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कांग्रेस ने कहा- राहुल जनेऊधारी, दी सफाई- इतने निचले लेवल तक न गिरे बीजेपी

विधानसभा चुनाव के चलते बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सौराष्ट्र दौरे पर थे।

Danik Bhaskar | Nov 30, 2017, 02:54 AM IST

मोरबी/सोमनाथ विधानसभा चुनाव के चलते बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सौराष्ट्र दौरे पर थे। इस दौरान मोदी ने चार सभाएं कर कांग्रेस और गांधी-नेहरू परिवार पर निशाना साधा, वहीं राहुल ने मोदी को एक्टर बताते हुए उनके विकास के दावों पर फिर सवाल खड़े किए। साथ ही उन्होंने साेमनाथ मंदिर के दर्शन भी किए, जिसपर पूरे दिन राजनीति होती रही। राहुल के टेंपल विजीट के बाद बीजेपी ने पूछ लिया कि आखिर राहुल कौन हैं? इसका जबाव दें। इस पर कांग्रेस ने बयान और तस्वीरें जारी कर बताया कि राहुल जनेऊधारी हिंदू हैं। साथ ही सफाई दी कि बीजेपी इतने निचले लेवल तक न गिरे।

सफाई : कांग्रेस बोली-इतने निचले लेवल तक न गिरे भाजपा

राहुल गांधी के सोमनाथ दर्शन प्रकरण पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के हमलावर होने के बाद कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल को न एंट्री रजिस्टर दिया गया, न ही इसमें सिग्नेचर उनके हैं। उन्होंने विजिटर्स बुक में एंट्री की है। राहुल हिंदू ही नहीं, जनेऊधारी हिंदू हैं। अगर वो अपना नाम लिखते, तो खुद अपने नाम के बाद ‘जी’ क्यों लगाते। बीजेपी को राजनीति के इतने निचले लेवल तक नहीं गिरना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के मीडिया को-ऑर्डिनेटर मनोज त्यागी ने राहुल और अहमद के नाम लिखे। हस्ताक्षर भी उनके ही हैं। कांग्रेस ने चार तस्वीरें भी जारी की, जिनमें विजिटर्स बुक में राहुल के हस्ताक्षर हैं और वो जनेऊ पहने हुए हैं। राहुल 25 सितंबर से करीब 21 मंदिरों के दर्शन कर चुके हैं।

दावा : राहुल ने गैर-हिंदू बनकर सोमनाथ मंदिर के दर्शन किए

राहुल गांधी ने सोमनाथ मंदिर के दर्शन से दो दिनी दौरे की शुरुआत की। मंदिर में गैर-हिंदुओं को दर्शन से पहले रजिस्टर में एंट्री करनी होती है। इसमें राहुल के साथ अहमद पटेल के नाम लिखे हैं। इससे भाजपा हमलावर हो गई। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “कांग्रेस और राहुल के लिए धर्म सुविधा का विषय है, आस्था का नहीं। राहुल को इस पर जवाब देना चाहिए। वो कहते हैं कि यह साजिश है, पर हम कहते हैं कि कांग्रेस ही साजिश है। आज उनकी साजिश उजागर हो गई है। आप अधर्मी हैं।’

राहुल ने पूछा-क्या हुआ तेरा वादा

राहुल ने ट्वीट किया, 22 सालों का हिसाब, गुजरात मांगे जवाब। गुजरात के हालात पर प्रधानमंत्रीजी से पहला सवाल : 2012 में वादा किया कि 50 लाख नए घर देंगे। 5 साल में बनाए 4.72 लाख घर। प्रधानमंत्रीजी बताइए कि क्या ये वादा पूरा होने में 45 साल और लगेंगे? उन्होंने सरकार पर उद्योगपतियों की मदद करने का आरोप भी दोहराया।

मोदी के दो बड़े हमले

1- दु:ख के समय भी जिन्हें खुद की पड़ी हो, वह दूसरे के लिए क्या करेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मच्छू बांध त्रासदी के बाद राहत कार्य के दौरान राहुल गांधी की दादी इंदिराबेन (पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी) मुंह पर रूमाल डाले दुर्गंध और गंदगी से बचती फिर रही थीं। जबकि जनसंघ और आरएसएस के कार्यकर्ता कीचड़ और गंदगी में घुस कर सेवाभाव से काम कर रहे थे। गुजराती पत्रिका चित्रलेखा ने इंदिरा की तस्वीर पर राजकीय गंदगी और सेवा कर रहे संघ के कार्यकर्ताओं की तस्वीर पर मानवता की महक का शीर्षक लगाया था। उन्होंने कहा कि दु:ख के समय भी जिन्हें खुद की पड़ी हो, वह दूसरे के लिए क्या करेंगे।

2- सोमनाथ के जीर्णोद्धार के वक्त नेहरू नाक-भौं सिकोड़ रहे थे

जब सरदार पटेल सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कर रहे थे, तो जवाहरलाल नेहरू नाक भौं सिकोड़ रहे थे। तब के राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद को इस मौके पर आने का निमंत्रण मिलने पर नेहरू जी ने पत्र लिख कर नाराजगी जताई थी। आज जिन्हें सोमनाथ दादा याद आ रहे हैं, उनसे पूछना है कि क्या उन्हें इस इतिहास का पता है।

इंदिरा की तस्वीर की हकीकत

11 अगस्त 1979 को मच्छू बांध टूट गया था। इससे आई बाढ़ के कारण हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। चारों ओर उनके और पशुओं के शव पड़े थे। इंदिरा गांधी ने यहां 16 अगस्त को दौरा किया था। चित्रलेखा पत्रिका ने 27 अगस्त को दो तस्वीरें प्रकाशित की थी। एक तस्वीर में इंदिरा मुंह पर रूमाल रखी हुई हैं, दूसरी में शव ले जाते लोग मुंह पर रूमाल बांधे दिख रहे हैं। तस्वीर के ऊपर वाले हिस्से में लिखा है-मोरबीनु जलतांडव और नीचे लिखा है-गंधाती पशुता, महकती मानवता।