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हार्दिक पटेल के आने के पहले जीतू वाघाणी ने जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन

हाईवोल्टेज ड्रामा, बिना किसी वादे के केवल मौखिक आश्वासन पर कराया समाधान।

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 01:15 PM IST
बिना कोई वादा किए और मौखिक आश्वासन पर समाधान। बिना कोई वादा किए और मौखिक आश्वासन पर समाधान।

आणंद | सरदार पटेल के गृह क्षेत्र करमसद को 'राष्ट्रीय दर्जा' देने की मांग को लेकर सरदार हितरक्षक समिति के बैनर के तले जारी गत 30 अप्रैल से जारी आमरण अनशन बुधवार को समाप्त हो गया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी ने अनशन पर बैठे समिति के प्रमुख जगदीशभाई और अन्य अनशनकारियों को फलों का जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। हाईवोल्टेज ड्रामा...

हार्दिक के आने के डर से करमसद में हाई वाॅल्टेज ड्रामा हुआ। पास नेता बुधवार को शाम 7 बजे अनशनकारियों से मुलाकात करने वाले थे, पर हार्दिक के आने से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी और सांसद दिलीपभाई पटेल एवं अन्य नेताओं ने दोपहर 3.00 बजे आंदोलन के मुखिया जगदीश पटेल और अन्य आंदोलनकारियों को समझा-बुझाकर आंदोलन समाप्त कर दिया। इस घटना से लाेगों में भारी नाराजगी दिखाई दे रही है। गुरुवार को आणंद बंद की घोषणा की गई थी जिसे वापस ले ली गई। आंदोलन समाप्त होते ही पूरा पांडाल खाली हो गया।

मौखिक आश्वासन के बाद लिया निर्णय : जगदीश

आंदोलन के नेता जगदीशभाई पटेल ने बताया कि जीतूभाई वाघाणी, सांसद और कलेक्टर ने हमें बताया कि पोरबंदर को भी राष्ट्रीय दर्जा नहीं मिला है। रिपोर्ट मंगाकर इसकी जांच करेंगे। राष्ट्रीय दर्जा देने के लिए गठित समिति करमसद पर विचार करेगी। राष्ट्रीय दर्जा के लिए दो-तीन विकल्प सुझाए गए हैं। जगदीश पटेल ने कहा कि इस बारे में जल्द ही कलेक्टर के साथ बैठक होगी। हार्दिक के सवाल पर उन्होंने कहा कि पास नेता आते तो उनका भी हम स्वागत करते।

राज्य-केंद्र को दरख्वास्त भेजी जाएगी : वाघाणी

जीतू वाघाणी ने बताया कि आंदोलन के बारे में राज्य और केंद्र सरकार से सकारात्मक मांग की जाएगी। इसे राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। करमसद को राष्ट्रीय दर्जा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को दरख्वास्त भेजी जाएगी।

भाजपा नेता अपना वादा पूरा करें : हार्दिक पटेल

हार्दिक पटेल ने कहा कि भाजपा ने आंदोलन को खत्म करवा दिया। आंदोलन खत्म हो गया अच्छी बात है पर भाजपा नेता ग्रामीणों को दिया वादा भी पूरा करें।

मौखिक  आश्वासन से समाधान, कलेक्टर के साथ मीटिंग करूंगा-जगदीश भाई। मौखिक आश्वासन से समाधान, कलेक्टर के साथ मीटिंग करूंगा-जगदीश भाई।
उपवास मंडप, कुछ ही मिनटों में छोड़ दिया गया। उपवास मंडप, कुछ ही मिनटों में छोड़ दिया गया।
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बिना कोई वादा किए और मौखिक आश्वासन पर समाधान।बिना कोई वादा किए और मौखिक आश्वासन पर समाधान।
मौखिक  आश्वासन से समाधान, कलेक्टर के साथ मीटिंग करूंगा-जगदीश भाई।मौखिक आश्वासन से समाधान, कलेक्टर के साथ मीटिंग करूंगा-जगदीश भाई।
उपवास मंडप, कुछ ही मिनटों में छोड़ दिया गया।उपवास मंडप, कुछ ही मिनटों में छोड़ दिया गया।
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