Hindi News »Gujarat »Surat» Surat Dushkarm And Murder Case 2 Accused Arrested

सूरत में दुष्कर्म-हत्या केस: कैसे आरोपी ने 11 साल की बच्ची से की ज्यादती फिर तड़पाकर मार डाला, पढ़िए अपराध की पूरी कहानी...

पढ़िए अपराध की पूरी कहानी|कैसे हरसहाय ने 11 साल की बच्ची को तड़पाकर मार डाला

Bhaskar News | Last Modified - Apr 21, 2018, 12:18 PM IST

  • सूरत में दुष्कर्म-हत्या केस: कैसे आरोपी ने 11 साल की बच्ची से की ज्यादती फिर तड़पाकर मार डाला,  पढ़िए अपराध की पूरी कहानी...
    +5और स्लाइड देखें
    सवाई माधोपुर पुलिस ने हरसहाय को गंगापुर सिटी के कुनकुरा गांव से पकड़ लिया और बाद में सूरत पुलिस के हवाले कर दिया। थाने में शर्ट पहनता हुआ आरोपी हरसहाय गुर्जर।

    सूरत.शहर के पांडेसरा इलाके में दुष्कर्म और हत्या के बाद 6 अप्रैल को मिले 11 साल की बच्ची के शव के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। उसने राजस्थान के सवाई माधोपर जिले के गंगापुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिस कार से शव को फेंका गया, उसे भी बरामद कर लिया गया है। सूरत-अहमदाबाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर काले रंग की एक कार को जब्त किया। इसी कार का इस्तेमाल बच्ची का शव फेंकने में किया गया। इस कार के कारण ही पुलिस आरोपियों तक पहुंच पाई। मामले में हरसहाय गुर्जर को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया। इसके बाद एक और आरोपी की गिरफ्तारी हुई। 14 दिन बाद खुलासा...

    घटना का मास्टरमाइंड बताया जा रहा हरसहाय मार्बल लगाने के काम का ठेकेदार है। उसने 6 महीने पहले एक बच्ची और उसकी मां को राजस्थान से सूरत लाया। उसने सूरत के कामरेज के पास दोनों को रखा। वह हमेशा उस महिला से मिलने जाता था। हरसहाय की पत्नी को पता चल गया कि उसके पति का किसी दूसरी महिला से संबंध है। इसको लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा होने लगा। वहीं, राजस्थान से आई महिला बार-बार हरसहाय से रुपए मांगती थी।

    पुलिस के अनुसार रुपए मांगने और महिला को लेकर आए दिन पत्नी से लड़ाई होने से हरसहाय तंग आ गया और उसने महिला को कहीं गायब करवा दिया। उसके बाद उस बच्ची को अपने घर ले आया। फिर हरसहाय और उसकी पत्नी में इस बच्ची को लेकर विवाद शुरू हो गया। करीब एक हफ्ते तक बच्ची को घर में बंधक बनाकर रखा गया और उसे यातनाएं दी गईं। दुष्कर्म के बाद आरोपी हरसहाय ने बच्ची का गला घोंटकर हत्या कर दी और लाश को फेंक दिया। चार दिन बाद वह पत्नी और बेटे के साथ राजस्थान के अपने गांव कुनकटा खुर्द चला गया, पुलिस ने उसे वहीं से पकड़ा।

    ये है घटना की पूरी कहानी :

    मूल रूप राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी के कुनकुरा खुर्द गांव का रहने वाला आरोपी हरसहाय गुर्जर अपने बड़े भाई हरिसिंह के साथ सूरत के भेस्तान इलाके में स्थित सोमेश्वर सोसाइटी में रहता है। उसके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे हैं। हरसहाय एक बेटे को अपने साथ में रखता है, जबकि दूसरा बेटा गांव में रहता है। हरसहाय भाइयों के साथ सूरत में ही मार्बल-स्टोन का काम करता है। उसका काम अलग-अलग तीन साइट पर चल रहा था। 6 महीने पहले हरसहाय राजस्थान से एक महिला और 11 साल की बच्ची को अपने साथ लेकर सूरत आया था। बताया जा रहा है कि इस महिला और बच्ची को उसने खरीदा था। यहां लाकर हरसहाय ने महिला और बच्ची को कामरेज के पास एक साइट पर रख दिया।

    यहां पर उसने उनके रहने और खाने का इंतजाम कर दिया। ऐसा कहा जा रहा है कि हरसहाय ने बच्ची और उसकी मां को 30 से 35 हजार रुपए में खरीदा था। हालांकि पुलिस ने अभी इस बारे में कुछ नहीं बताया है। हरसहाय ने अपनी पत्नी को इस महिला और बच्ची के बारे में कुछ नहीं बताया। वह घर से कई बार आटा लेकर जाता था। उसकी पत्नी जब उससे पूछती कि तुम आए दिन आटा लेकर कहां जाते हो? पत्नी के सवाल का वह कभी जवाब नहीं देता था। इस बात को लेकर उसकी पत्नी और उसके बीच में झगड़ा भी हुआ करता था। झगड़ा होने के बावजूद भी हरसहाय इस महिला और बच्ची को आटा पहुंचाता था।

