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नोटबंदी जैसे हालात :कैश खत्म, ATM पर लगा मशीन बंद का बोर्ड

अस्पतालों के आसपास ATM खाली रहने से अधिक परेशानी, कपड़ा व्यापारी भी परेशान।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 18, 2018, 12:35 PM IST

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    सूरत। दूसरे राज्यों की तरह सूरत में भी नोटबंदी जैसे हालत देखने को मिल रहे हैं। लोगों के पास कैश की कमी हो गई है। एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे हैं। गिने-चुने बैंक के एटीएम चल भी रहे हैं, तो वहां लोगों की लंबी कतार देखने को मिली। वहीं बैंक अधिकारी यह तो मान रहे हैं कि कैश की कमी है, लेकिन यह नहीं बता पा रहे हैं कि पैसे की कमी क्यों है? लोग हैरान-परेशान…

    यही वजह है कि शहर की सरकारी, निजी और सहकारी बैंकों में कैश की कमी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि आरबीआई द्वारा आवश्यकता से कम कैश जारी किया जा रहा है। यह स्थिति पिछले 10 दिनों से बनी हुई है। कैश की कमी के कारण करंट और सेविंग अकाउंट वालो को प्रतिदिन 25 से 50 हजार रुपए ही दिए जा रहे है।

    2000 के नोट छपने बंद

    चर्चा है कि आरबीआई ने 2 हजार रुपए के नोट छापने बंद कर दिया है। नकदी की कमी के कारण अधिकतर एटीएम में रुपए ही नहीं डाले जा रहे हैं। कई एटीएम तो हमेशा खाली ही रहते हैं। उल्लेखनीय है कि दक्षिण गुजरात में सरकारी, निजी और सहकारी बैंकों को मिलाकर कुल 45 बैंक की 750 ब्रांच हैं, जिनके 2250 एटीएम कार्यरत हैं।

    ATM पर लम्बी लाइनें

    मंगलवार को जो एटीएम कार्यरत थे उन पर लंबी लाइन देखने को मिली। पूरी तरह नोटबंदी वाला माहौल देखने को मिला। नौकरी-पेशा वालों के लिए एटीएम मशीनों में नोट की कमी नई परेशानी लेकर आई है, जिन्होंने वेतन के रुपए निकाल लिए, वह भी कम रकम निकालने की वजह से दूसरी बार लाइन में लगने के बाद भी निराश हो रहे हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के शहर के सवा सौ एटीएम खास उपयोगी साबित नहीं हो रहे हैं, तो सेंट्रल बैंक के करीब 19 एटीएम की हालत भी जुदा नहीं रही। कैनरा बैंक समेत शहर के राष्ट्रीयकृत बैंकों के सैकड़ों एटीएम भी लोगों के लिए मुसीबत बने रहे।

    अस्पतालों के आसपास सबसे ज्यादा दिक्कत

    सबसे ज्यादा दिक्कत अस्पतालों के आसपास देखने को मिली, जहां एटीएम में पैसे नहीं होने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। कैश के लिए रिंग रोड, अडाजण, चौक, भागल तक के राष्ट्रीयकृत, निजी और कोऑपरेटिव बैंक लोगों को निराश कर रहे हैं।

    बीओबी के एटीएम से हटाया दो हजार के डिसपेंसर

    बैंक ऑफ बड़ौदा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने एटीएम से दो हजार रुपए के डिसपेंसर की जगह दो सौ रुपए के डिसपेंसर लगाए हैं। बैंक ने ऐसा मुंबई में मुख्य कार्यालय से आई सूचना के बाद किया है। नोट का फ्लो शुरू होने के बाद लोगों को पांच सौ, दो सौ और सौ रुपए के नोट ही मिलेंगे। हालांकि ब्रांच से लोगों को दो हजार रुपए के नोट पहले की तरह ही मिलते रहेंगे।

    कपड़ा व्यापारियों की मुसीबतें बढ़ी

    कपड़ा व्यापारी ललित बागरेचा ने बताया कि बैंकों में कैश की कमी के कारण लिक्विडिटी नहीं रही। अधिकतर एटीएम खाली हैं। आवश्यकता से कम नकद मिल रहे हैं। नोटबंदी जैसा माहौल बना गया है। फोस्टा अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने बताया कि बैंक में कैश की कमी के कारण आवश्यकता अनुसार व्यापारियों को रुपए नहीं मिल रहे हैं। अन्य राज्यों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। कपड़ा बाजार में स्थित बैंक में कैश की कमी तो है ही इनके एटीएम भी खाली हैं। लेबर विभाग भी परेशान है।

    बैंक अधिकारी बोलने को तैयार नहीं

    सहकारी बैंक अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से आरबीआई द्वारा आवश्यकता से आधे रुपए ही अलॉट किए जा रहे हैं। जिसका कारण हमने पूछा है लेकिन उसका जवाब हमें नहीं मिला है। नकद की कमी के कारण ग्राहकों को कम रुपए दिए जा रहे हैं। चौक बाजार स्थित एसबीआई ब्रांच के मैनेजर शरत पिल्लई ने कैश कमी को लेकर पूछे गए सवाल पर चुप्पी साध ली। कैश की कमी है या कैश पर्याप्त है यह पूछने पर कहा कि हम कुछ नहीं बता सकते। वहीं बैंकों ने कैश की कमी को छिपाने के लिए एटीएम पर बोर्ड लगा दिया कि मशीन खराब है।

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