनी जानकारी आपको है उतनी ही मुझे है। जबकि कांग्रेस की पुरानी ऑफिस में जो मीटिंग हुई थी उसमें साइकिलवाला स्वयं उपस्थित थे। इसलिए माना जा रहा है कि हो सकता है कि मंगलवार को शहर में लगाए बैनर और पोस्टर के पीछे कांग्रेस के मुस्लिम नेता ही शामिल हैं।
लिंबायत और शहर पूर्व पर मुस्लिम वोटरों का दबदबा

शहर की 12 विधानसभा सीटों में से लिंबायत और शहर पूर्व की सीट मुस्लिम बहुल मानी जाती है। कांग्रेस ने शहर पूर्व से पिछले विधानसभा चुनाव में कदीर पीरजादा को टिकट भी दिया था, लेकिन वह चुनाव हार गए थे। इस बार भी उन्हें टिकट ऑफर किया गया था लेकिन उन्होंने मना कर दिया। वहीं लिंबायत सीट पर भी बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटर हैं। इसलिए मुस्लिम सपोर्टर चाहते हैं कि बदली हुई फिजा में मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट दिया जाए, ताकि उनका भी कोई प्रतिनिधि विधानसभा जा सके।