    एक बार जब हरसहाय घर से आटा लेकर निकला तो उसकी पत्नी ने अपने पहचान के एक व्यक्ति को उसके पीछे लगा दिया। उस व्यक्ति हरसहाय की पत्नी को बताया कि वह एक महिला को देने के लिए घर से आटा लेकर जाता है। हरसहाय की पत्नी ने उसके साथ झगड़ा करना शुरू कर दिया। दूसरी ओर राजस्थान से आई महिला बार-बार हरसहाय से रुपए मांगती थी। एक दिन यह महिला अचानक गायब हो गई। महिला के गायब होने के बाद 11 वर्षीय बच्ची अकेली रह गई।

    हरसहाय बच्ची को अपने साथ घर ले आया। हर्ष सोमेश्वर सोसाइटी की एक बिल्डिंग में अपने भाई के रूम में किराए पर रहता था। एक रूम में हर्ष, उसकी पत्नी और बेटा रहता था। बच्ची भी उन्हीं के साथ रहने लगी। बच्ची को देखकर उसकी पत्नी गुस्से में रहती थी। वह हरसहाय से इस बच्ची के बारे में पूछती थी, तो वह इधर-उधर बता देता था। बच्ची को कई दिनों तक घर से बाहर ही नहीं निकलने दिया। बच्ची बहुत रोती थी। सात दिन तक उसे यातनाएं दी गईं। शरीर पर ब्लेड से घाव किए गए। 6 अप्रैल को उसके साथ रेप के दौरान प्राइवेट पार्ट में गर्भाशय तक घाव किए गए। उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई, उसके शरीर पर 86 घाव थे।

    सुबह 4.30 बजे हरसहाय अपने एक रिश्तेदार के घर से उसकी स्पार्क कार की चाबी चुरा लाया। उसके बाद स्पार्क कार में बच्ची की लाश को रखकर उसे सांई सोसाइटी के पीछे क्रिकेट ग्राउंड के पास फेंक आया। बाद में घर आया और कार पार्क कर दी। सुबह उसके रिश्तेदार ने देखा कि कार में धूल-मिट्टी लगी है और वह अपनी जगह से थोड़ी हिली भी है। कार की स्थिति देखकर उसके रिश्तेदार को पता चल गया कि रात में कोई व्यक्ति कार को बाहर लेकर गया था। घटना के चार दिन बाद हरसहाय अपने परिवार के साथ अपने गांव कुनकुरा खुर्द भाग गया।

    पुलिस किस तरह पहुंची आरोपी तक...55 सेकंड के सीसीटीवी फुटेज में दिखी काली कार ने खोला राज :

    पुलिस ने इस मामले की तहकीकात के दौरान बच्ची का शव जिस जगह मिला था वहां की छानबीन की। उस जगह के आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले। घटना स्थल से डेढ़ किलो मीटर की दूरी पर एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में एक कार की लाइट दिखाई पड़ी। फुटेज में यह समय सुबह के 4.30 बजे बता रहा था। यह कार घटना स्थल पर 55 से 60 सेकंड तक रुकी थी। बाद में उसी समय के आसपास और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले गए। इस बीच पता चला कि यह कार हैचबैक है।

    कार किस कंपनी की है यह अभी भी पुलिस के लिए पहेली बनी हुई थी। फुटेज से यह बात स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। कार की तस्वीर काफी धुंधली थी। बाद में पुलिस ने और अन्य कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तो पता चला कि यह कार काले रंग की है। उसके बाद इस क्षेत्र के आसपास के सारे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले गए। भेस्तान क्षेत्र में सभी काले रंग की हैचबैक कार के बारे में पूछताछ की। तहकीकात के दौरान एक जगह पर शेव्रोले स्पार्क जैसी कार दिखाई पड़ी। एफएसएल और खास उपकरणों के इस्तेमाल से कार के नंबर का अंदाजा मिला। कुछ मिलते जुलते नंबरों वाली कार के मालिकों के आरटीओ में जमा रिकॉर्ड की जांच की गई। एक नंबर जीजे-05-सीएल-8520 मिला था। पुलिस ने इसके मालिक के बारे में आरटीओ में पूछताछ की तो पता चला कि यह कार भेस्तान के सोमेश्वर नगर में रहने वाले रामनरेश के नाम रजिस्टर्ड है। रामनरेश से पूछताछ करने पर उसने बताया कि 6 अप्रैल को मकान मालिक का भाई हरसहाय गुर्जर उसकी कार लेकर गया था। कार लेकर वापस आने पर जब उससे पूछा तो उसने कहा था कि उसके साथ जो लड़की रहती थी वह मर गई, इसलिए उसे फेंकने गया था। रामनरेश ने पुलिस को बताया कि हरसहाय टाइल्स फिटिंग करता है।

