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17 वर्षों से योग से छुड़ा रहे नशा; चरस, गांजा, शराब, अफीम भी छोड़ चुके हैं कई लोग

योग की ताकत: हर नशे की लत के लिए हैं अलग-अलग आसन।

Danik Bhaskar | Jun 21, 2018, 11:26 AM IST
पश्चिमोत्तासन पश्चिमोत्तासन

सूरत. योग भगाए रोग, यह तो सभी जानते हैं, लेकिन पिछले 17 वर्षों से चौक के समीप स्थित परिवर्तन व्यसन मुक्ति केन्द्र में सैकड़ों लोगों की जिंदगी में नशा की लत छोड़ना योग की वजह से ही आया है। नशे के चंगुल में जकड़े लोगों को इस बंधन से आजाद कराने में योग की भूमिका महत्वपूर्ण साबित हुई। नशे के आदि लोगों के आत्मबल और इच्छाशक्ति को मजबूत करने में योग के विभिन्न आसान संजीवनी जैसा काम कर गए। जब नशे पर जीत हासिल हुई तो शरीर की व्याधि को दूर करने में भी योग की दोहरी भूमिका साबित हुई।

ऊं से वाइब्रेशन

- परिवर्तन व्यसन मुक्ति केन्द्र के योग टीचर यहां आए लोगों को रोज करीब आधा घंटा योग व व्यायाम कराते हैं।

- सभी प्रकार के नशों में प्राणायाम और ध्यान कॉमन है, इसके अलावा ऊं के उच्चारण से शरीर में वाइब्रेशन देने की कोशिश होती है, जो उनके शरीर के कंपन को समाप्त कर शरीर को संबल प्रदान करती है।

पश्चिमोत्तासन:

नशा- मल्टीपल नशा (चरस, गांजा, शराब, अफीम आदि)

फायदा- रीढ़ की हड्डी को सुदृढ़ कर तमाम रोगों पर एक साथ फायदा करती है। घुटने का दर्द, गैस आदि को खत्म कर शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार साबित होती है।

मकरासन मकरासन

नशा- गांजा, सिगरेट आदि

 

फायदा- कमर और गर्दन दर्द में विशेष फलदायक, श्वास संबंधी रोग में लाभकारी।

धनुरासन धनुरासन

नशा- शराब
फायदा- फेफड़ा, कमर और पेट से संबंधित रोगों में विशेष फलदायक।

 

व्यायाम- विभिन्न आसानों के साथ व्यायाम भी कराते हैं।

 

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