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मासूम हर्ष की निकली शवयात्रा, हर जुबां पर यही कि वह एक चैंपियन था

सातों इंस्ट्रक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज, कापड़िया क्लब पर लगा ताला।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - May 18, 2018, 04:00 PM IST

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    हर्ष वास्तव में चैम्पियन था...

    सूरत। हर्ष पोद्दार की अंतिम यात्रा जब निकली तो हर कोई यही चर्चा कर रहा था कि वह एक चैंपियन था। जितना पढ़ने में तेज था उतना खेल में भी। एक पिता के लिए इससे बड़ा दर्द क्या होगा कि उसे अपने बेटे की अर्थी अपने कंधों पर उठानी पड़ी। मां तो अपने लाल के चले जाने के सदमे से उबर ही नहीं पा रही है। बेटे की यादों में गुमसुम मां घर से बाहर ही नहीं निकल रही। हर्ष के चले जाने का गम ऐसा है, जिसकी टीस जिंदगी भर माता-पिता को सालती रहेगी। इंस्ट्रक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज...


    भटार रोड पर स्थित कापडिया हेल्थ क्लब के स्वीमिंग पूल में बुधवार को डूबने से हुई 13 वर्षीय हर्ष पोद्दार की मौत के मामले में इंस्ट्रक्टरों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यह नहीं बताया कि कितने इंस्ट्रक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हर्ष के डूबने के समय वहां मौके पर 7 इंस्ट्रक्टर मौजूद थे। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सातों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया होगा। परिजनों ने पुलिस से हर्ष की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी इंस्ट्रक्टर को गिरफ्तार नहीं किया है। इससे पहले न्यू सिविल अस्पताल में हर्ष के परिजनों ने हंगामा किया और शव लेने से इनकार कर दिया था।


    मां ने देखा था कि लाल डूब रहा है
    वेसू में वीआईपी रोड के नंदनवन-2 अपार्टमेंट में रहनेवाले पिंकेश भवरलाल पोद्दार के दोनों बेटे हर्ष और देवांश कापडिया हेल्थ क्बल में स्वीमिंग सीखने के लिए जाते थे। बुधवार को हर्ष और उसका छोटा भाई देवांश अपनी मां पूजाबेन के साथ कापडिया हेल्थ क्लब गए थे। हर्ष जब पूल में स्वीमिंग सीख रहा था, तभी वह उस हिस्से में चला गया, जहां 6 फीट से ज्यादा की गहराई थी। इससे वह डूब गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। हर्ष जब स्वीमिंग पूल में डूब रहा था, तब वहां सात इंस्ट्रक्टर और करीब 45 लोग उपस्थित थे, लेकिन किसी की भी नजर उस पर नहीं पड़ी। हर्ष की मां पूजा बेन भी वहीं थी। उसे डूबते देखा तो चिल्लाई, तब जाकर लोग उसे बचाने के लिए दौड़े।

    इंस्ट्रक्टरों की लापरवाही: हर्ष को नहीं बांधा गया था फ्लोटर
    पुलिस ने मामले की जांच की तो परिवारजनों के आरोप सही लगे। इस पर पुलिस ने हर्ष की मां पूजा की शिकायत पर स्वीमिंग पूल के इंस्ट्रक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। शिकायत के अनुसार इंस्ट्रक्टरों को पता था कि हर्ष तैरना सीख रहा है, इसलिए उसे पानी में उतारने से पहले थर्मोकॉल का फ्लोटर बांधना जरूरी था, इसके बावजूद उन्होंने नहीं बांधा। आरोप है कि हर्ष को जब पानी से निकाला गया तो उसे क्लब ने तत्काल प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया।



    होनहार था हर्ष: पढ़ने के साथ खेल में भी हमेशा आगे रहता था
    हर्ष पोद्दार पढ़ाई के साथ खेल में भी हमेशा आगे रहता था। वह कपड़ा व्यापारी पिंकेश पोद्दार का बड़ा बेटा था। पिंकेश पोद्दार मूलत: राजस्थान के सीकर के रहने वाले हैं। गुरुवार को हर्ष की अंत्येष्टि की गई। उसकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। अंतिम यात्रा जिधर से भी गुजरी लोगों की आंखें नम हो गई। परिजनों का कहना है कि हर्ष की मौत इंस्ट्रक्टरों की लापरवाही से हुई। इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी तभी हर्ष की आत्मा को शांति मिलेगी।


    परिजन बोले-इंस्ट्रक्टरों पर केस नहीं होगा तो शव नहीं लेंगे
    पुलिस ने गुरुवार सुबह तक किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया था। इससे परिजन नाराज थे। सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद हर्ष के शव को परिजनों ने लेने इंकार कर दिया। परिजनों ने कहा जब तक इंस्ट्रक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती वे शव नहीं लेंगे। परिजनों ने डिप्टी कमिश्नर लीना पाटिल से पूल के इंस्ट्रक्टरों के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की मांग की थी। जब डीसीपी पाटिल ने निष्पक्ष और तत्काल कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया तो परिजन हर्ष का शव लेने को राजी हो गए।


    कापडिया क्लब पर लगा ताला, लोग निकाल ले जा रहे बच्चे
    हर्ष की मौत के बाद कापडिया हेल्थ क्लब पर दो दिनों के लिए ताला लगा दिया गया है। वहीं कुछ लोगों ने अपने बच्चों को क्लब से निकालना शुरू कर दिया है। गुरुवार को एक महिला ने अपने चार बच्चों को क्लब से बाहर निकाल लिया। महिला ने कहा कि अब उसे अपने बच्चों को इस क्लब में तैराकी नहीं सिखानी है। महिला के मुताबिक 2 बच्चों को 16 मई को ही क्लब में तैराकी सिखाने के लिए दाखिल किया था। उसी दिन हर्ष की मौत हो गई। 2 बच्चों को पिछले 1 महीने से क्लब भेज रही थी। चारों बच्चों को वापस ले लिया है।

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    हर्ष की शवयात्रा में हर आंख गमगीन थी।
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    इंस्ट्रक्टर जिनकी मौजूदगी में डूब गया हर्ष
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    मायूस हैं हर्ष के मेडल, ट्रॉफी, स्केट्स
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    कापड़िया क्लब में लगा ताला।
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