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यहां टि्वस्टिंग तकनीक से रोज बनती हैं पौने दो करोड़ मीटर साड़ियां

एजाज शेख | Last Modified - Nov 11, 2017, 04:11 AM IST

टि्वस्टिंग प्रोसेसे सिर्फ सूरत में ही की जाती है। चीन कपड़े का बड़ा बाजार है, लेकिन वहां धागे को ट्विस्ट नहीं किया जाता।
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    सूरत.सूरत में प्रतिदिन दो करोड़ मीटर साड़ी का कपड़ा बनता है। इसमें से 1 करोड़ 80 लाख मीटर कपड़ा ट्विस्टिंग धागे से बना होता है। साड़ी को सिल्क जैसा लुक देने के लिए जॉरजेट और शिफॉन के धागे को टि्वस्ट किया जाता है। ट्विस्टिंग सिर्फ सूरत में होती है। ट्विस्टिंग मशीनें से धागे को ट्विस्ट किया जाता है। ये मशीनें सिर्फ सूरत में ही बनती हैं। इसे दुनिया भर में सूरत के हुनर के रूप में पहचान मिली है।
    शहर की सभी विविंग इंडस्ट्री में टि्वस्टिंग मशीनें मौजूद हैं। ट्विस्टिंग मशीनें मेक इन इंडिया होती हैं। ट्विस्टिंग प्रोसेस से 100 मीटर का धागा 90 मीटर हो जाता है। लक्ष्मीपति ग्रुप के संजय सरावगी बताते हैं कि सूरत के इस हुनर का लोहा पूरी दुनिया ने माना है। ट्विस्ट किए हुए धागे का लुक आकर्षक होता है।
    चीन में फ्लैट कपड़ा ही बनता है
    टि्वस्टिंग प्रोसेसे सिर्फ सूरत में ही की जाती है। चीन कपड़े का बड़ा बाजार है, लेकिन वहां धागे को ट्विस्ट नहीं किया जाता। वहां फ्लैट कपड़ा ही बनता है। चाइना के पास ट्विस्टिंग मशीनें भी नहीं हैं। यहीं कारण है कि चीन सूरत जैसे आकर्षक लुक वाला कपड़ा नहीं बना पाता है।
    बदलाव : पहले नायलोन, अब पॉलिस्टर धागे होते हैं टि्वस्ट
    सूरत में करीब 7 लाख लूम्स यूनिट हैं। इन सभी यूनिट में ट्विस्टिंग का काम होता है। सूरत में जबसे कपड़ा बनना शुरू हुआ तबसे ट्विस्टिंग का काम होता आ रहा है। पहले नायलोन के धागे को टि्वस्ट किया जाता था। अब पोलिस्टर के धागे पर ट्विस्ट का काम होने लगा है। समय के साथ तकनीक बदलती रही। ट्विस्टिंग मशीन की कीमत स्पिन्डल और तकनीक के हिसाब से होती है। आमतौर पर एक ट्विस्टिंग मशीन की कीमत 5 लाख रुपए होती है।
    आकर्षण : टि्वस्टिंग से बढ़ जाती है साड़ी की खूबसूरती
    ट्विस्टिंग से साड़ी का आकर्षण बढ़ जाता है। टि्वस्ट किए हुए कपड़े को हाथ में लेने से उसकी खूबसूरती का एहसास हो जाता है। धागे को टि्वस्ट करने की प्रक्रिया बहुत छोटी होती है। ट्विस्ट की हुई जॉरजेट और शिफॉन की साड़ी सिल्क जैसा लुक देती है।
    प्रक्रिया : 20 डेनियर के धागे को भी करते हैं ट्विस्ट
    20 डेनियर से लेकर 200 डेनियर तक का धागा सूरत में ट्विस्ट किया जाता है। 20 डेनियर का धागा काफी बारीक होता है, जबकि 200 डेनियर का धागा मोटा होता है। बारीक धागे को ट्विस्ट करना मुश्किल काम होता है। क्योंकि बारीक धागे के टूटने का खतरा रहता है।
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Web Title: Saris Are Made From Twisting Technique
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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