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सगी मां को तलाशने बेटी स्वीडन से चली आई सूरत

घर-घर सफाई काम करने वाली मां ने लाचार होकर मुझे नारी निकेतन में रख दिया था।

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 05:00 PM IST
लाचारीवश मां ने मुझे नारी निकेतन में छोड़ दिया था। लाचारीवश मां ने मुझे नारी निकेतन में छोड़ दिया था।

सूरत। बालीवुड फिल्म की स्टेारी की तरह एक घटना यहां प्रकाश में आई है, जिसमें एक बेटी अपनी सगी मां को तलाशने स्वीडन से सूरत चली आई है। जब उसे पता चला कि उसकी माता ने किसी लाचारी के कारण उसे नारी निकेतन में छोड़ दिया था। जहां से पालक दम्पति ने उसे गोद ले लिया था। मां को तलाशने में पालक दम्पति की सहमति…

स्वीडन में रहने वाली किरण नाम की यह युवती अपनी सगी मां को तलाशने सूरत आई है। उसने बताया कि उसे जन्म देने वाली मां का नाम इंदीबेन है। मां घर-घर में सफाई का काम करती थी। गरीबी के कारण मां ने मुझे घुड़दौड़ रोड पर स्थित नारी निकेतन में छोड़ दिया था। यह बात 1985 की है। दो साल बाद एक कपल ने मुझे दत्तक ले लिया। कुछ समय बाद वे भारत छोड़कर स्वीडन में बस गए।

मां की खोज में दोस्त का साथ

किरण ने बताया कि पालक परिवार ने मुझे बहुत ही लाड़-प्यार से पाला-पोसा। मेरी सभी जरूरतें पूरी की। इसके बाद भी एक कसक रह गई कि मुझे जन्म देने वाली मां आखिर कौन होगी? बस इसी एक विचार ने मुझे भारत के इस सूरत शहर में आने के लिए मजबूर कर दिया। यह मेरा दूसरा प्रयास है, इसके पहले भी मैं मां को तलाशने भारत आ चुकी हूं। इस काम में मुझे मेरे दोस्त मेरा साथ दे रहे हैं। मुझे नीदरलैंड की अगेंस चाइल्ड ट्राफिकिंग संस्था का सहयोग मिला, जिससे सूरत आने का कार्यक्रम बना।

मेरे पालकों की सहमति

मैं अपनी सगी मां को तलाशने आई हूं। इसके लिए मैंने अपने अभिभावकों से सहमति ले ली है। मैंने घुड़दौड रोड पर मां जहां काम करती थी, वहां जाकर उसके बारे में पता लगाने की कोशिश की, पर अभी तक कामयाबी हाथ नहीं आई है। इसके लिए मैंने पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा से भी सहायता मांगी है। मुझे विश्वास है कि मैं अपने मिशन में कामयाब हो जाऊंगी।

पालक परिवार ने बड़े लाड़-प्यार से मुझे पाला। पालक परिवार ने बड़े लाड़-प्यार से मुझे पाला।
मां को तलाशने में दोस्त का साथ। मां को तलाशने में दोस्त का साथ।
सगी मां को तलाशने के लिए पालक परिवार की सहमति। सगी मां को तलाशने के लिए पालक परिवार की सहमति।
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लाचारीवश मां ने मुझे नारी निकेतन में छोड़ दिया था।लाचारीवश मां ने मुझे नारी निकेतन में छोड़ दिया था।
पालक परिवार ने बड़े लाड़-प्यार से मुझे पाला।पालक परिवार ने बड़े लाड़-प्यार से मुझे पाला।
मां को तलाशने में दोस्त का साथ।मां को तलाशने में दोस्त का साथ।
सगी मां को तलाशने के लिए पालक परिवार की सहमति।सगी मां को तलाशने के लिए पालक परिवार की सहमति।
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