Hindi News »Gujarat »Surat» Surat Bhatar Road Kapadiya Health Club Swimming Pool 13 Year Old Child Death

45 लोगों के सामने डूब गया हर्ष, किसी ने नहीं देखा

कापडिया क्लब ने नहीं माना नियम, ...और चली गई 13 साल के मासूम की जान

Dainikbhaskar.com | Last Modified - May 17, 2018, 04:19 PM IST

    • पूल पर उम्मीदों की डूबती हुई तस्वीर।

      सूरत | शहर में बुधवार को कापडिया हेल्थ क्लब के स्वीमिंग पूल में पास खड़े इंस्ट्रक्टर के सामने ही 13 साल का बच्चा हर्ष पोद्दार डूब गया। तीन दिन में शहर में यह दूसरी घटना है जब लापरवाही के कारण मासूम को जान गंवानी पड़ी। हर्ष कपड़ा कारोबारी पिंकेश पोद्दार का सबसे बड़ा बेटा था। वह श्री श्री रविशंकर महाराज स्कूल आहवा में कक्षा 7 में पढ़ता था। उसके पिता पिंकेश मूल रूप से राजस्थान के सीकर के रहने वाले हैं। वे सूरत में वेसू रोड पर नंदनवन-2 में रहते हैं। पूल में उम्मीदों की डूबती हुई तस्वीर...

      कापडिया हेल्थ क्लब के स्वीमिंग पूल में बुधवार की शाम तैराकी सीखने गया 13 साल का हर्ष डूब गया। लापरवाही की इंतहा यह रही कि महज 15 दिन से तैराकी सीखने जा रहे इस बच्चे को बिना फ्लोटर पहनाए ही पूल में उतार दिया गया। मौके पर तैराकी सीख रहे 35 से ज्यादा बच्चे, 6 इंस्ट्रक्टर सहित 45 लोग होने के बावजूद डूबने का पता तब चला जब उसकी मां चिल्लाई कि मेरा बेटा डूब गया है...। इसके बाद उनके बगल में खड़ा एक इंस्ट्रक्टर पूल में कूदा और बेसुध हर्ष को पानी से बाहर लाया। हर्ष दूसरे इंस्ट्रक्टर के पैरों के ठीक पास बेसुध पड़ा था। मौके पर इलाज की व्यवस्था नहीं थी। यहां से सिविल और फिर महावीर अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

      6 मई को कराया था रजिस्ट्रेशन

      मूलत: राजस्थान के सीकर निवासी और वेसू रोड पर नंदनवन-2 में फ्लैट नंबर ए-4-1004 में रहने वाले अभिषेक मार्केट में कपड़ा कारोबारी पिंकेश पोद्दार का यह सबसे बड़ा बेटा था। श्री श्री रविशंकर महाराज स्कूल आहवा में कक्षा 7 में पढ़ने वाले हर्ष के लिए 6 मई को क्लब में रजिस्ट्रेशन करवाया गया था। रोज सुबह पिता के साथ जाता था, लेकिन बुधवार को पहली बार मां पूजा, छोटे भाई देवांश (11) और मामा के साथ गया था। शाम 5.45 बजे मां पूजा को हर्ष नहीं दिखा तो उन्होंने वॉशरूम में जाकर देखा। वहां भी नहीं मिला तो अनहोनी की आशंका हुई।

      पानी से बाहर लाते हुए सलामत की उम्मीद

      कापडि़या हेल्थ क्लब के इसी स्वीमिंग पूल में 13 साल का हर्ष डूब गया। किनारे पर बेबस खड़े हैं मां, छोटा भाई और मामा। ये तीनों हर्ष को गहरे पानी से लाते हुए उसके सलामत होने की उम्मीद कर रहे थे। इन सबकी उम्मीदें तब टूट गई जब हर्ष को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

      हर्ष की मौत की खबर सुन पिता अस्पताल में गिर पड़े

      हर्ष को मृत घोषित करते ही पिता अस्पताल में गिर पड़े। मां तब से गुमसुम है। परिवार वालों का कहना है हेल्थ क्लब की गलतियों की वजह से ही हमने बेटा खो दिया। बिना नियम कायदों के पूल चलाया जा रहा था। सुरक्षा की आपात व्यवस्था भी नहीं थी। हम चाहते हैं कि संचालक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।

