• Home
  • Gujarat Samachar
  • Surat News
  • Diamond businessman 12 year old son bhavya kumar shah became jain sadhu, हीरे कारोबारी का 12 साल का बेटा भव्य कुमार बना जैन साधु
--Advertisement--

हीरे कारोबारी का 12 साल का बेटा बना जैन साधु, कभी फरारी में करता था सवारी अब भिक्षा मांग खाएगा खाना

बचपन से ही गाड़ियों और ब्रांडेड परफ्यूम का शौक था भव्य को।

Danik Bhaskar | Apr 20, 2018, 02:48 AM IST
हीरे कारोबारी का बेटा भव्य। हीरे कारोबारी का बेटा भव्य।

सूरत. हीराकारोबारी का 12 साल का बेटा भव्य कुमार शाह गुरुवार को जैन दीक्षा लेकर मुनि भाग्य रत्न विजय बन गए। सुबह साढ़े 7 बजे भव्य अपने घर से बग्घी में सवार होकर किसी राजकुमार की तरह दीक्षा स्थल पहुंचे। सुबह 10.30 बजे राजकुमार का चोला उतार 11 बजे मुनि वेश धारण कर लिया। अब तक हीरा कारोबारी दीपेश शाह के बेटे के तौर पर नाजों से पले और फरारी की सवारी करने वाले भव्य अब भिक्षा से भोजन करेंगे और मोक्ष ही जीवन का अंतिम लक्ष्य होगा। गुरू ने दी ये सीख...

- श्री उमरा जैन संघ में मुमुक्षु भव्य कुमार ने आचार्य गुणरत्नसूरी के सानिध्य में आचार्य रश्मिरत्न से दीक्षा ग्रहण की।

- इसके साथ ही भव्य कुमार आचार्य रश्मिरत्न सूरी के 44वें शिष्य बने। अब उनका नया नामकरण मुनि भाग्यरथ के रूप में हो गया है। शेष जीवन में वह इसी नाम से जाने जाएंगे।
- 300 से अधिक साधु भगवंतों एवं 5 हजार भक्तों के बीच मुमुक्षु भव्य ने दीक्षा ली। उपस्थित सभी लोगों ने भव्य को आशीर्वाद दिया।

- इस अवसर पर मुमुक्षु भव्य के पिता दीपेश भाई ने बताया कि आज भव्य को साधु बनते देख हमारा सपना साकार हुआ।

- संसार की मोह माया को त्याग कर मुमुक्षु भव्य अब संयम के राह पर चलेंगे। सुबह 9 बजे श्री उमरा जैन संघ में हजारों की संख्या में लोगों ने मुनि भव्य को आशीर्वाद दिया।

- इस अवसर पर आचार्य गुणरत्नसूरी ने मुनि भव्य को समझाया कि जो छोड़ा है उसे कभी याद मत करना और जिसके लिए छोड़ा है उसे कभी मत भूलना। आत्मा और शरीर दोनों अलग है, इस बात को हमेशा याद रखना।

सभी शौक का करना होगा परित्याग

- पिछले वर्ष अक्टूबर में मुमुक्षु भव्य की मुहूर्त यात्रा सचिन तेंदुलकर के फरारी में निकाली गई थी।

- भव्य को बचपन से ही गाड़ियों और ब्रांडेड परफ्यूम का शौक था इसलिए नन्हे से भव्य कुमार की मुहूर्त यात्रा फरारी में निकाली गई थी।

- इसके साथ ही बुधवार को आलीशान बाहुबली राजमहल थीम पर भव्य की शोभायात्रा भी निकाली गई। परंतु अब से मुमुक्षु भव्य कुमार ये सारी सुख-सुविधाओं का त्याग कर चुके हैं।

- हीरा उद्योगपति दीपेश भाई की बेटी ने भी 12 वर्ष की ही उम्र में 4 वर्ष पहले दीक्षा ग्रहण की थी। इसके बाद बुधवार को सबसे छोटे बेटे भव्य कुमार ने भी संयम के मार्ग पर अपना पहला कदम बढ़ाया।

- अब से भव्य किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक चीजों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्हें खाना भी मांग कर खाना पड़ेगा। जगह-जगह विहार करके भव्य अपने इस जीवन को मोक्ष की प्राप्ति और साधना में लगाएंगे।

मां बेटे को तिलक लगाती हुई। मां बेटे को तिलक लगाती हुई।
जैन मुनियों ने भव्य को दीक्षा दिलाई। जैन मुनियों ने भव्य को दीक्षा दिलाई।
भव्य मुनि भेष में। भव्य मुनि भेष में।
भव्य अब तक बड़ोदा, अहमदाबाद, राजकोट, राजस्थान में 1000 किमी से अधिक विहार कर चुका है। भव्य अब तक बड़ोदा, अहमदाबाद, राजकोट, राजस्थान में 1000 किमी से अधिक विहार कर चुका है।
फरारी में बैठते हुए भव्य। फरारी में बैठते हुए भव्य।
भव्य मुनि से आशीर्वाद लेते हुए। भव्य मुनि से आशीर्वाद लेते हुए।