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जूते के तले ने पकड़वाया हत्यारे को, पहले दबाया था गला, फिर कांच की बोतल से किए वार

बड़े भाई को मारना चाहता था लेकिन भोले स्वभाव के कारण छोटे को उठाया और की हत्या

Danik Bhaskar | Jun 03, 2018, 11:41 AM IST
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

सूरत. 27 मई को लिम्बायत मीठी खाड़ी के रहने वाले अनवर का अपहरण और हत्या उसके पड़ोसी ने अपने भांजे के साथ मिलकर की थी। दोनों आरोपियों महबूब खान और उसके भांजे निसार को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अनवर को घूमने जाने के बहाने ले जाने के बाद अपहरण किया गया। 2 घंटे बाद रस्सी से गला दबाकर मार दिया, इसके बाद कांच की बोतल को तोड़कर शरीर पर कई हमले किए गए। अपहरण के तुरंत बाद उसे मार दिया गया और फिरौती का कॉल भी हत्या के बाद किया। परिजनों को अनवर की हत्या का डर दिखाकर डेढ़ लाख रुपए मांगते रहे।

कहा था- बेटा चाहिए तो डेढ़ लाख ले आओ

अनवर की हत्या करने के बाद उसके पिता को फोन किया गया और 1.5 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। पिता अकबर शेख को फोन कर कहा गया कि आपका बेटा हमारे पास है, अगर वापस चाहिए तो 1.5 लाख रुपए लेकर आ जाओ। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी महबूब खान मृतक का पड़ोसी है और उसने सिर्फ पैसे के लालच में अपहरण किया था।

दो बार दिया पुलिस को चकमा

पहली बार पुलिस ने शक पर महबूब को बुलाया था, तब उसने घटना में शामिल होने से इनकार कर दिया। पुलिस ने उसे छोड़ दिया। दूसरी बार फिर उसे बुलाया, लेकिन तब भी उसने गुमराह किया और छूट गया। सीसीटीवी फुटेज मिलने पर तीसरी बार में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

किडनैपिंग के 2 घंटे बाद ही कर दिया था मर्डर...

आरोपी महबूब खान और निसार खान अनवर को उसके घर के पास से उसकी ही गाड़ी से 27 मई को दोपहर 3 बजे लेकर निकले और काफी देर तक गली में घूमते रहे। जिसके बाद वो उसे सीधे वकताणा गांव ले गए। शाम करीब 5 बजे वसीम ने अनवर के गले पर रस्सी कस दी और उसकी हत्या कर दी। लेकिन, महबूब को भरोसा नहीं हुआ, इसलिए उसने पास में पड़े कांच के टुकड़े से उस पर वार किए और फिर वहां से निकल गए। अनवर की गाड़ी को फेंक दिया।

मृतक के पिता का हमदर्द बना रहा आरोपी...

हत्या के बाद अनवर के फोन को आरोपी अपने घर ले गया। इसलिए, फोन की लोकेशन भी वहीं की मिल रही थी। निसार ने मृतक के फोन से लगभग शाम 6.30 बजे फोन किया और पैसे मांगे। महबूब अनवर के पिता का खास था, इसलिए पिता ने महबूब के पास एक लड़के को भेजकर बताया कि कोई उनसे पैसे मांग रहा है। जिसके बाद महबूब अनवर के पिता के साथ शामिल हो गया और बोला कि पैसे दे दो और फिर खुद ही लिम्बायत पुलिस स्टेशन शिकायत करने गया।

60 सीसीटीवी चेक करने के बाद गिरफ्त में आए आरोपी...

28 मई को वकताना गांव के पास अनवर का शव मिला। क्राइम ब्रांच ने अनवर के मोबाइल लोकेशन के आधार पर 60 सीसीटीवी कैमरे चेक किए। लिम्बायत के प्रताप नगर के पास सीसीटीवी में पुलिस को दिखा कि अनवर की सफेद रंग की एक्टिवा पर उसके साथ दो संदिग्ध बैठे हैं। जांच में पता चला कि आरोपी महबूब खान (24) मृतक का पड़ोसी है और उसका भांजा दूसरा आरोपी निसार खान (19) ने अपहरण किया था।

सफेद शोल के जूते ने खोला राज

क्राइम ब्रांच के अधिकारी सीएच पनारा ने बताया कि जब सीसीटीवी कैमरे में चेक किया जा रहा था तो यह नहीं पता चल पा रहा था कि एक्टिवा पर अनवर के साथ कौन बैठा है। तभी उन्हें आरोपी के पैर में काले रंग का जूता दिखा, जिसका शोल सफेद था। कॉलोनी में तलाश करने पर पता चला कि ऐसा जूता सिर्फ महबूब के पास है और फिर उसे पकड़ा। पूछताछ में उसने आरोप कबूल किए।