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बेटी ने फोन पर कहा-मम्मी जल्दी पैसे लेकर आओ, मैम ने फिर बंद कर दिया है

स्कूल ने दूसरे दिन भी 50 बच्चों को क्लास से निकाल अलग कमरे में बैठाया।

Danik Bhaskar | Apr 14, 2018, 02:03 PM IST
स्कूल में किया हंगामा। स्कूल में किया हंगामा।

सूरत। लांसर्स आर्मी स्कूल ने दूसरे दिन शुक्रवार को भी फीस नहीं भरने के कारण 50 बच्चों को अलग कमरे में बैठा दिया। अभिभावक जावेद परमार ने कहा कि उनकी बच्ची ने घर पर फोन करके कहा कि मम्मी जल्दी पैसे लेकर आओ, मैम ने आज फिर कमरे में बंद कर दिया है। फीस भरो, तभी पढ़ाएंगे...

जावेद परमार ने जब जब स्कूल में फोन किया तो उनसे कहा गया कि फीस भरो दो, तब ही पढ़ाया जाएगा। परमार ने बताया कि उनकी बच्ची कक्षा 7 में पढ़ती है। वह सुबह स्कूल गई तो उसे कक्षा से बाहर निकालकर अलग कमरे में बैठा दिया गया। उस कमरे में न लाइट थी, न पंखा। बच्ची ने बताया कि मैं फीस का चेक घर से लाना भूल गई हूं। उसने घर पर फोन कर कहा कि मम्मी फीस लेकर जल्दी आओ। परमार ने बताया कि मेरी पत्नी ने मुझे फोन किया तो मैं घबरा गया और तुरंत स्कूल पहुंचा। मैंने शिक्षिका से विनती की कि मुझे मेरी बच्ची से मिलने दो, लेकिन इस्सक नामक शिक्षिका ने कहा कि मिलना नहीं है बच्ची को घर ले जाओ। स्कूल ने गुरुवार को भी 100 बच्चों को अलग कमरे बैठा दिया था। इस बात को लेकर 150 अभिभावकों ने हंगामा भी किया था। स्कूल मैनेजमेंट से इस बारे में बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

नाराजगी: 30 पैरेंट्स थाने पहुंचे एफआईआर कराने

फीस विवाद में 30 अभिभावकों ने शुक्रवार को पहले एफआरसी में शिकायत की। वहां सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन मिला। उसके बाद अभिभावकों ने शाम 6 बजे जिला कलेक्टर से स्कूल की शिकायत की। शाम 6:30 बजे अभिभावक स्कूल के खिलाफ शिकायत करने उमरा पुलिस स्टेशन पहुंचे। अभिभावकों ने कहा कि अगर स्कूल नहीं मानें तो हम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। एक अभिभावक ने कहा कि स्कूल ने कहा कि बच्चे को ले जाना है, तो ले जाओ।

शिकायत: 9वीं बच्ची ने एफआरसी को लिखा पत्र

अभिभावकों के साथ शुक्रवार को कई बच्चे भी एफआरसी के अधिकारिओं से शिकायत करने पहुंचे। शुक्रवार को पहली बार एक बच्ची ने एफआरसी को पत्र लिखा। बच्ची ने अपने पत्र में लिखा- मैं 9वीं कक्षा में पढ़ती हूं। मेरी दो छोटी बहनें भी उसी स्कूल में 6वीं और 7वीं में पढ़ती हैं। मैंने मैम से कहा कि अपने पापा को बुलाकर घर चली जाती हूं, तो उन्होंने मना कर दिया। हमें रूम से बाहर भी नहीं निकलने दिया। छेताली मैम ने कहा कि फीस भरो, नहीं तो टीसी लेकर घर जाओ।


अभिभावक पहुंचे स्कूल। अभिभावक पहुंचे स्कूल।