100 साल की उम्र में हुई पत्नी की मौत, दो घंटे बाद पति ने भी दे दिए प्राण / 100 साल की उम्र में हुई पत्नी की मौत, दो घंटे बाद पति ने भी दे दिए प्राण

Bhaskar News

May 09, 2018, 08:45 AM IST

रामधुन के साथ निकाली अंतिम यात्रा, कुदरत की इस लीला को देखने उमड़ पड़े शहरवासी

कुदरत की इस लीला को निहारने के लिए अंतिम यात्रा में ग्रामीण उमड़ पड़े। कुदरत की इस लीला को निहारने के लिए अंतिम यात्रा में ग्रामीण उमड़ पड़े।

खंभात (आणंद जिला/गुजरात). आणंद जिले के नगरा गांव में शतायु (100 वर्ष की आयु) मिस्त्री दंपती में से रविवार को पत्नी की मौत हो गई। पत्नी की मौत के दो घंटे बाद ही पति ने भी दम तोड़ दिया। कुदरत की इस लीला से ग्रामीण दंग रह गए। सोमवार को ग्रामीणों ने दोनों की अंतिम यात्रा निकाल पूरे सम्मान के साथ अंत्येष्टि की।

- जिले के खंभात तहसील के नगरा गांव के चंपकभाई का जन्म 20 मई 1014 को जबकि पत्नी कमलाबेन का जन्म 12 जुलाई 1916 को हुआ था। 1936 में दोनों की शादी हुई थी।

- चंपकभाई पांचवीं कक्षा तक पढ़े थे। बाप-दादा का पुश्तैनी धंधा लुहारी और खेती-किसानी करके परिवार का गुजर-बसर करते थे।

- चंपकभाई की संतानों में तीन पुत्र और एक पुत्री है।

रामधुन के साथ अंतिम यात्रा निकली

- उन्होंने अंग्रेजों का शासन, भयंकर अकाल, 1975 का आपातकाल, भूकंप और महंगाई को अपनी आंखों से देखा।

- हर संकट को झेलते हुए पति-पत्नी ने 100 साल की उम्र पूरी की। 81 साल तक दांपत्य जीवन एक साथ में गुजारा।

- रविवार को रात 11.00 बजे कमलाबेन की माैत हो गई। पत्नी की मौत की खबर सुनने के दो घंटे बाद ही चंपकभाई जीवन की पुरानी यादों को याद करते हुए दुनिया को अलविदा कह दिया।

- कुदरत ने आखिरी क्षणों तक दोनों को एक साथ रखा और एक साथ ही ऊपर बुला लिया। कुदरत की इस लीला को देखकर ग्रामीण दंग रह गए।

- ग्रामीणों ने शतायु दंपती को सम्मान देते हुए रामधुन के साथ अंतिम यात्रा निकालकर अंत्येष्टि की।

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कुदरत की इस लीला को निहारने के लिए अंतिम यात्रा में ग्रामीण उमड़ पड़े।कुदरत की इस लीला को निहारने के लिए अंतिम यात्रा में ग्रामीण उमड़ पड़े।
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