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24 दिन पहले जिस कांड में पकड़ी गई पत्नी, अब उसी जुर्म में पति हुआ अरेस्ट; एक साथ काम करते-करते दोनों में हुआ था प्यार

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 05:30 PM IST

वडोदरा न्यूज: वाइफ का अधूरा काम करने गया था, तभी पुलिस ने धड़-दबोचा

Vadodara Gujarat News CBI arrests PF officer rajneesh tiwari for bribe case

वडोदरा (गुजरात)। सीबीआई ने रिश्वत ले रहे पीएफ अधिकारी रजनीश तिवारी को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को स्पेशल कोर्ट में पेश कर तीन दिनों की रिमांड पर लिया है। सीबीआई ने आरोपी का स्पेक्ट्रो ग्राफी टेस्ट कराने के लिए कोर्ट से मंजूरी मांगी है। सीबीआई ने शुक्रवार को पीएफ कार्यालय के प्रवर्तन अधिकारी रजनीश तिवारी को सीबीआई ने 5 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने शनिवार को आरोपी को जज के आवास पर पेश कर पांच दिनों के रिमांड की मांग की थी।

सीबीआई ने अपनी दलील में कहा कि आरोपी को 5 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया जबकि छापेमारी के दौरान उसके घर से 4 लाख और जब्त किए गए हैं। आरोपी यह रकम कहां से लाया इसकी जांच जरूरी है। इसके अलावा बैंक अकाउंट, संपत्ति आदि भी जांच होगी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।ज्ञातव्य है कि पीएफ कार्यालय की प्रवर्तन अधिकारी पारू तिवारी के गिरफ्तार होने के 24 दिन बाद गांधीनगर सीबीआई ने पति रजनीश को 5 लाख रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। दोनों रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं। कंस्ट्रक्शन कंपनी का सर्वे करने गई पारू तिवारी ने 30 लाख रिश्वत मांगी थी। एक लाख रिश्वत लेने के अन्य एक मामले में पारू तिवारी की गिरफ्तारी के बाद पति रजनीश उसके अधूरे काम को पूरा करने गया था। रजनीश ने उसी कंपनी से 20 लाख मांगा तो 10 लाख में मामला तय हुअा। शुक्रवार को जूना पादरा रोड पर रिलायंस मॉल के पास कंपनी से 5 लाख की पहली किस्त लेते हुए रजनीश को सीबीआई ने गिरफ्तार किया। सीबीआई की टीम ने पीएफ ऑफिस और रजनीश के घर 7 घंटे तक सर्च करके 4 लाख रुपए जब्त किए।

प्रेम विवाह करके 58 दिन में एक ही विभाग में जुड़े
रजनीश तिवारी ने 24 जून 1998 को वडोदरा में प्रोविडंड फंड ऑर्गेनाइजेशन में प्रवर्तन अधिकारी के रूप में नौकरी ज्वॉइन की थी। पारू 20 अगस्त 1998 यानी कि 58 दिन बाद इसी विभाग में प्रवर्तन अधिकारी नियुक्त हुई थी। एक साथ काम करते-करते दोनों में प्रेम हो गया। पारू और रजनीश ने 2 मार्च 2012 में प्रेम विवाह कर लिया था।


रजनीश (पति) पांच लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

- तारीख: 11/01/2019

पत्नी पारू तिवारी के साथ पीएफ कार्यालय में प्रवर्तन अधिकारी के रूप में कार्यरत था। पत्नी ने नोटिस के निपटारे के लिए एक कंपनी से 30 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। कंपनी से 20 लाख रुपए मांगने पर 10 लाख में मामला तय हुआ। 5 लाख रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

पारू तिवारी (पत्नी ) 1 लाख रिश्वत लेते हुए पकड़ी गई
- तारीख: 17/12/2018
पीएफ कार्यालय में प्रवर्तन अधिकारी के रूप में कार्यरत थी। पीएफ आॅफिस में रजनीश तिवारी के साथ 2012 में प्रेम विवाह किया था। 16 अक्टूबर को एक लाख रुपए रिश्वत लेने का मामला दर्ज होने के बाद 17 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया।

डॉ. राजू (साला) बाल तस्करी के आरोप में जेल में बंद
- तारीख: 15/11/2018
छोटा उदेपुर में केसर अस्पताल चलाने वाला और बाल तस्करी का मुख्य आरोपी डॉ. राजू पारू तिवारी का सगा भाई है। केसर अस्पताल में बच्चों को बेचने का गोरखधंधा 8 साल से चला रहा था, अब तक 20 बच्चों को बेच चुका है । 15 नवंबर को गिरफ्तार किया गया।

30,000 से अधिक घर बनाने वाली कंपनी को थमाया था नोटिस
वडोदरा के ओपी रोड पर स्थित कन्स्ट्रक्शन कंपनी अब तक 28 लाख वर्ग फीट निर्माणकार्य, 31 बड़े प्रोजक्ट और 30,000 से अधिक घर बना चुकी है। कंपनी परमानेंट काम करने वाले श्रमिकों का पीएफ जमा नहीं करती थी। पीएफ ऑफिस ने कंपनी को नोटिस भेजा था। यह केस पारू तिवारी को सौंपा गया था। पारू तिवारी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए कंपनी से 30 लाख रूपए मांगी थी। पारू तिवारी के गिरफ्तार होने के बाद यह केस उसके पति रजनीश को सौंपा गया था।

पीएफ ऑफिस में पहली बार पति-पत्नी एक साथ रिश्वतखोरी में पकड़े गए
पीएफ ऑफिस में प्रवर्तन अधिकारी के रूप में कार्यरत पति-पत्नी के रिश्वतखोरी में गिरफ्तार किए जाने का यह पहला मामला है। पीएफ कार्यालय द्वारा 10 जनवरी को 'निधि आपके निकट' कार्यक्रम के तहत कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए लोक दरबार का आयोजन किया गया था। संयोग से इसके दूसरे ही दिन कार्यालय के एक प्रवर्तन अधिकारी को 5 लाख रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार शाम को कार्यालय से बाहर निकले कर्मचारियों में इस बात को लेकर लंबी बहस शुरू होगी। कर्मचारियों का कहना था कि ऐसे एक-दो अधिकारियों के कारण पूरा महकमा बदनाम हो रहा है। पीएफ विभाग में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को लोग रिश्वतखोर समझते हैं और शंका की निगाह से देखते हैं, यह रवैया ठीक नहीं है।

14 बिल्डर ग्रुपों पर की गई छापेमारी में रजनीश भी था
11 अगस्त 2015 को पीएफ ऑफिस की 4 टीमें अक्षर रियालिटी ग्रुप समेत 14 बिल्डरों के यहां छापेमारी की थी। छापेमारी में प्रवर्तन अधिकारी रजनीश भी था। टीम ने 717 श्रमिकों का पीएफ न जमा करने का मामला खोज निकाला था। इस दौरान बिल्डरों को नोटिस भी दिया गया था।


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