--Advertisement--

शनि अमावस्या आज, 30 साल बाद बनेगा शोभन योग, फसल-व्यापार में होगी प्रगति

शनिवार 18 नवंबर को शनिश्चरी अमावस्या का शुभ दिन है।

Dainik Bhaskar

Nov 18, 2017, 04:38 AM IST
special yoga on Shani Amavasya

सूरत. शनिवार 18 नवंबर को शनिश्चरी अमावस्या का शुभ दिन है। इस अवसर पर वेसू स्थित शनि मंदिर, घोड़ दौड़ रोड स्थित शनि मंदिर, भटार स्थित शनि मंदिर के साथ शहर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों में भक्त शनिदेव को तिल एवं सरसों का तेल अर्पित कर भक्त शनिदेव की पूजा करेंगे।

पंडित आशीष शास्त्री ने बताया कि इस दिन किए गए उपाय शनि के अशुभ प्रभाव से रक्षा करते हैं। यदि शुभ मुहूर्त में पूजन व उपाय किए जाएं तो शनिदेव की कृपा से विजय, धन, काम सुख और आरोग्यता की प्राप्ति होती है।

दान-पुण्य और नई वस्तुओं की खरीदारी शुभ


30 साल बाद विशाला नक्षत्र में शोभन योग बना है। 2017 से पूर्व 1987 में यह योग बना था। इस दिन दान-पुण्य और नई वस्तुओं को खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। शनि के साथ-साथ बुध और चंद्रमा की युति होगी जिससे फसलों और व्यापार में प्रगति हो सकती है। इस समय शनि धनु राशि में मार्गी हैं। जिससे 12 राशियों में से वृश्चिक, धनु व मकर पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। वृषभ व कन्या राशि पर ढय्या का प्रभाव है। 27 योगों में शोभन नाम का योग जब शनिवार के दिन पड़ता है तो इससे उस दिन, तिथि और नक्षत्र के बल में वृद्धि हो जाती है। सामान्य दिनों की अपेक्षा इसका प्रभाव कई गुना ज्यादा हो जाता है। यदि तिथि में किसी भी तरह का कोई दोष हो तो वह भी इस योग के प्रभाव से नष्ट हो जाता है।

सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक अमृत योग


पंडित आशीष शास्त्री के अनुसार सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक अमृत योग रहेगा। विद्वानों के अनुसार इस मुहूर्त में शनि को प्रसन्न करने वाला बेपनाह लाभ का अधिकारी बनता है। साढ़े साती एवं अढ़इया के दौरान शनि व्यक्ति को अपना शुभाशुभ फल प्रदान करता है। शनि अमावस्या बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन शनि देव को प्रसन्न करके व्यक्ति शनि के कोप से अपना बचाव कर सकते हैं। पुराणों के अनुसार शनि अमावस्या के दिन शनिदेव को प्रसन्न करना बहुत आसान होता है। इस दिन महाराज दशरथ द्वारा लिखा गया शनि स्तोत्र का पाठ करके शनि की कोई भी वस्तु जैसे काला तिल, लोहे की वस्तु, काला चना, कंबल, नीला फूलदान करने से शनि साल भर कष्टों से बचाए रखते हैं।

कैसे करें भगवान शनिदेव को प्रसन्न


पंडित आशीष शास्त्री ने बताया कि शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए तीन तरह के उपाय लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। इनमें से पहला तरीका है कि शनिश्चरी अमावस्या के दिन भगवान शनिदेव का सरसों और तिल के तेल से अभिषेक करने से शनि पीड़ित जातकों को राहत मिलती है। दूसरा शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए और हनुमानजी को चोला चढ़ाया जाना चाहिए। तीसरा सरसों या तिल के तेल के दीपक में दो लोहे की कीलें डालकर पीपल के पास रखें। चौथा अपने वजन के बराबर सरसों का खली गौशाला में डालें।

X
special yoga on Shani Amavasya
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..