Hindi News »Gujarat »Surat» Innocent To Excess

मासूम से दुष्कर्म: पीड़ित परिवार को धमकी, मदद से पुलिस का इंकार

न्याय की आस, तीन महीने पहले किशोर ने बच्ची से किया था दुष्कर्म, पति-पत्नी दोनों आंशिक दिव्यांग।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 19, 2018, 01:50 PM IST

मासूम से दुष्कर्म: पीड़ित परिवार को धमकी, मदद से पुलिस का इंकार

सूरत। शहर में कानून व्यवस्था की हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद 17 साल का आरोपी पीड़ित परिवार के घर जाकर बच्ची को फिर से उठा ले जाने की धमकी देकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। वहीं पुलिस इस मामले में पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के बजाय बच्चों को घर से कहीं और भेजने की सलाह दे रही है। थक हार कर पीड़ित मां-बाप ने अपने तीन बच्चों को गुरुवार को आश्रम में भेजने का निर्णय लिया है।नाबालिग आरोपी जमानत पर छूटा…

बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी भी नाबालिग है इसलिए वह जमानत पर बाहर है और अब परिवार को धमका रहा है। यही नहीं आरोपी के घर वाले बच्ची के भाइयों को मारने की धमकी दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल बिहार के आरा जिले का परिवार 10 साल से पांडेसरा में है। परिवार में पति-पत्नी के अलावा 11 और 9 साल के दो बेटे और 6 साल की बेटी है। पत्नी को कम दिखाई देता है, जबकि पति आंशिक रूप से विकलांग हैं, जिन्हें बोलने में दिक्कत है। गरीब परिवार 10 बाई 10 के कमरे में किराए पर रहता है।

क्या कहते हैं मासूम के पिता

पिता का कहना है कि 10 जनवरी को उसी क्षेत्र में रहने वाले 17 साल के किशोर ने 6 साल की बेटी को चॉकलेट का लालच देकर अपने साथ ले गया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची को टॉर्चर भी किया। बाद में मामले की जानकारी हुई तो पिता ने आरोपी किशोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और आरोपी गिरफ्तार भी हुआ। आरोपी नाबालिग होने के कारण जमानत पर छूट गया। पिता का कहना है कि आरोपी छूटने के बाद उनके घर आया और बच्ची को फिर से उठा ले जाने की धमकी दी। यही नहीं किशोर की धमकी के सवा महीने बाद उसके रिश्तेदार घर जाकर केस वापस लेने की धमकी दी। अगर केस वापस नहीं लिया तो बच्चों को मारने की धमकी दी। पिता ने पांडेसरा पुलिस को इसकी जानकारी देते हुए आरोपियों से सुरक्षा गुहार लगाई। क्योंकि असहाय परिवार खुद और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भयभीत था।

पुलिस का गैर जिम्मेदाराना रवैया

पिता का कहना है कि उनके पास पुलिस के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। इसलिए उन्होंने आरोपियों की धमकी से बचने के लिए पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उन्होंने सुरक्षा देने या फिर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह उन्हें ही सलाह दे दी कि वह बच्चों को कहीं और हटा दें। उसके बाद वह काफी डर गए।

आस-पास के लोगों ने की मदद

पुलिस द्वारा सहयोग देने से इनकार करने के बाद आस-पास के लोगों ने उनकी मदद की। एक एजेंसी की मदद से परिवार के तीनों बच्चों को एक आश्रम में रखने का निर्णय लिया गया। गरीब माता-पिता ने भी बच्चों की सुरक्षा के लिए दिल पर पत्थर रखकर बच्चों को आश्रम में रखने को तैयार हो गए। गुरुवार को बच्चों को आश्रम में ले जाया जाएगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Surat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×