--Advertisement--

भगवान जगन्नाथ हुए बीमार तो आ गया उनको बुखार, वैद्य कर रहे देखभाल और इलाज

भगवान जगन्नाथ के रथ तैयार करने में जुटे भक्त, 14 जुलाई को निकलेगी शहर में रथयात्रा

Danik Bhaskar | Jun 30, 2018, 08:22 AM IST
भगवान को स्नान कराते हुए। भगवान को स्नान कराते हुए।

सूरत. देश में जगन्नाथ यात्रा की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। गुरुवार को पूर्णिमा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ को भक्तों ने स्नान कराया। इसके पश्चात शुक्रवार को भगवान के रथ को सजाने में भक्त जुटे रहे। भक्त आनंद मनोहर दास ने बताया कि भगवान भी रुग्ण यानी बीमार होते हैं और उनकी भी चिकित्सा की जाती है। निजी सेवक ही करेंगे उनके दर्शन...


- ज्येष्ट पूर्णिमा को भगवान जगन्नाथ को ठंडे जल से स्नान कराया जाता है। इस स्नान के बाद भगवान को ज्वर (बुखार) आ जाता है इसलिए 15 दिनों तक भगवान जगन्नाथ को एकांत में एक विशेष कक्ष में रखा जाता है। जहां केवल उनके वैद्य और निजी सेवक ही उनके दर्शन कर सकते हैं।

- इन 15 दिनों में मंदिर में जगन्नाथ के अलावा बाकी सभी देवी-देवताओं के दर्शन किए जाते हैं।

- भगवान स्वस्थ होने पर अपने भक्तों से मिलने रथ पर सवार होकर निकलते हैं जिसे जगप्रसिद्ध रथयात्रा कहा जाता है।

14 जुलाई को निकलेगी शहर में रथयात्रा

- रथयात्रा प्रतिवर्ष आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को निकलती है। इस वर्ष 28 जून 2018 ज्येष्ठ पूर्णिमा को भगवान जगन्नाथ का अनवसर सम्पन्न हुआ और अब वे ज्वर से पीड़ित हो रुग्ण हो गए हैं।

- अब 15 दिनों तक वे एकांत कक्ष में निवास करेंगे जहां उनकी चिकित्सा कर उन्हें स्वस्थ किया जाएगा। स्वस्थ होने के उपरांत आषाढ़ शुक्ल द्वितीया 14 जुलाई को वे रथ पर सवार होकर अपने भक्तों से मिलने निकलेंगे जिसे जगप्रसिद्ध रथयात्रा कहते हैं।

- यात्रा रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न जगहों से होते हुए इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। इस दौरान भव्य यात्रा का लाखों लोग दर्शन करेंगे।

भगवान जगन्नाथ के रथ तैयार करने में जुटे भक्त भगवान जगन्नाथ के रथ तैयार करने में जुटे भक्त
कक्ष में विराजमान भगवान और उनके वस्त्र। कक्ष में विराजमान भगवान और उनके वस्त्र।