अहमदाबाद से एक महीने पहले आया, पहले दोस्ती की फिर काट दिया बहन के प्रेमी का गला / अहमदाबाद से एक महीने पहले आया, पहले दोस्ती की फिर काट दिया बहन के प्रेमी का गला

Bhaskar News

Jun 20, 2018, 12:34 PM IST

वारदात के वक्त मौके पर मौजूद मृतक के दोस्त ने बताई आंखों देखी घटना।

मो.रियाज खान मृतक फैयाद मंसूरी मो.रियाज खान मृतक फैयाद मंसूरी

सूरत। चचेरे भाई ने बहन के प्रेमी की सरेराह गला काटकर हत्या कर दी। आरोपी इस वारदात को अंजाम देने वो एक महीना पहले अहमदाबाद से सूरत आया। उसने पहले बहन के प्रेमी से दोस्ती की फिर जब उसके साथ घुल मिल गया तो मंगलवार को तलवार से गले पर वार कर दिया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, युवक को मारने के बाद आरोपी अपनी तलवार लेकर बेखौफ पैदल निकल गया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे आरोपी अशरफ सिद्दीकी ने उन तसलीमा नगर के फैयाद मंसूरी की हत्या की।

तीन साल से चल रहा था अफेयर, लड़की के घरवालों को पसंद नहीं था लड़का

- फैयाद सोने की भट्टी से निकलने वाली राख का व्यापारी था। उसका एक लड़की के साथ 3 साल से अफेयर चल रहा था। यह बात लड़की के घरवालों को मंजूर नहीं था।

- मृतक के चचेरे भाई नदीम मंसूरी के मुताबिक, लगभग 1 महीने पहले आरोपी अशरफ सिद्दीकी अहमदाबाद से सूरत आया था। वो लड़की के बड़े पापा का बेटा है।

- उसको अफेयर के बारे में जानकारी थी और वो इससे नाराज था। उसने प्लान के तहत बहन के प्रेमी से दोस्ती का हाथ बढ़ाया और 1 महीने तक उसके साथ घूमता रहा, उसके घर आने-जाने लगा। उसने ये भी पता किया कि इसके आने-जाने का समय क्या है। फिर पूरी प्लानिंग के तहत मंगलवार को घटना को अंजाम दिया।

- नदीम मंसूरी ने बताया, लड़की के घर वाले इस बात से खुश नहीं थे। उन्होंने भाई को लगभग 6 महीने पहले भी मारा था और लगभग 2 महीने पहले भी धमकी दी थी कि लड़की से बात करना बंद कर दे नहीं तो ठीक नहीं होगा। इसके बावजूद, दोनों एक दूसरे से बात करते रहे।

- लड़की से सगाई के दो रिश्ते भी आ चुके थे, लेकिन लड़की ने फैयाद के साथ शादी की जिद की थी, इसलिए दोनों सगाई टूट गई।

वारदात के वक्त मौके पर मौजूद मृतक के दोस्त मो.रियाज खान ने बताई आंखों देखी घटना... दोस्त मोबाइल निकालने के लिए जैसे ही झुका, अशरफ ने गर्दन पर चला दी तलवार

- रियाज ने बताया, हम दोनों एक ही गाड़ी से घूमने निकले थे। तसलीमा नगर में एक चाय की दुकान के पास बैठे थे, जहां पर आरोपी अशरफ भी हमारे साथ बैठ गया।

- जब हम चलने लगे तो उसने पीछे से आवाज देकर हमको रोका। मैंने उससे बोला कि क्या हुआ। उसने कहा, कहां जा रहे हो तो फैयाद ने कहा, भागल जा रहा हूं।

- अशरफ ने बोला कि टाइम बता क्या हुआ, जैसे ही फैयाद जेब से मोबाइल निकालने के लिए झुका वैसे ही उसने तलावार से गर्दन पर वार कर भाग गया। मैं दोस्त को उठाकर एक पास के हॉस्पिटल में ले गया, जहां डॉक्टर ने पुलिस केस बताकर इलाज करने से मना कर दिया। 108 एंबुलेंस एक घंटे देर से आई।

- अगर समय पर इलाज मिलता तो उसका दोस्त बच सकता था। वैसे मेरी अभी मृतक के साथ लगभग 3 महीने पहले ही दोस्ती हुई थी। इसलिए मुझे इस प्रेम प्रकरण के बारे में कुछ जानकारी नहीं थी और ना ही मृतक ने मुझसे कभी इस बारे में कोई जिक्र किया था, लेकिन आरोपी के साथ उसकी कुछ ही दिनों में अच्छी दोस्ती हो गई थी।

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