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बिल्डर ने प्रेग्नेंट पत्नी से कहा- बेटे को ही जन्म देना, दूसरी बेटी हुई तो भेजा मायके, फिर पागल बताकर छोड़ आया थाने, महिला के 12 घंटे रोने-गिड़गिड़ाने के बाद दर्ज हुआ मामला

दो मासूम बेटियों के साथ थाने में बैठी रही महिला।

‌Bhaskar News | Last Modified - Jun 25, 2018, 07:33 PM IST

बिल्डर ने प्रेग्नेंट पत्नी से कहा- बेटे को ही जन्म देना, दूसरी बेटी हुई तो भेजा मायके, फिर पागल बताकर छोड़ आया थाने, महिला के 12 घंटे रोने-गिड़गिड़ाने के बाद दर्ज हुआ मामला

सूरत।एक बिल्डर की पत्नी को बेटा नहीं हुआ तो ससुराल वालों ने पहले उसे मायके पहुंचा दिया और बाद में शनिवार को उसे पागल बताकर पुलिस स्टेशन छोड़ दिया। भूखी-प्यासी डेढ़ माह और 3 साल की दो बेटियों के साथ महिला 12 घंटे तक थाने में रोती-गिड़गिड़ाती रही, लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की। बाद में एक वकील के माध्यम से मामला दर्ज कराया।

पीड़ित महिला माया ने बताया, पहले उसे एक बेटा हुआ था, जिसकी मौत हो गई। ससुराल वालों ने फिर से बेटे की आस लगाई थी। जब वह प्रेग्नेंट हुई तो पति ने कहा कि घर का वारिस तो बेटा ही होता है, इसलिए बेटे को ही जन्म देना लेकिन माया को बेटी पैदा हुई। ससुराल वालों ने हॉस्पिटल का बिल भी नहीं चुकाया और उसे वहीं छोड़ दिया। बाद में उसे जोर-जबरदस्ती से मायके पहुंचा दिया। माया का कहना है कि ससुराल वालों ने उससे 15 लाख रुपए की मांग भी की।


सबसे पहले बेटा हुआ था, लेकिन पिछले साल मौत हो गई थी
सूरत के वीआईपी रोड स्थित सोहम हाइट्स निवासी बिल्डर गौतम करसन पुरोहित की शादी 2010 में माया से हुई थी। तीन साल बाद माया को एक बेटा हुआ, जिसका नाम सिद्धार्थ रखा। उसके बाद बेटी शौर्या हुई। 2017 में बेटे सिद्धार्थ की मौत हो गई। उसके बाद ससुराल वाले बेटे के लिए तांत्रिक का सहारा लिया। इस बीच माया प्रेग्नेंट हो गई। ससुराल वाले गर्भ परीक्षण का दबाव बनाने लगे। फिर बेटी हुई तो ससुराल के लोग गुस्सा हो गए और माया को प्रताड़ित करने लगे। पति मायके चले जाने के लिए जोर-जबरदस्ती करने लगा। माया मायके नहीं गई तो पति गौतम ने जहर पीने का नाटक भी किया। इसके बाद गौतम खुद ही उसे मुंबई स्थित उसके मायके छोड़ आया।


ससुराल पहुंची तो पति ने कहा पागल है, ले गया पुलिस थाने
माया अपने पिता नवीन पुरोहित और दोनों बेटियों के साथ शनिवार सुबह गौतम के घर पहुंची। गौतम उसे पागल बताकर उमरा पुलिस स्टेशन ले गया और वहीं छोड़ कर चला आया। इसके बाद वो अपनी बेटियों के साथ ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ शिकायत के लिए गुजारिश करने लगी, लेकिन पुलिस मामला दर्ज करने में आनाकानी करती रही। दोपहर 12 बजे से वह न्याय के लिए गिड़गिड़ाती रही, लेकिन पुलिस ने रात पौने 12 बजे मामला दर्ज किया। इस दौरान पुलिस स्टेशन में डेढ़ माह की बेटी दूध के लिए रोती रही, जबकि बड़ी बेटी भूख से तड़प कर सो गई।


पति, सास, ससुर के खिलाफ मामला दर्ज
गांधीनगर मूल निवासी माया के पति गौतम करसन पुरोहित, ससुर करसन, सास जमुना बेन और ननद भक्ति के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

बेटी हुई तो अस्पताल का पैसा भी नहीं दिया
पीड़ित माया ने बताया कि जब उसने अस्पताल में बेटी को जन्म दिया, तो इससे पूरा परिवार चिढ़ गया और अस्पताल का पैसा देने से मना कर दिया। प्रसूति से पहले सबने मुझसे कहा था कि घर का वारिस तो बेटा ही होता है, इसलिए बेटे को ही जन्म देना।

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