विज्ञापन

पेट्रोल पंप पर काम करेंगे सेंट्रल जेल के कैदी, हवलदार और कांस्टेबल करेंगे उनकी निगरानी / पेट्रोल पंप पर काम करेंगे सेंट्रल जेल के कैदी, हवलदार और कांस्टेबल करेंगे उनकी निगरानी

Bhaskar News

Jun 16, 2018, 10:54 AM IST

जागरूकता: रोज 16 घंटे दो शिफ्ट में करेंगे काम : कैदियों को दी जाएगी काम करने की ट्रेनिंग।

Prisoner of Central Jail will work on petrol pump
  • comment
  • प्रदेश का पहला पेट्रोल पंप होगा जिस पर कैदी काम करेंगे।
  • 10 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को खर्च के रूप में देंगे।

वडोदरा. प्रदेश में पहली बार वडोदरा के सेंट्रल जेल के कैदी पेट्रोल पंप पर काम करेंगे। तेलंगाना के बाद गुजरात के वडोदरा शहर में कैदी पेट्रोल पंप पर काम करेंगे। पेट्रोल पंप पर कैदियों के काम से होने वाली आय का 90 प्रतिशत हिस्सा वेल्फेयर फंड में जमा होगा। जबकि 10 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को खर्च के रूप में देंगे। वडोदरा सहित प्रदेश के अन्य पांच शहरों में कैदियों के लिए इस प्रकार की योजना शुरू करके उनके परिवार के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। सजा काट रहे कैदियों के लिए है ये योजना...

- जानकारी के अनुसार वडोदरा में साेमा तालाब ब्रिज से उतरने के बाद तरसाली की ओर जानेवाले रास्ते पर स्थित पेट्रोल पंप पर सेंट्रल जेल के कैदी काम करेंगे।

- वडोदरा सेंट्रल जेल के सुप्रिन्टेंडेंट वीआर पटेल ने बताया कि जेल में सजा काट रहे कैदियों के लिए यह योजना शुरू की गई है। पेट्रोल पंप से होने वाली आय कैदियों के वेल्फेयर फंड में उपयोगी होगी। सरकारी ग्रांट पर निर्भर नहीं होना होगा। वेल्फेयर फंड का उपयोग कैदियों के इलाज, चश्मा, दवा आदि पर खर्च होगा।

- यह प्रदेश का पहला पेट्रोल पंप होगा जिस पर कैदी काम करेंगे। सुबह 7.00 बजे से रात 11.00 बजे तक 16 घंटे दो शिफ्टों में कैदी यहां काम करेंगे। इस दौरान एक हवलदार और तीन कांस्टेबल को उनकी सुरक्षा में तैनात किया जाएगा।

कैदियों को दी जाएगी काम करने की ट्रेनिंग

- कैदियों को पेट्रोल फिलिंग, स्वाइप कार्ड, पेट्रोल का रिकॉर्ड और गाड़ियों में हवा भरने की ट्रेनिंग देकर काम करने के लिए तैयार किया जाएगा। इसके बाद कैदी दो शिफ्ट में पेट्रोल पंप पर आठ घंटे काम करेंगे।

- जेल से रिहा होने के बाद कैदियों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा ताकि उन्हें रोजगार मिल सके। सुप्रिन्टेंडेंट वीआर पटेल ने बताया कि वडोदरा में इस योजना के सफल होने के बाद प्रदेश के अन्य शहरों में भी कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्हें रोजगार मुहैया कराने के अन्य अवसरों पर भी विचार किया जाएगा।

प्रदेश के छह शहरों में भी कैदी करेंगे पेट्रोल पंप पर काम

1. वडोदरा
2. अहमदाबाद
3. सूरत
4. राजकोट
5. जूनागढ़
6. पोरबंदर

ऐसे होगा कैदियों का चयन

सोमा तालाब में बन रहे ओपन जेल में कैदियों को रखा जाएगा। इसमें से जिन कैदियों की 1 से 2 साल की सजा बाकी होगी और जेल से छुट्‌टी लेकर समय पर आने वालों को पिछले रिकॉर्ड की जांच करने के बाद रखा जाएगा। इस दौरान पुलिस कैदियों की पूरी सुरक्षा करेगी।

X
Prisoner of Central Jail will work on petrol pump
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन