Hindi News »Gujarat »Vadodra» Hafeshwar Temple Drone View From Narmada River

18 साल बाद बाहर आया हांफेश्वर मंदिर, ड्रोन से देखें नजारा…

मंदिर के गर्भ गृह का दरवाजा भी दिखाई दिया, उमड़ा भक्तों का सैलाब।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 30, 2018, 03:02 PM IST

  • 18 साल बाद बाहर आया हांफेश्वर मंदिर, ड्रोन से देखें नजारा…
    +4और स्लाइड देखें
    हांफेश्वर मंदिर का गर्भ गृह का दरवाजा दिखाई दिया, भक्त उमड़े।

    वडोदरा।नर्मदा डेम का जल स्तर लगातार घट रहा है। ऐसे में नदी के भीतर स्थित ऐतिहासिक हांफेश्वर मंदिर दिनों-दिन बाहर दिखाई देने लगा है। अब मंदिर का गर्भ गृह का दरवाजा भी दिखाई देने से भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। ड्रोन की सहायता से मंदिर का नजारा…

    नर्मदा नदी गुजरात की जीवन रेखा है। भीषण गर्मी के कारण इसका पानी सूखने लगा है। दिनों-दिन इसका जलस्तर कम हो रहा है। इससे सरकार ही नहीं आम आदमी भी चिंतित है। ऐसे में ऐतिहासिक शिवमंदिर अब दिखाई देने लगा है। इससे शिवभक्तों में अपार खुशी है। लोग दूर-दूर से यहां दर्शन के लिए आने लगे हैँ। नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर डेम बनने के बाद कवांट तहसील में स्थित हांफेश्वर मंदिर पूरी तरह से डूब गया था। अब 18 साल बाद यह मंदिर फिर दिखाई देने लगा है।

    जितने कंकड़, सभी शंकर

    नर्मदा माता के बारे में कहा जाता है कि उसके पेट में जितने भी कंकड़ हैं, वे सभी शंकर हैं। जितने गांवों से वह गुजरती है, वह सभी तीर्थ स्थल। तीर्थों की हारमाला वाले पवित्र रेवा तट पर गुजरात का पहला तीर्थ किसे माना जाए, यह सवाल मन में सहजता के साथ ही उठता है। इसका जवाब यही है कि छोटा उदेपुर जिले के कवांट तहसील का हांफेश्वर। गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित यह स्थान नर्मदा की परिक्रमा करने वालों के लिए विश्रामस्थली है।

    मार्केंडेय ऋषि ने कठोर तप किया था

    हांफेश्वर इस गांव का नाम है, जहां शिवालय में कलहंसेश्वर महादेव विराजमान हैं। कहा जाता है कि ऋषि मार्केंडेय ने यहां कलहंसशेश्वर के रूप में शिव की प्रागट्य कथा युधिष्ठिर को सुनाई थी। इस कथा के अनुसार जगत का यदि वैभव चाहिए, तो तुरंत ही मिल जाएगा, किंतु उस महातपस्वी ने केवल शंकर भगवान के दर्शन की इच्छा व्यक्त की। आखिर में देवराज के आशीर्वाद से महादेव ने कलहंस को दर्शन दिया। ऋषि ने शंकर भगवान के सामने यह इच्छा व्यक्त की कि आपके भक्तों को यहां सदैव आपकी अनुभूति हो। इसके चलते कलहंसशेश्वर शिव का यह धाम अस्तित्व में आया। यह धारणा है कि यहां पूजन-अर्चन, दान, होेम-हवन करने वालोें की मनोकामना पूर्ण होती है।

  • 18 साल बाद बाहर आया हांफेश्वर मंदिर, ड्रोन से देखें नजारा…
    +4और स्लाइड देखें
    नर्मदा डेम बनने के बाद यह मंदिर डूब गया था।
  • 18 साल बाद बाहर आया हांफेश्वर मंदिर, ड्रोन से देखें नजारा…
    +4और स्लाइड देखें
    इस मंदिर के देवनिर्मित होने की मान्यता है।
  • 18 साल बाद बाहर आया हांफेश्वर मंदिर, ड्रोन से देखें नजारा…
    +4और स्लाइड देखें
    नर्मदा नदी में से 18 साल बाद बाहर आया हांफेश्वर मंदिर।
  • 18 साल बाद बाहर आया हांफेश्वर मंदिर, ड्रोन से देखें नजारा…
    +4और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Vadodra

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×