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एयरफोर्स का विमान हुआ क्रैश, पायलट नेन बस्ती पर न गिरे इसलिए लास्ट समय तक सीट पर ही बैठे रहे ये एयर कोमोडोर

कच्छ में एयरफोर्स का जगुआर विमान क्रैश, एयर कोमोडोर की मौत

Bhaskar News | Last Modified - Jun 06, 2018, 06:27 AM IST

  • एयरफोर्स का विमान हुआ क्रैश, पायलट नेन बस्ती पर न गिरे इसलिए लास्ट समय तक सीट पर ही बैठे रहे ये एयर कोमोडोर
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    तकनीकी खराबी या पक्षी टकराना हो सकती है विमान के हादसे की वजह

    भुज (सूरत).वायुसेना का एक जगुआर लड़ाकू विमान मंगलवार को गुजरात के कच्छ जिले के बरेजा गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जगुआर को उड़ा रहे जामनगर वायुसेना स्टेशन के एयर ऑफिसर एयर कोमोडोर संजय चौहान की मौत हो गई। भुज से मुंदरा जा रहे मार्ग पर एयर कोमोडोर संजय चौहान विमान टूटने के दौरान चेयर इजेक्ट कर पैराशूट के जरिए अपनी जान बचा सकते थे, लेकिन ऐसा करने पर विमान बस्ती के ऊपर गिर सकता था। उन्होंने जनहानि को बचाने के लिए सीट नहीं छोड़ी और अपनी जान दे दी। संजय चौहान उत्तरप्रदेश के लखनऊ के रहने वाले थे। वायुसेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट मनीष ओझा ने बताया कि फाइटर जेट ने सुबह 10:30 बजे जामनगर वायुसेना स्टेशन से नियमित प्रशिक्षण उड़ान भरी थी।

    वायुसेना मुख्यालय ने हादसे के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया है। जेट का मलबा दूर-दूर तक बिखर गया। स्थानीय लोगों के अनुसार मलबे की चपेट में आने से कुछ गायों की मौत हुई है। हादसे के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।

    - तकनीकी खराबी या पक्षी टकराना हो सकती है विमान के हादसे की वजह
    - जगुआर का मलबा दूर-दूर तक बिखरा, इससे कुछ गायों की भी हो गई मौत
    - असम में मार्च में एयरक्राफ्ट क्रैश होने से एयरफोर्स के दो पायलट की हो गई थी मौत।

    काफी अनुभवी थे संजय चौहान, वायु सेना मेडल भी मिल चुका था

    -2010 में वायु सेना मेडल से सम्मानित एयर कोमोडोर संजय चौहान सीनियर अधिकारी थे। वे स्टेशन कमांडर थे।

    - एयर कोमोडोर रैंक आर्मी की ब्रिगेडियर रैंक के बराबर होती है। संजय मिग-21, हंटर, बोइंग 737 समेत 17 प्रकार के एयरक्राफ्ट उड़ा चुके थे।

    - उन्हें रफाल, ग्रिपेन जैसे आधुनिक विदेशी जेट्स उड़ाने का भी खासा अनुभव था। चौहान एयरफोर्स के फाइटर स्ट्रीम में 16 दिसंबर 1989 को कमिशन्ड हुए थे।

    - उन्हें 3800 घंटे फाइटर विमान उड़ाने का अनुभव था। जगुआर विमान क्रैश होने के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।

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    असम में मार्च में एयरक्राफ्ट क्रैश होने से एयरफोर्स के दो पायलट की हो गई थी मौत।
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