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सूरत की सबसे बड़ी साड़ी मिल, 2500 कर्मचारी राष्ट्रगान से करते हैं कारण है हैरानी वाली

2014 में रिटायर्ड एसीपी केसी राजपूत ने इस परंपरा की शुरुआत की थी।

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 02:58 AM IST
सभी कर्मचारी ऐसे खड़े होकर गाते हैं राष्ट्रगान। सभी कर्मचारी ऐसे खड़े होकर गाते हैं राष्ट्रगान।

सूरत. गुजरात के सूरत में एक कपड़ा मिल ऐसी भी है, जहां साल में एक या दो बार नहीं, बल्कि हर रोज राष्ट्रगान गाया जाता है। पिछले दो साल से यहां के 2500 कर्मचारी रोज सुबह काम शुरू करने से पहले राष्ट्रगान गाते हैं। कंपनी का कहना कि राष्ट्रगान के कारण उसका उत्पादन भी बढ़ा है। इनमें सिक्युरिटी गार्ड से लेकर हर स्तर के अधिकारी, कर्मचारी शामिल होते हैं। पांडेसरा स्थित लक्ष्मीपति डाइंग एंड प्रिंटिंग मिल के मालिक संजय सरावगी का मानना है कि इससे उत्पादन तो बढ़ा ही है, साथ ही कर्मचारी बाहर के तनाव और चिंताओं को भूलकर दिल लगाकर काम करते हैं। 2014 में रिटायर्ड एसीपी केसी राजपूत ने इस परंपरा की शुरुआत की थी।

रिटायर्ड एसीपी ने शुरू की थी राष्ट्रगान की परंपरा
- 2014 में जब रिटायर्ड एसीपी केसी राजपूत ने कंपनी में सिक्युरिटी ऑफिसर का पद संभाला, तो 15 अगस्त को कर्मचारियों ने राष्ट्रगान गाया।

- 2015 तक सिर्फ गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस पर ही राष्ट्रगान गाया जा रहा था। 26 जनवरी 2016 को कुछ कर्मचारियों ने मालिक संजय सरावगी से कहा कि अब हम एक दिन देशभक्ति दिखाने की बजाय हर दिन राष्ट्रगान गाएंगे। तब से यह परंपरा चल रही है।

पहले देशभक्ति गीत, फिर राष्ट्रगान
सुबह कंपनी में देशभक्ति गीत बजते हैं, जिसके बाद कर्मचारी इकट्ठा होते हैं और ठीक 10:30 बजे राष्ट्रगान गाया जाता है।

ताकि जहां भी जाएं, वहां भी अनुशासन सिखाएं
- संजय सरावगी बताते हैं कि काम शुरू करने के पहले राष्ट्रगान गाने का एक उद्देश्य यह भी है कि कर्मचारी किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतें। अनुशासन से काम करें।

- जबसे इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई, सभी वर्कर्स के काम में बदलाव आया है। एक संदेश यह भी है कि जब हमारे यहां से कोई वर्कर दूसरी किसी कंपनी में जाएं तो वहां के लोगों को भी अनुशासन का संदेश दें।

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सभी कर्मचारी ऐसे खड़े होकर गाते हैं राष्ट्रगान।सभी कर्मचारी ऐसे खड़े होकर गाते हैं राष्ट्रगान।
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