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216 Kg सोने से हो रहा इस मंदिर का सौदर्यकरण, 19 पीढ़ियों से एक ही परिवार कर रहा है पूजा

72 पिलर को सोने से मढ़ने का काम शुरू किया गया है।

Danik Bhaskar | Apr 25, 2018, 05:13 AM IST
सोमनाथ मंदिर सोमनाथ मंदिर

जूनागढ(सूरत). सोमनाथ मंदिर के गर्भ गृह को सोने से मढ़ने के बाद अब उसके 72 पिलर को सोने से मढ़ने का काम शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत सबसे पहले 10 पिलर्स सोने से मढ़े जाएंगे। 2 पिलर को सोने से मढ़ने का काम पूरा हो गया है। आठ पिलर पर सोना मढ़ने का काम दिल्ली की अंबा लक्ष्मी ज्वेलर्स द्वारा किया जा रहा है। हर पिलर की माप लेने के बाद उसमें ओम, स्वस्तिक, दीया, कलश, त्रिशूल जैसे चिन्ह बनाए जा रहे हैं। एक पिलर में 3 किलो सोना लगा है। छह किलो सोने से दो पिलर मढ़े गए हैं। ये किस्सा भी है फेमस...

- ये मंदिर अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। इसे लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। यह भी कहा जाता है कि शिवलिंग का निर्माण एक ही रात में हुआ था।

- यहां 19 पीढ़ियों से एक ही परिवार पूजा-पाठ कर रहा है। इसे उत्तर भारत का 'सोमनाथ मंदिर' भी कहा जाता है।

- भोजपुर के शिव मंदिर के साथ एक रोचक किस्सा जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि एक बार जब राजा भोज कुष्ठ रोग से पीड़ित हुए, तो वैद्य ने उनके इलाज के लिए अनूठा उपाय बताया। उन्हें कहा गया कि अगर वे 9 नदियों और 99 धाराओं के संग्रहित जल से स्नान करेंगे तो शीघ्र ही स्वस्थ हो जाएंगे।

- राजा भोज ने आदिवासी कालिया के सहयोग से जो विशाल जलाशय बनवाया था उसमें 9 नदियों का पानी भरा गया था।

सोमनाथ मंदिर से जुड़े किस्से

- सोमनाथ मंदिर हिंदू-धर्म के उत्थान और पतन का प्रतीक रहा है। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगो में सबसे पहले ज्योतिर्लिंग के रूप में माना जाने वाला सोमनाथ मंदिर कई बार तोड़ा और बनाया गया।
- सोमनाथ मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चंद्रदेव ने करवाया था, जबकि वर्तमान भवन के पुनर्निमाण की शुरुआत आजादी के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने करवाया और फिर इसे 1995 में भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल सिंह ने इस राष्ट्र को समर्पित किया।
-ऐसी मान्यता है कि सोमनाथ मंदिर ही वही जगह है जहां श्रीकृष्ण ने देहत्याग किया था।