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ये है सूरत की ग्लैमरस प्रोफेसर, मिसेज इंडिया के लिए हुई सेलेेक्ट

सूरत की शिवानी देसाई मिसेज इंडिया वर्ल्ड वाइड में फाइनालिस्ट बनी।

Danik Bhaskar | Jun 30, 2018, 02:12 PM IST
नारी चाहे तो शादी के बाद भी कामयाब हो सकती है। नारी चाहे तो शादी के बाद भी कामयाब हो सकती है।
  • आप आर्थिक रूप से सक्षम हैं, तो अपनी प्रतिभा को छिपाकर मत रखो।
  • बच्चों को उचित शिक्षा मिले, इस दिशा में कुछ करने की मेरी इच्छा है।

सूरत। टेक्सटाइल और डायमंड की नगरी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाला सूरत अब ग्लैमर वर्ल्ड में भी अपना नाम लिखवा रहा है। सूरत की युवतियों से लेकर विवाहित महिलाएं भी फैशन और मॉडलिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में मिसेज वर्ल्ड वाइड-2018 के फाइनल में सूरत की एक महिला का चयन हुआ है। इनका नाम है शिवानी देसाई, जो पेशे से अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं। ग्रांड फिनाले 22 सितम्बर को दिल्ली में…

एडीशन-8 केी ग्रांड फिनाले 22 सितम्बर 2018 को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें देश भर की 10 हजार महिलाओं को टक्कर मारते हुए सूरत की शिवानी देसाई का सेलेक्शन टाॅप 80 में किया गया। अब शिवानी इस स्पर्धा का ताज अपने सर पर लेने के लिए उत्सुक है।

परिवार ने खूब सपोर्ट किया

देश-दुनिया में विवाहित महिलाओं के लिए आयोजित की जाने वाली मिसेज इंडिया वर्ल्ड वाइड-2018 महिलाअों के बाह्य और आंतरिक सौंदर्य को निखारने के लिए प्लेटफार्म देता है। आज महिला हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का डंका बजा रही है। ऐसे में इस तरह की स्पर्धा महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाती है। शिवानी कहती है कि कभी सौंदर्य स्पर्धा में भाग लेने का अवसर आएगा, ऐसा मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। क्योंकि स्कूल-कॉलेज में मैंने केवल पढ़ाई पर ही ध्यान दिया। हायर एजुकेशन प्राप्त कर इसी क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने का विचार था। पर पिता और पति के सहयोग और प्रेरणा से मैंने मिसेज इंडिया के लिए खुद को तैयार किया।

अहमदाबाद में था ऑडिशन

हाल ही में अहमदाबाद में ऑडिशन था, इसमें गुजरात की 3 महिलाओं ने फाइनालिस्ट में स्थान प्राप्त किया था। मैं इनमें से एक हूं। सौंदर्य स्पर्धाएं महिलाओं की केवल शारीरिक सुंदरता के लिए आयोजित की जाती हैं, यह सोचना गलत है। इन स्पर्धाओं में सु्ंदरता के अलावा टेलेंट, बौद्धिकता, विजन, स्पीच और एटीट्यूड जैसे गुणों को उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

शिवानी के बारे में…

शिवानी इस समय कॉलेज में अंग्रेजी की प्रोफेसर है। अंग्रेजी भाषा पर Gender and society in selected plays by asif curriambhoy and nissim ezekai विषय पर पी-एच.डी कर रही है। इस स्पर्धा में आने के कारण थीसिस का काम थोड़ा रूक गया है। पर उसने तय कर लिया है कि वह पी-एच.डी. करके ही रहेंगी। सौंदर्य स्पर्धा के बारे में उसने बताया कि इस स्पर्धा का नाम हॉटमोंड मिसेज इंडिया वर्ल्ड-2018 है। इसका ग्रांड फिनाले दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में 22 सितम्बर 2018 को होगा। इसके पहले 11 सितम्बर को पार्टीशिपेट्स को ग्रूमिंग के लिए ग्रीस ले जाया जाएगा। इस स्पर्धा में कुल 10 हजार महिलाओं ने भाग लिया था, जिसमें से 80 को फाइनालिस्ट में रखा गया है। इसी में गुजरात से कुल 3 और सूरत से मेरे अलावा एक और महिला का सेलेक्शन किया गया है। शिवानी ने इसके पहले 2016 में मिसेज गुजरात स्पर्धा में भाग लिया था, इसमें उसने टॉप 10 में स्थान प्राप्त किया था।

फाइनालिस्ट में नाम आने के पहले क्या-क्या हुआ

शिवानी ने बताया कि सबसे पहले गुजरात में ऑडिशन हुआ, उसके बाद दिल्ली में विशेषज्ञों की पेनल द्वारा शारीरिक सुंदरता, बौद्धिक क्षमता आदि का निरीक्षण किया गया। इसके आधार पर 80 फाइनालिस्ट तय किए गए। स्पर्धा के पहले मैं अपना कोई खास ध्यान नहीं रखती थी, पर अब मैंने अपने शरीर पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। पूरे दिन में पानी, फ्रूट जूस, कोकोनेट अधिक लेती हूं। ऑयली खाना कम दिया है। अब जिम भी जाने लगी हूं। आंख और दांत का भी खयाल रखना शुरू कर दिया है।

अगर जीत जाती हूं, तो सब कुछ समाज को समर्पित

शिवानी कहती है कि अगर मुझे मिसेज इंडिया का खिताब मिल जाता है, तो मैं ताज अपने पास रखकर बाकी सब समाज को समर्पित कर दूंगी। नारी का सम्मान और जागृति लाने का प्रयास करूंगी। बच्चों को उचित शिक्षा मिले, इस दिशा में कुछ करने की मेरी इच्छा है।

पति और परिवार का मिला सहयोग

शिवानी देसाई का कहना है कि शुरू में यह काम बहुत ही मुश्किल लग रहा था, पर पति और परिवार और 13 वर्षीय बेटी पुरा का सहयोग मिला, तो सब कुछ मैनेज हो गया। आज नारी किसी भी रूप में कमजोर नहीं है। आवश्यकता है अपनी प्रतिमा को बताने की। इसके लिए डिवोशन, डेडीकेशन और डीटरमेशन रखेंगी, तो सफलता मिलना तय है। मुझे केवल यही कहना है कि यदि आप आर्थिक रूप से सक्षम हैं, तो अपनी प्रतिभा को छिपाकर मत रखो।

शिवानी अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं। शिवानी अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं।
इनकी 13 साल की बेटी भी है। इनकी 13 साल की बेटी भी है।
सौंंदर्य स्पर्धा में केवल सुंदरता को ही पैमाना नहीं माना जाता। सौंंदर्य स्पर्धा में केवल सुंदरता को ही पैमाना नहीं माना जाता।
बौद्धिकता, विजन को भी ध्यान में रखा जाता है। बौद्धिकता, विजन को भी ध्यान में रखा जाता है।
10 हजार महिलाओं में से चयनित 80 में शिवानी भी शामिल थी। 10 हजार महिलाओं में से चयनित 80 में शिवानी भी शामिल थी।
परिवार में पिता और पति और बेटी का पूरा सहयोग मिला। परिवार में पिता और पति और बेटी का पूरा सहयोग मिला।
अहमदाबाद में था ऑडिशन। अहमदाबाद में था ऑडिशन।