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कोमल शरीर पर पड़े फफोलों को देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए थे, कार में लॉक होने से हुई थी मौत

सूरत में रहने वाले विराज (4) और हेलीश (5) की मौत के तीन दिन बाद भी उनके परिजन सदमे से उबर नहीं पाए हैं।

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 05:17 PM IST
घर के बाहर बैठते हैं रिश्तेदार, क्योंकि घर में जाते ही बच्चों का यादें उन्हें रुला देती हैं घर के बाहर बैठते हैं रिश्तेदार, क्योंकि घर में जाते ही बच्चों का यादें उन्हें रुला देती हैं

सूरत (गुजरात). डिंडोली के मानसी रेजिडेंसी में रहने वाले विराज (4) और हेलीश (5) की मौत के तीन दिन बाद भी उनके परिजन सदमे से उबर नहीं पाए हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि दोनों बच्चे अब नहीं रहे। उनके माता-पिता की हालत अभी भी ठीक नहीं है। घरवालों को संदेह है कि उनके बच्चों की मौत नहीं हुई है, बल्कि हत्या की गई है। पुलिस ने अब मर्डर के एंगल से जांच शुरू की है। बता दें कि सोमवार शाम खेलते-खेलते दोनों बच्चे एक अनलॉक कार में जा बैठे। जिसके तुरंत बाद कार लॉक हो गई। करीब 6 घंटे लॉक रहने के बाद दोनों मृत अवस्था में बाहर निकाले गए। दम घुटने से दोनों की मौत हुई थी। घर घुसते ही रुला देती हैं यादें...

- तीन दिन बाद भी हालात ऐसे हैं कि परिजन घर के बाहर बैठते हैं। क्योंकि घर में जाते ही उन्हें बच्चों की यादें रुला देती हैं।
- जानकारी के मुताबिक, कार रखने वाले जयेंद्र ठाकोर भाई से पूछताछ की गई है। उसने बताया कि कार उसके दोस्त की है। अब पुलिस उसके दोस्त से भी पूछताछ करेगी।

क्या हुआ था उस दिन ?
- सोमवार दोपहर करीब 12 बजे विराज और हेलीश नमकीन-सेव लेने घर से निकले थे। लेकिन जब दोनों घर नहीं लौटे, तो परिजनों और सोसाइटी वालों ने उन्हें ढूंढना शुरू कर दिया।
- शाम को पता चला कि घर से कुछ दूरी पर खड़ी एक कार में दोनों बंद हैं। शीशा तोड़कर देखा तो दोनों बेसुध मिले। लोग फौरन हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टरों ने बच्चों को डेड डिक्लेयर कर दिया।
- विराज और हेलीश के कोमल शरीर पर पड़े फफोलों और जलने के निशान देखकर वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए थे।

वो कार, जिसमें विराज और हेलीश की दम घुटने से मौत हो गई थी वो कार, जिसमें विराज और हेलीश की दम घुटने से मौत हो गई थी
अस्पताल ले जाने के दौरान अस्पताल ले जाने के दौरान
कार का शीशा तोड़कर बच्चों को निकालने वाले संतोष बारिया कार का शीशा तोड़कर बच्चों को निकालने वाले संतोष बारिया
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घर के बाहर बैठते हैं रिश्तेदार, क्योंकि घर में जाते ही बच्चों का यादें उन्हें रुला देती हैंघर के बाहर बैठते हैं रिश्तेदार, क्योंकि घर में जाते ही बच्चों का यादें उन्हें रुला देती हैं
वो कार, जिसमें विराज और हेलीश की दम घुटने से मौत हो गई थीवो कार, जिसमें विराज और हेलीश की दम घुटने से मौत हो गई थी
अस्पताल ले जाने के दौरानअस्पताल ले जाने के दौरान
कार का शीशा तोड़कर बच्चों को निकालने वाले संतोष बारियाकार का शीशा तोड़कर बच्चों को निकालने वाले संतोष बारिया
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