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सूरत के सिविल अस्पताल में सिसकती रही मानवता, सब तमाशबीन

स्ट्रेचर पड़ा था, फिर भी मरीज को कंधे पर उठाकर लगाने पड़े चार वार्डों के चक्कर।

Danik Bhaskar | Jun 16, 2018, 12:51 PM IST
अस्पताल में भटकता मरीज का भाई। अस्पताल में भटकता मरीज का भाई।
  • सूरत के सिविल अस्पताल में अव्यवस्था की एक बानगी।
  • वह भाई को कांधे पर उठाकर भटकता रहा, कर्मचारी देखते रहे।

सूरत। सिविल अस्पताल में स्ट्रेचर खाली पड़ा हुआ था फिर भी एक व्यक्ति को अपने बीमार भाई को कंधे पर उठाकर चार वार्डों के चक्कर लगाने पड़े। अस्पताल के कर्मचारी देखते रहे पर किसी ने इस व्यक्ति को स्ट्रेचर नहीं दिया। लोग देखते रहे...

लिंबायत निवासी 25 वर्षीय गोवर्धन कुमार तीन दिन पहले घर पर सीढ़ियों से गिर गया था। उसके पैर और हाथ में चोट आई है। निजी अस्पताल में इलाज कराने पर आराम नहीं मिला तो शुक्रवार को उसका छोटा भाई विजय कुमार उसे सिविल अस्पताल लाया गया। दोपहर करीब 1 बजे उसे ट्रॉमा सेंटर में लाया गया। पैर में फैक्चर था, जिससे वह चल नहीं पा रहा था। डॉक्टर ने उसे एक्स-रे कराने के लिए रेडियोलॉजी विभाग में भेज दिया। उसने नर्स और वॉर्ड ब्वॉय से स्ट्रेचर के लिए कहा, लेकिन उसे यह कहकर मना कर दिया गया कि अभी एक भी स्ट्रेचर खाली नहीं है, जबकि लिफ्ट के पास स्टोर रूम के बाहर एक स्ट्रेचर खाली पड़ा हुआ था।

यहां से वहां भटकता रहा

इसके बाद गोवर्धन के छोटे भाई विजय कुमार उसे कंधे पर उठा कर एक्स-रे कराने ले गया। एक्स-रे के बाद उसे ड्रेसिंग कराने के लिए फिर से ट्रॉमा सेंटर ले आया। उसके बाद यहां से उसे फिर रिपोर्ट लाने दूसरे वार्ड और विभाग भेज दिया गया। करीब चार घंटे बीत जाने के बाद गोवर्धन के पैर पर प्लास्टर लगाया गया। सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ने कुल 15 स्ट्रेचर और 5 ह्वीलचेयर हैं, पर इन्हें जिस वार्ड में ले जाते हैं, वहीं छोड़ देते हैं।