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इकलौते बेटे की बेरुखी से माता पिता ने पी लिया जहर, पास रहकर भी 4 साल से नहीं थी बोलचाल

सास-बहू में अक्सर होता रहता था झगड़ा, इसलिए बेटे ने माता-पिता को कर दिया अलग

Bhaskar News | Last Modified - May 01, 2018, 02:57 AM IST

  • इकलौते बेटे की बेरुखी से माता पिता ने पी लिया जहर, पास रहकर भी 4 साल से नहीं थी बोलचाल
    माता पिता दोनों वेंटिलेटर पर हैं। इनसेट में 38 साल का बेटा।

    सूरत.इकलौता बेटा बगल में रहने के बावजूद अपने माता-पिता से पिछले चार साल से बातचीत ही नहीं कर रहा है। अकेलेपन से परेशान माता-पिता ने सोमवार सुबह करीब 7 बजे जहर पीकर जान देने की कोशिश की। दोनों स्मीमेर अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बुजुर्ग दंपती ने किस कारण से जहर पीकर जान देने की कोशिश की। पुलिस इसकी जांच कर रही है। ये था मामला...

    - वराछा इलाके स्थित रूपा अपार्टमेंट में रहने वाले 68 वर्षीय कीर्ति भीमभाई देसाई और उनकी पत्नी 66 वर्षीय धर्मिष्ठा देसाई का इकलौता बेटा धवल देसाई चार साल पहले उनके साथ ही रहता था।

    - पारिवारिक झगड़े के कारण धवल ने दोनों को अपने से अलग कर दिया। इसके बाद माता-पिता बगल में स्थित दूसरे फ्लैट में रहने लगे। तब से उनमें बातचीत बंद है।

    - ऐसा कहा जा रहा है कि काफी समय से अकेले रह रहे कीर्तिभाई और धर्मिष्ठा जीवन से निराश हो चुके थे, इसलिए यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

    कॉकरोच मारने की दवा पी तो कुछ ही देर में हुई हालत खराब

    - कीर्ति भीमभाई देसाई और उनकी पत्नी धर्मिष्ठा देसाई ने सोमवार सुबह जब अपने घर में कॉकरोच मारने की दवा पी तो कुछ ही देर में दोनों की हालत खराब होने लगी।

    - जहर पीने के बाद धर्मिष्ठा देसाई जोर-जोर से चीखने लगीं। चीख सुनकर बगल के फ्लैट में रहने वाला बेटा धवल देसाई दौड़कर आया तो देखा कि माता-पिता के मुंह से झाग निकल रहा है।

    - धवल ने दोनों को तत्काल स्मीमेर अस्पताल पहुंचाया। दोनों की हालत देखकर डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें आईसीयू में दाखिल कर इलाज शुरू कर दिया।

    बेटा नहीं देता था खर्च किराये के पैसे से कर रहे थे गुजारा

    - कीर्ति भाई पहले एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट की नौकरी करते थे। नौकरी के दौरान उन्होंने एक फ्लैट में अपना पैसा इन्वेस्ट कर दिया था। उसी फ्लैट के किराये से उनका और उनकी पत्नी का खर्च चलता है।

    - पिछले कई वर्षों से उनका बेटा उनका कोई सहयोग नहीं कर रहा था। कुछ समय पहले कीर्तिभाई की पत्नी के घुटने का ऑपरेशन हुआ, जिसमें काफी पैसा खर्च हो गया था।

    - बेटे ने इसमें भी मदद नहीं की थी। दोनों किस हालत में गुजर-बसर कर रहे हैं, उनका इकलौता बेटा यह भी देखने कभी नहीं जाता था।

    ...और बेटा बोला- वो कैसे जी रहे थे, चार साल से नहीं पता

    - कीर्तिभाई और धर्मिष्ठा का 38 वर्षीय बेटा धवल देसाई इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। धवल ने बताया कि चार साल पहले जब मैं और मेरी पत्नी माता-पिता के साथ रहते थे, तो रोज किसी न किसी बात को लेकर मां और मेरी पत्नी के बीच झगड़ा होता रहता था।

    - मैं जब रोज शाम को काम पर से घर लौटकर आता था, तो दोनों के झगड़े से परेशान हो जाता था। झगड़ा होना रोज का नियम बन गया था। रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर मैंने और मेरे पिता ने फैसला किया कि हमें साथ नहीं रहना चाहिए।

    - उसके बाद मैंने अपने माता-पिता को अलग कर दिया। दोनों मेरे घर के बगल में ही दूसरे घर में रहते हैं। अलग होने के बाद मैं उनसे कोई वास्ता नहीं रखता था। उनके किसी काम में मैं और मेरी पत्नी शामिल नहीं होते थे।

    - मेरी मां की तबीयत हमेशा खराब रहती है। काफी दिनों से उनका इलाज चल रहा था। दोनों ने किस कारण से आत्महत्या का कदम उठाया, इसके बारे में मुझे कुछ भी नहीं पता। पुलिस जांच कर रही है, मुझसे जो भी सवाल पूछेगी उसका जवाब दूंगा।

    डॉक्टर बोले: जहर का असर ज्यादा 48 घंटे बाद ही हो पाएगी रिकवरी

    - स्मीमेर अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि जहर ज्यादा पीने से दोनों की हालत क्रिटिकल है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है, इसलिए वेंटिलेटर पर रखा गया है।

    - 24 घंटे बाद ही दोनों की हालत के बारे में कुछ कहा जा सकता है। अभी उनकी हालत के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता।

    - जहर पीने वाले व्यक्ति की हालत कब खराब हो जाए इसकी कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही खतरे से खाली नहीं है।

    - मरीजों की रिकवरी 48 घंटे बाद ही हो पाएगी। बुजुर्ग होने के कारण जहर का असर तेज हुआ है।

    दोनों बेहोश, बयान नहीं ले सकते

    - मामले की जांच कर रहे वराछा पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर सागर प्रधान ने बताया कि दोनों मरीज चेतन अवस्था में नहीं हैं।

    - ऐसी हालत में उनका बयान नहीं लिया जा सकता। अभी दोनों बोलने की स्थिति में नहीं हैं।

    - जहर का असर दिमाग पर होता है, इसलिए 24 घंटे के पहले उनका बयान लेना ठीक नहीं होगा। उनके बयान के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि जहर पीने के पीछे का क्या कारण है?

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