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स्टूडेंट्स को दिया जा रहा नया ज्ञान : सीता का अपहरण राम ने किया

भाजपा की रामायण पर महाभारत।

Danik Bhaskar | Jun 02, 2018, 02:11 PM IST
फाइल फोटो फाइल फोटो

गांधीनगर. गुजरात राज्य पाठ्य पुस्तक बोर्ड (जीएसएसटीबी) द्वारा संस्कृत की 12वीं की पुस्तक में “सीता का अपहरण राम ने किया’ छपने पर विवाद शुरू हाे गया है। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। कांग्रेस ने हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और भाजपा से माफी मांगने की मांग की है। वहीं, भाजपा कांग्रेस पर “मुंह में राम बगल में छूरी’ का आरोप लगा रही है।

पाठ्य पुस्तक बोर्ड ने अनुवादक और प्रूफ रीडर को ठहराया जिम्मेदार

जीएसएसटीबी ने इसे अनुवाद की गलती बताते हुए जांच का आदेश दिया है। जीएसएसटीबी गांधीनगर के कार्यकारी अध्यक्ष नीतिन पेथाणी ने दावा किया कि ‘त्याग’ शब्द का गलत अनुवाद किया गया है। यह गलती अनुवादक और प्रूफ रीडर की है। दोषी पाए जाने पर अनुवाद और प्रूफ रीडिंग की जिम्मेदारी लेने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। हम स्कूल शिक्षकों को इस गलती की जानकारी दे देंगे ताकि वे पढ़ाने के दौरान इसे सही कर लें।

यह लिखा है पुस्तक में...

किताब के एक पैराग्राफ के मुताबिक कवि ने श्रीराम के चरित्र का खूबसूरती से बखान किया है। लक्ष्मण के उस संदेश को दिल छू लेने वाले अंदाज में पेश किया गया है, जिसमें वह राम को राम द्वारा सीता के अपहरण के बारे में बताते हैं। यह पाठ कवि कालीदास की रचना ‘रघुवंशनम’ पर आधारित है।

भाजपा के लिए श्रीराम सत्ता की कुर्सी हासिल करने का साधन : कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा कि भाजपा के लिए भगवान श्री राम सत्ता हासिल करने का साधन हैं। प्रूफ रीडर की गलती के नाम पर पूरी घटना को दबाने की भाजपा की नीति कितना उचित है? करोड़ों हिन्दुओं की भावना से खिलवाड़ करने वाले मुख्यमंत्री और भाजपा समाज से माफी मांगें।

कांग्रेस की विचारधारा के अनुसार श्रीराम का अस्तित्व ही नहीं : भाजपा

भाजपा प्रवक्ता भरत पंड्या ने कहा कि इस लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का पाठ्य पुस्तक बोर्ड ने निर्णय लिया है। कांग्रेस की विचारधारा के अनुसार श्रीराम का अस्तित्व ही नहीं है। उसने यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में पेश किया था। उस समय कांग्रेस को हिन्दुओं की भावनाओं का ख्याल नहीं था।

यूपी के डिप्टी सीएम शर्मा ने दिया ज्ञानः सीता टेस्ट ट्यूब से पैदा हुई थीं

मथुराः लगता है कि भाजपा अब देश को नई रामायण पढ़ाने में लगी है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के बाद अब उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने अजीब बयान दिया है। शर्मा ने कहा कि सीता जी टेस्ट ट्यूब बेबी से पैदा हुई थीं। उन्होंने कहा कि रामायण काल में माता सीता का जन्म एक मिट्‌टी के बर्तन यानी कि घड़े से हुआ था। यानी कि रामायण काल में टेस्ट ट्यूब बेबी की तकनीक अस्तित्व में थी। शर्मा ने ये बातें मथुरा में आयोजित एक कार्यक्रम में कही। दिनेश शर्मा ने नारद को पहला पत्रकार भी बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की शुरुआत आधुनिक काल नहीं, बल्कि महाभारत काल से चली आ रही है। नारद उस समय के पत्रकार थे, जो यहां की बात वहां पहुंचाते थे।

परमाणु बम उस समय का ब्रह्मास्त्र था, गणेश जी का हुआ था हेड ट्रांसप्लांट

महाभारत काल पर उपदेश देते हुए दिनेश शर्मा ने दावा किया कि गुरुत्वाकर्षण शक्ति, प्लास्टिक सर्जरी और परमाणु की खोज भारत में हुई थी। हाल का एटम बम उस समय का ब्रह्मास्त्र था। इस प्रकार गणेशजी के सिर की जगह हाथी का सिर लगाना हेड ट्रांसप्लांट था। इसी श्रेणी में संजय और घृतराष्ट्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उस समय लाइव टेलीकास्ट होता था। हस्तिनापुर से बैठे-बैठे संजय कुरुक्षेत्र में हो रहे महाभारत युद्ध की जानकारी घृतराष्ट्र को दे रहे थे।

पीएम मोदी ने भी कहा था कि गणेश जी की हुई थी पहली प्लास्टिक सर्जरी

अक्टूबर 2014 में मुंबई में मेडिकल प्रोफेशनल्स को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि गणेशजी का सिर हाथी का होना यह संसार की पहली प्लास्टिक सर्जरी थी। यह तकनीक इंडिया में प्राचीन काल में भी थी। मोदी ने महाभारत काल के कर्ण के जन्म की तुलना हाल के स्टेम सेल टेक्नोलॉजी से की थी। उन्होंने कहा था कि कर्ण ने माता कुंती की कोख से जन्म नहीं लिया था। उनके अनुसार उनका जन्म स्टेम सेल तकनीक से होने जैसा था।