    1 अप्रैल से 6 अप्रैल तक उन्हें अपने साथ काम पर रखा था। 16 अप्रैल को पत्नी-बच्चों के साथ पूरा सामान लेकर गांव चला गया। पुलिस ने हरसहाय के भाई हरिसिंह से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह उसके रूम में किराए पर रहता था। 16 अप्रैल को वह परिवार के साथ गांव चला गया। अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच उसे पकड़ने के लिए उसके गांव कुनकुरा खुर्द, गंगापुर तालुका, जिला सवाई माधोपुर, राजस्थान गई। स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी हर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को सूरत लाया जाएगा।

    एक केस के लिए पुलिस का सबसे बड़ा प्रयास...एक हजार से ज्यादा मोबाइल व 800 कैमरों को खंगाल डाला :

    बच्ची की पहचान करने के लिए पुलिस ने काफी मशक्कत की। सूरत पुलिस ने पहली बार किसी मामले को उजागर करने के लिए इतने बड़े पैमाने पर मशीनरी और मैन पावर का इस्तेमाल किया। इस केस में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच भी लगी हुई थी। इस मामले को उजागर करने के लिए 500 पुलिसकर्मी जुटे हुए थे। पुलिस ने 8000 घरों में जाकर बच्ची का फोटो दिखाकर उसकी पहचान करने की कोशिश की। इसमें पुलिस को सफलता नहीं मिली। शहर के अलग-अलग जगहों पर बच्ची के फोटो के 1500 से ज्यादा पोस्टर बनवाकर चिपकाए। बच्ची की पहचान बताने वाले को 20000 रुपए का इनाम देने की भी घोषणा की। भेस्तान क्षेत्र के अलावा नेशनल हाईवे के आसपास के इलाके के 800 से अधिक सीसीटीवी फुटेज चेक किए। इस घटना में कार का इस्तेमाल किया गया है, यह बात स्पष्ट होने के बाद गुजरात के अलावा तीन राज्यों से गुमशुदा 8000 बच्चियों के साथ मृतक बच्ची का फोटो मैच कराया।

    सूरत से अन्य राज्यों में जाने वाली ट्रेनों में बच्ची के फोटो चिपकाए। नागरिकों ने भी बच्ची की पहचान के लिए अपने स्तर पर इनाम की घोषणा की। कपड़ा व्यापारियों ने अन्य राज्यों में भेजे पार्सलों पर बच्ची की फोटो चिपकाई। देश के सभी राज्यों के डीजीपी ऑफिस में इसके बारे में जानकारी दी। जहां से लाश मिली उसके आसपास के इलाके में 5 और 6 अप्रैल की रात एक्टिव रहने वाले करीब 1000 मोबाइल नंबरों के डिटेल की जांच की। भेस्तान के सोमेश्वर सोसाइटी की जिस बिल्डिंग में बच्ची को बंधक बनाकर रखने के बाद हत्या की गई थी उसके निवासियों को भी पुलिस ने बच्ची की फोटो दिखाई थी, लेकिन किसी ने उसे पहचाना नहीं। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि बच्ची को घर से बाहर ही नहीं निकलने दिया गया था।

  • सूरत में दुष्कर्म-हत्या केस: कैसे आरोपी ने 11 साल की बच्ची से की ज्यादती फिर तड़पाकर मार डाला,  पढ़िए अपराध की पूरी कहानी...
    +5और स्लाइड देखें
    अारोपी हरसहाय
  • सूरत में दुष्कर्म-हत्या केस: कैसे आरोपी ने 11 साल की बच्ची से की ज्यादती फिर तड़पाकर मार डाला,  पढ़िए अपराध की पूरी कहानी...
    +5और स्लाइड देखें
    इस हालत में मिली थी बच्ची की लाश।
  • सूरत में दुष्कर्म-हत्या केस: कैसे आरोपी ने 11 साल की बच्ची से की ज्यादती फिर तड़पाकर मार डाला,  पढ़िए अपराध की पूरी कहानी...
    +5और स्लाइड देखें
    इसी कार से बच्ची का शव फेंकने गया था
  • सूरत में दुष्कर्म-हत्या केस: कैसे आरोपी ने 11 साल की बच्ची से की ज्यादती फिर तड़पाकर मार डाला,  पढ़िए अपराध की पूरी कहानी...
    +5और स्लाइड देखें
    सोमेश्वर सोसाइटी की वह बिल्डिंग जिसमें बच्ची की हत्या की गई। अब यहां पुलिस तैनात कर दी गई है।
  • सूरत में दुष्कर्म-हत्या केस: कैसे आरोपी ने 11 साल की बच्ची से की ज्यादती फिर तड़पाकर मार डाला,  पढ़िए अपराध की पूरी कहानी...
    +5और स्लाइड देखें
    सूरत से गंगापुर भागने का टिकट।
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Surat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×