सूरत

--Advertisement--

तूफान ने अभी से छीना मछुआरों का रोजगार, बारिश के 4 महीने में आ सकती है भुखमरी की नौबत

खतरा भांप पोरबंदर में 1200 की जगह में 5000 बोट ने डाला लंगर

Danik Bhaskar

May 27, 2018, 06:40 AM IST
लंगर डाले हुए बोट्स। लंगर डाले हुए बोट्स।

पोरबंदर. समुद्र में उठे मेकुनु तूफान का असर गुजरात के बंदरगाहों पर दिखाई देने लगा है। समुद्री इलाकों में हवा की रफ्तार बढ़ गई है। समुद्र में तूफान उठते ही मछुआरों का धंधा-रोजगार ठप हो गया है। पोरबंदर में समुद्र के किनारे 5000 से अधिक छोटी-बड़ी नावों को लंगर लगाया गया है। तूफान का खतरा तो टल जाएगा, पर वापस आए मछुआरे फिर से समुद्र में मछली पकड़ने नहीं जाएंगे। क्योंकि मानसून नजदीक आ रहा है।

- 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

- मेकुनु तूफान और बरसात के मौसम के कारण मछुआरों का धंधा-रोजगार ठप हो गया। हजारों मछुआरों की रोजी-रोटी छिन गई।

- बोट एसोसिएशन के अध्यक्ष भरतभाई मोदी ने बताया कि राेजगार बंद होने से चार महीने तक मछुअारों को भुखमरी की स्थिति का सामना करना होगा।

आजीविका बेचने की नौबत

- पोरबंदर में मछली पकड़ने का धंधा ठप हो गया है। अगस्त महीने में फिर से मछली पकड़ने का व्यवसाय शुरू होगा।

- अगस्त महीने में धंधा फिर से चालू करने के लिए मछुआरों को बड़ी रकम खर्च करनी होगी। लंगर लगाकर खड़ी की गई नावों को दुरूस्त करनी होगी।

- इसके अलावा जून से अगस्त तक मछुआरों को परिवार का पालन-पोषण भी करना होगा।

- इस मछुआरों को आर्थिक संकट से गुजरना होगा। घर खर्च के लिए कई मछुआरों को आजीविका बेचने की नौबत तक आ जाती है।

पोरबंदर से दो नंबर का सिग्नल हटाया गया

मेकुनु तूफान को देखते हुए पोरबंदर बंदरगाह पर मछुआरों को अलर्ट करने के लि दो नंबर का सिग्नल लगाया गया था। मेकुनु तूफान के ओमान की ओर बढ़ने के बाद शनिवार को सिग्नल हटा लिया गया। मेकुनु तूफान से ओमान के कुछ हिस्सों में खतरा होने की संभावना है। समुद्र किनारे अस्मावती घाट, गोदी के पास नावों को लंगर लगाया गया है। लंगर लगाने की जगह न होने के बावजूद संवेदनशील क्षेत्रों में नावों को लाख खड़ा कर दिया गया है। यहां 3 किमी तक नावों को लंगर लगाकर रोका गया है।

Click to listen..