      स्केटिंग में स्टेट चैंपियन था हर्ष

      हर्ष स्केटिंग में स्टेट लेवल पर चैंपियन रह चुका था । उसे कुछ महीनों पहले ही गोल्ड मेडल मिला था। स्केटिंग के साथ ही उसे स्वीमिंग सीखने की बहुत इच्छा थी। इसके लिए छोटे भाई के साथ क्लब भेज रहे थे।

      बगल में हर्ष डूब गया, इंस्ट्रक्टर अंजान ही रहा

      हर्ष मेरी बुआ का बेटा है। बुआ दोनों के बेटों के साथ गई तब मैं भी साथ था। हर्ष अचानक नहीं दिखाई दिया, तो हम सब उसे खोजने लगे, लेकिन वह नहीं मिला तो बेचैन हो गए। तभी बुआ को अनहोनी की आशंका हुई। बुआ के चिल्लाने के बाद एक इंस्ट्रक्टर पूल में कूदा था, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। प्राथमिक उपचार भी नहीं दिया गया। जैसा कि हर्ष की बुआ के बेटे अंकित ने धीरेंद्र पाटील को बताया

      क्लब मालिक ने कहा- 30 साल में कभी ऐसा नहीं हुआ

      कापडिया हेल्थ क्लब के मालिक शैलेष कापडिया ने कहा कि हर्ष को पहले से तैराकी आती थी, इसलिए फ्लोटर नहीं दिया गया। मैं 30 वर्षों से इस क्लब को चला रहा हूं, लेकिन आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ। लेकिन लोगों का कहना है कि कुछ वर्षों पहले भी इस पूल में एक व्यक्ति डूब चुका है।

      लापरवाही ही लापरवाही

      01

      मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य है, लेकिन नहीं लिया गया। इंस्ट्रक्टर जयेश भाई ने कहा कि कोई मेडिकल समस्या रही होगी।

      02

      स्वीमिंग पूल पर प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी किट या डाॅक्टर नहीं था। सीने को 2 बार पंप किया तो बच्चे ने उल्टी की।

      03

      पूल की गहराई कुल 10 फीट तक है, जहां छोटे बच्चों को नहीं तैराया जाता, जबकि हर्ष जैसे बच्चे गहरे पानी में तैराए जा रहे।

      04

      ्हाइट के मुताबिक उसे 5 फीट के दायरे में ही तैराना था, लेकिन इंस्ट्रक्टर ने भी माना कि हर्ष 6 फीट गहराई वाले हिस्से में डूबा।

      05

      मौके पर 5 इंस्ट्रक्टर मौजूद थे, लेकिन सिर्फ एक ही पूल में बच्चों के साथ था। बाहर वाले भी डूबते हुए हर्ष को देख नहीं सके।

      06

      आखिर में बच्चा उस जगह डूबा मिला,जहां एक इंस्ट्रक्टर पहले से खड़ा होकर दूसरे बच्चे को तैरना सिखा रहा था।

    • 45 लोगों के सामने डूब गया हर्ष, किसी ने नहीं देखा
      +4और स्लाइड देखें
      स्केटिंग का चेम्पियन था हर्ष पोद्दार
    • 45 लोगों के सामने डूब गया हर्ष, किसी ने नहीं देखा
      +4और स्लाइड देखें
      अस्पताल में हर्ष।
    • 45 लोगों के सामने डूब गया हर्ष, किसी ने नहीं देखा
      +4और स्लाइड देखें
      पूल संचालक की लापरवाही सामने आई।
    • 45 लोगों के सामने डूब गया हर्ष, किसी ने नहीं देखा
      +4और स्लाइड देखें
      हर्ष को बचाने की जद्दोजहद।
    Topics:
    आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
    दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

    More From Surat

      Trending

      Live Hindi News

      0

      कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
      Allow पर क्लिक करें।

      ×