सफल ऑपरेशन होने के कुछ दिन बाद मरीज के पेट में शुरु हो गया दर्द, सीटी स्कैन के बाद डॉ. ने कहा- ये दवाई से ठीक नहीं हो सकता, जो चीज अंदर है उसके लिए फिर ऑपरेशन करना होगा

Bhaskar News

Apr 13, 2019, 12:59 PM IST

गुजरात न्यूज: पेट के अंदर खून से सन चुकी थी ये चीज, मरीज की आंतों में बढ़ रही थी सड़न

Surat Gujarat News in Hindi Doctors Negligence of operation Patient 

सूरत (गुजरात)। स्मीमेर अस्पताल के डॉक्टरों ने एक मरीज के पेट में पानी से भरी थैली समझ कर ऑपरेशन किया तो 15X15 सेमी का कपड़ा निकला। यह कपड़ा 11 महीने से मरीज के पेट में था। मरीज ने बनारस में एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया था। वहीं के डॉक्टरों नेे ऑपरेशन के बाद यह कपड़ा छोड़ मरीज के पेट में छोड़ दिया था। मरीज पेट में इतना बड़ा कपड़ा होने के कारण 11 महीने से दर्द से परेशान था। गुरुवार को स्मीमेर के सर्जरी विभाग में सफल ऑपरेशन होने के बाद उसे राहत मिल गई। कुछ दिन बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। स्मीमेर अस्पताल के डॉक्टरों ने बनारस के उस अस्पताल से केस पेपर और फाइल मंगवाया है, जिसने मरीज के पेट में कपड़ा छोड़ दिया।

समस्या: पित्ताशय में सड़न बता निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने की थी सर्जरी


सूरत में अमरोली कोसाड में रहने वाला 30 वर्षीय अखिलेश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का है। उसे एक साल पहले पेट में दर्द हुआ तो पहले घर के पास के डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं हुआ तो बनारस के एक निजी अस्पताल गया। वहां डॉक्टरों ने पित्ताशय में सड़न बताकर ऑपरेशन किया और खून साफ करने वाला कपड़ा उसके पेट में ही छोड़ दिया। उसके बाद समस्या और बढ़ गई। उसे पेट दर्द के साथ खाना हजम नहीं हो रह था। बाद में वह सूरत आ गया। वह एम्ब्रॉडरी के कारखाने में काम करता है। कुछ दिन पहले ही उसकी तकलीफ बढ़ गई तो परिजन स्मीमेर अस्पताल लेकर चले आए।

इस गलती से मरीज की जान भी जा सकती थी


स्मीमेर अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि इस तरह की गलती से मरीज की जान भी जा सकती थी। ऐसी गलती कैसे हुई इसके लिए बनारस के उस अस्पताल से रिपोर्ट मंगाई गई है। ऑपरेशन के दौरान सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट, दस्ताने, सिरिंज जैसी चीजें पेट में ही छूटने का खतरा रहता है। यह गंभीर गलती है। स्मीमेर अस्पताल में यह पहला मौका है जब किसी मरीज के पेट से कपड़ा निकाला गया हो।

सीटी स्कैन में दिखी पानी की थैली जैसी चीज


सीटी स्कैन किया गया तो पेट में पानी की थैली जैसी कोई चीज दिखी। हमने मरीज को यह बात बताई और कहा- जो सामान पेट के अंदर है, वो दवाई से भी ठीक नहीं किया जा सकता है। इसके लिए एक बार फिर से ऑपरेशन करना होगा। गुरुवार को डॉ. अर्चना नेमा और डॉ. दीपक वरिया के साथ दो घंटे ऑपरेशन किया तो उसके पेट से 15X15 सेमी का कॉटन का कपड़ा निकला। इसकी वजह से आंतों में सड़न पैदा हो गई थी। ऑपरेशन के बाद मरीज की तबीयत ठीक है।

- डॉ. जितेंद्र दर्शन, प्रमुख, सर्जरी विभाग, स्मीमेर

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