--Advertisement--

‘जहाजों की कब्रगाह’ है गुजरात का अलंग शिपयार्ड, टूटने के लिए आई विशालकाय 10 मंजिला पैसेंजर क्रूज

खंभात की खाड़ी में स्थित अलंग शिपयार्ड में जहाज तोड़ने की शुरुआत 30 वर्ष पहले यानी की 1983 के दशक में हुई।

Danik Bhaskar | Apr 18, 2018, 06:34 AM IST
अलंग शिपयार्ड अलंग शिपयार्ड

भावनगर(सूरत). अलंग शिप ब्रेकिंग यार्ड में लंबे समय के बाद विशालकाय पैसेंजर शिप कबाड़ में तोड़ने के लिए आई है। इस शिप के आते ही यहां चहल-पहल बढ़ गई है। 10 मंजिला इस जहाज में कई अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। प्लॉट नं. 103 हनी शिप ब्रेकिंग यार्ड में लंगर लगाकर रोकी गई 'ओशन गाला' का वजन 19,177 टन है। ये हैं क्रूज की स्पेशिअलिटी...

- 1606 पैसेंजर की सुविधा वाली इस जहाज को 1982 में बनाया गया था। इसकी लंबाई 185 मीटर और चौड़ाई 27 मीटर है।
- जहाज के अंदर स्वीमिंग पूल, जीम, कैसीनो, थिएटर, रेस्टोरेंट्स सहित अनेक आधुनिक सुविधाएं हैं।
- 'ओशन गाला' विश्व की प्रसिद्ध थॉमसन क्रूज द्वारा चलाई जा रही थी।
- इसमें एक साथ 540 क्रू मेंबर होते थे और उनके रहने की अलग व्यवस्था थी।

अलंग शिप यार्ड क्या है

- गुजरात के एक विख्यात स्थल यानी की ‘अलंग शिपयार्ड’ का अलग ही नजारा है। किसी ऊंची जगह खड़े होकर देखें तो कई किलोमीटर तक आपको बस बड़े-बड़े जहाज या उनका मलबा ही नजर आएगा।
- जर्जर जहाजों को देखकर आप पहली नजर में ये अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि, ये वही जहाज हैं, जो कभी विशाल समुद्र का सीना चीरते हुए अंधी रफ्तार से भागा करते थे। लेकिन यह सच है, अलंग शिपयार्ड इन जहाजों का अंतिम सफर होता है।

हर तरफ लोहे और लकड़ियों का कबाड़

- बड़ी-बड़ी क्रेनों के सायरन, मशीनों की आवाजें और लोहे का आक्रंद कानों को झनझना कर रख देता है।
- आप जहां भी देखें मजदूरों की टोलियां बड़े-बड़े जहाजों को नेस्तानाबूद करती हुई नजर आती हैं।
- इस शिपयार्ड की सबसे खास बात यह है कि अब से लगभग 30 वर्ष पहले यह जगह उजाड़ थी, लेकिन आज दुनिया के फ्रांस के बाद दूसरे सबसे बड़े शिपयार्ड होने का तमगा इसके नाम है।

टूटने के लिए आई विशालकाय 10 मंजिला पैसेंजर क्रूज टूटने के लिए आई विशालकाय 10 मंजिला पैसेंजर क्रूज
यहां मौजूद जर्जर जहाजों को देखकर आप पहली नजर में ये अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि, ये वही जहाज हैं, जो कभी विशाल समुद्र का सीना चीरते हुए अंधी रफ्तार से भागा करते थे। यहां मौजूद जर्जर जहाजों को देखकर आप पहली नजर में ये अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि, ये वही जहाज हैं, जो कभी विशाल समुद्र का सीना चीरते हुए अंधी रफ्तार से भागा करते थे।
इस शिपयार्ड की सबसे खास बात यह है कि अब से लगभग 30 वर्ष पहले यह जगह उजाड़ दी गई थी। इस शिपयार्ड की सबसे खास बात यह है कि अब से लगभग 30 वर्ष पहले यह जगह उजाड़ दी गई थी।
आज दुनिया के फ्रांस के बाद दूसरे सबसे बड़े शिपयार्ड होने का तमगा इसके नाम है। आज दुनिया के फ्रांस के बाद दूसरे सबसे बड़े शिपयार्ड होने का तमगा इसके नाम है।