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23 साल बाद बनी मां, बेटी का चेहरा मैच न हुआ तो भीड़ ने समझा बच्चा चोर, पीड़िता ने कहा- मेरे ऊपर भीड़ टूट पड़ी, मैं रोती-गिड़गिड़ाती रही, कोई सुनने को तैयार न था

पहला मामला अहमदाबाद तो दूसरा सूरत का, दोनों केसों में पुलिस का ढ़ीला रवैया।

Bhaskar News | Last Modified - Jun 27, 2018, 05:21 PM IST

    अहमदाबाद/सूरत.अहमदाबाद और सूरत में गुजरात को शर्मसार कर देने वाली 2 घटनाएं हुईं। अहमदाबाद में बच्चा चोर गिरोह की अफवाह में एक महिला के साथ भीड़ ने मारपीट की। शादी के 23 साल बाद 43 की उम्र में मां बनीं महिला अपनी डेढ़ साल की बच्ची के साथ जा रही थी। उन्हें भीड़ ने घेर लिया और कहा- बच्ची से चेहरा नहीं मिल रहा, यह तुम्हारी बेटी नहीं है। एक महिला बच्ची को छीनते हुए अपनी बेटी बताने का नाटक भी करने लगी। इससे भीड़ और भड़क गई। पुलिस मां-बेटी को थाने ले गई। फिर परिजन थाने पहुंचे, सच्चाई बताई तो दोनों को छोड़ दिया। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए महिला के सामान चोरी होने का मामला दर्ज किया है।

    पीडिता ने कहा- मैं भीड़ के सामने रोती-गिड़गिड़ाती रही, कोई सुनने को तैयार न था...

    - पीड़िता ने FIR में लिखवाया,मेरा नाम लाभुबेन दिनेश भाई तेजाणी है। कामरेज के सुंदरवन सोसाइटी में रहती हूं। मंगलवार को मैं, पति और डेढ़ साल की बेटी वराछा के हीराबाग विट्‌ठलनगर की वाड़ी में बहन की बेटी के गोद भराई में गए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद मेरे पति हीरा कारखाना में काम करने चले गए। मैं मातृ शक्ति सोसाइटी में रहने वाले अपने भाई के घर बच्ची को लेकर पैदल जा रही थी। उसी समय जनता नगर सोसाइटी के नाके पर खड़े तीन लोगों ने मुझसे पूछा कि किसकी बच्ची है। मैंने कहा कि मेरी है। वे नहीं माने और कहा कि यह बच्ची तुम्हारी नहीं लगती। तुम्हारा और बच्ची का चेहरा अलग लगता है।

    - इसी दौरान लोगों की भीड़ जमा हो गई। हमने लोगों से कहा कि 20 वर्ष की उम्र में हमारी शादी हुई और 23 साल के बाद हमारी गोद भरी, इसलिए तुम लोगों को ऐसा लगता है। यह फाइल मेरी बच्ची की है फिर भी विश्वास न हो तो मातृ शक्ति सोसाइटी में हमारा भाई रहता है, वहां चलो। इतना कहने के बाद भी लोग मानने को तैयार नहीं हुए।

    - इसी दौरान एक महिला ने मेरे हाथ से मेरी बेटी को छीन लिया और कहने लगी कि यह बच्ची उसकी है। देखते ही देखते लोगों की भीड़ हमारे ऊपर टूट पड़ी। कोई पैर से मार रहा तो कोई तमाचा मारने लगा। कहने लगे कि तू बच्ची को कहीं से उठा के ला रही है। हम लोगों के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था।

    - उन्होंने मेरे कपड़े, 2 हजार रुपए और मोबाइल का बैग ले लिया और पुलिस को बुलाकर उसके वाहन में बैठा दिया। परिवार पुलिस स्टेशन पहुंचे और हकीकत बताई तो मुझे और बेटी को छोड़ दिया। उधर, पीआई एमपी पटेल ने कहा कि मारपीट का शिकार हुई महिला निर्दोष थी और बच्ची उसी की थी।

    दूसरा मामला...पुलिस न पहुंचती तो 4 महिलाओं को मार डालती भीड़

    - पश्चिमी अहमदाबाद के वाडज इलाके में 1500 से 2000 लोगों की गुस्साई भीड़ ने बच्चा चोर गैंग समझकर 4 महिलाओं को पीटना शुरू कर दिया। पुलिस महिलाओं को बचाकर हॉस्पिटल ले गई लेकिन पिटाई से गंभीर एक महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 21 जून को जामनगर में ऐसी ही अफवाह के चलते तीन लोगों को भीड़ ने जमकर पीटा था। मृतका की पहचान शांतिबेन मारवाडी (50) के रूप में हुई है।

    - वाडज थाने के पुलिसकर्मी राजेन्द्र सिंह ने बताया, मौके पर भीड़ ने ऑटो को उल्टा कर दिया था। इसमें सवार चार महिलाओं को लोग पीट रहे थे। हमने इन महिलाओं को भीड़ से बचाकर हॉस्पिटल भिजवाया। पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो भीड़ चारों महिलाओं को शायद मार डालती।

    - डीसीपी आरजे पारघी ने बताया, फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि ये महिलाएं बच्चा चुराने आई थीं या नहीं। भीड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। महिलाएं राजस्थान के पाली जिले की हैं। यहां बच्चा चोर गैंग सक्रिय होने की अफवाह फैली हुई है।

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