Hindi News »Gujarat »Surat» Students Bring Coconut In School

इस स्कूल के बच्चों से मंगाए जाते हैं नारियल, अगरबत्ती, चॉकलेट और रुपए, कहते हैं - इससे भगाएंगे नाग

अंधश्रद्धा का प्रवेशोत्सव: प्राथमिक स्कूल में अजीबोगरीब ज्ञान

Bhaskar News | Last Modified - Jun 15, 2018, 12:55 PM IST

इस स्कूल के बच्चों से मंगाए जाते हैं नारियल, अगरबत्ती, चॉकलेट और रुपए, कहते हैं - इससे भगाएंगे नाग

आणंद (सुरत).जिले में तारापुर तहसील के प्राथमिक स्कूल में आजादी के 70 साल बाद भी नाग को भगाने के लिए छात्रों से नारियल, अगरबत्ती, चॉकलेट और रुपए जमा करवाया जाता है। बच्चों के चॉकलेट से ही उनका मुंह मीठा कराकर प्रवेशोत्सव मनाया जाता है। शिक्षा सत्र के पहले ही दिन गरीब बच्चों को 11 से 51 रुपए नकद, एक पैकेट चॉकलेट, नारियल, अगरबत्ती लेकर आने का आदेश दिया गया था।

- सामाजिक कार्यकर्ता भानूबेन परमार ने बताया कि लाचार अभिभावक स्कूल के प्रिंसिपल के आदेश काे मानने के लिए मजबूर हैं।

- स्कूल में विज्ञान की जगह अंधश्रद्धा की शिक्षा दी जा रही है। भानूबेन ने बताया कि प्रिंसिपल ने बच्चों के पैसे का हिसाब देने से साफ इनकार कर दिया। मजबूरीवश बच्चे और अभिभावक प्रिंसिपल की इस प्रथा में शामिल हैं। उधर, स्कूल के प्रिंसिपल विट्‌ठलभाई परमार ने बताया कि वे इसका हिसाब नहीं रखते हैं।

- बच्चों के लिए ही इन वस्तुओं का इस्तेमाल करते हैं। बच्चे के कहने पर पूरी सामग्री लेकर स्कूल आए अभिभावक कांतिभाई धीरूभाई ने बताया कि प्रिंसिपल के आदेश को बच्चे ने घर आकर बताया।

- बच्चे के कहने पर हम पूरी सामग्री लेकर आए हैं। साहब, इसका क्या करेंगे हम नहीं जानते हैं।

सामग्री का उपयोग स्कूल के बच्चों के लिए करते हैं

- प्रिंसिपल विट्‌ठलभाई परमार ने कहा कि बच्चों द्वारा दी गई सामग्री, नकद रुपए का मैं कोई हिसाब नहीं रखता हूं। जो सामान आता है, उसका उपयोग बच्चों के लिए करता हूं। हम बच्चों की हर सामग्री को स्वेच्छा से स्वीकार करते हैं।

- कन्या शिक्षा निरीक्षक एजे सोलंकी ने कहा कि इस प्रकार सामग्री और रुपए लेना उचित नहीं है। यह कब से चल रहा है इसकी जांच करके रिपोर्ट शिक्षाधिकारी को सौंपेंगे। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद शिक्षाधिकारी उचित कार्रवाई करेंगे।

- सामाजिक कार्यकर्ता डाॅ. माइकल मार्टिन के मुताबिक वैज्ञानिक युग में बच्चों से नारियल, अगरबत्ती मंगाना गलत है। प्रिंसिपल सांप का भय दिखाकर अंध श्रद्धा का पाठ पढ़ा रहे हैं। सांप के काटने पर झाड़-फूंक, पीलिया, चेचक आदि होने पर घरेलू इलाज कराने पर जोर देते हैं।

- जिला शिक्षाधिकारी एमपी परमार ने कहा कि ऐसी घटना के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराने के बाद ठोस कार्रवाई की जाएगी। तहसील स्तर के अधिकारियों से मामले की जांच कराई जाएगी।

बालकों के पैसे से प्रवेशोत्सव की नीति से लोगों में नाराजगी

राज्य सरकार बच्चों के बोझ को कम करने और उन्हें निडर बनाने के लिए प्रवेशोत्सव का आयोजन करती है। वहीं खाखसर के स्कूल में छात्रों के लिए प्रवेशोत्सव बोझ बन गया है। किसी तरह दो जून की रोटी जुटा पाने वाले अभिभावक प्रवेशोत्सव पर सैकड़ों रुपए खर्च करने के लिए मजबूर हैं। आचार्य के इस आदेश से दिहाड़ी वाले अभिभावकों का दिनभर नुकसान होता है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Surat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×