वडोदरा

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बेटे की तेरहवीं में मां की मौत, आधे घंटे बाद मामा का हार्ट फेल

बेटे धवल ने मां की गोद में ही अपना दम तोड़ा, डॉक्टर ने वजह बताई ट्रांसफेट।

Dainik Bhaskar

Apr 10, 2018, 01:06 PM IST
हार्ट अटैक् के हमले से ज्योत्सना बेन की हुई मौत। हार्ट अटैक् के हमले से ज्योत्सना बेन की हुई मौत।

आणंद। शहर में जवान बेटे की मौत का आघात सहन न करने वाली मां का बेटे की तेरहवीं पर मौत हो गई। इसकी जानकारी जब उसके मायके में हुई, तब महिला के भाई को अटैक आया और उनकी भी मौत हो गई। तीन मौतों ने पटेल समाज को शोक के सागर में डूबो दिया। इंजीनियर बेटे ने मां की गोद में दम तोड़ा…

आणंद शहर में गंगादास की खड़की में रहने वाले धनश्याम भाई पटेल का 28 वर्षीय बेटा धवल अहमदाबाद की एक साफ्टवेयर कंपनी में काम करता था। 28 मार्च की सुबह उसके सीने में तेज दर्द हुआ। तब मां ज्योत्सना बेन ने उसे अपनी गोद में ले लिया, उसके सर पर हाथ फेरकर सहलाने लगी। किसी ने डॉक्टर को सूचना दी। डॉक्टर के आने के पहले ही धवल ने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।

ब्राेकन हार्ट सिंड्रोम के कारण हुई मौत

आणंद के हार्ट सेंटर के कार्डियोलाजिस्ट डॉ. पीयूष भाई पटेल ने बताया कि धवल की मौत की वजह ट्रांसफेट है। तली हुई चीजें और बेकरी में बेची जाने वाली चर्बीयुक्त खुराक प्रेस्टी, केक, क्रीमवाली आइटम्स में ट्रांसफेट पाया जाता है। धवल के बाद उसकी तेरहवीं में उसकी मां और आधे घंटे बाद ही उसके मामा की मौत के पीछे ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम जवाबदार है। ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में यह हाेता है कि जब व्यक्ति किसी बेहद अपने की मौत की खबर सुनता है, तो उसके दिल की नसें एक साथ अचानक ही संकुचित होने लगती है। इससे मौत हो जाती है।

धवल के ननिहाल में पहुंची खबर

उधर धवल की मां की मौत की सूचना जब उसके ननिहाल को मिली, तो धवल के मामा रमेश भाई शनाभाई पटेल (57) को आघात लगा, और उनको अटैक आया, कुछ समय बाद वे भी चल बसे।

माता-पिता ने 3 दिनों तक अन्न का त्याग किया

धवल की मौत के बाद मां ज्योत्सना बेन और पिता धनश्याम भाई पटेल ने तीन दिनों तक अन्न का त्याग कर दिया था। केवल जूस ही पीया। इसके बाद पिता तो स्वस्थ हो गए, पर बेटे के उठावने के दिन मां की तबीयत बिगड़ी, उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

तेरहवीं पर सारे अनुष्ठान के बाद मां तो तोड़ा दम

धवल की तेहरवीं 8 अप्रैल रविवार को थी। इस दौरान सभी क्रिया कर्म में उसके माता-पिता ने भाग लिया। सदगत आत्मा की शांति के लिए बेटी तथा परिवार और माेहल्ले की बालाओं को दान दिया। सभी कार्य जब सम्पन्न हो गए, तब रात सवा दस बजे मां की तबीयत फिर बिगड़ी, केवल 5 मिनट के हृदयाघात के कारण उनकी मौत हो गई।

भाई-बहन के बीच अटूट प्यार

ज्योत्सना बेन जब अस्पताल में थी, तब कालसर में रहने वाले और डाकोर में फेब्रिकेशन का कारखाना चलाने वाले सबसे छोटे रमेश भाई शनाभाई पटेल 4-5 बार उनका हालचाल पूछने आए थे। जब उन्हें अपनी प्यारी बहन की मौत की सूचना मिली, उसके आधे घंटे बाद ही उन्हें हार्ट अटैक आया, तो उनकी मौत हो गई।

बहन की मौत की खबर सुनते ही भाई रमेश भाई को आया अटैक, हुई मौत। बहन की मौत की खबर सुनते ही भाई रमेश भाई को आया अटैक, हुई मौत।
मृतक धवल धनश्याम पटेल। मृतक धवल धनश्याम पटेल।
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हार्ट अटैक् के हमले से ज्योत्सना बेन की हुई मौत।हार्ट अटैक् के हमले से ज्योत्सना बेन की हुई मौत।
बहन की मौत की खबर सुनते ही भाई रमेश भाई को आया अटैक, हुई मौत।बहन की मौत की खबर सुनते ही भाई रमेश भाई को आया अटैक, हुई मौत।
मृतक धवल धनश्याम पटेल।मृतक धवल धनश्याम पटेल।
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