वडोदरा

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BSc पास महिला सरपंच, सास-ससुर के बाद बहू बनी गांव की लीडर

डभोई तहसील के दिवालीपुरा गांव का संचालन 30 साल से केवल महिलाएं ही करती हैं।

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:47 PM IST
बीएससी पास सरपंच नीलोफर पटेल। बीएससी पास सरपंच नीलोफर पटेल।

वडोदरा। जिले के डभोई तहसील के दिवालीपुरा एक ऐसा गांव है, जहां 6 टर्म या पिछले 30 सालों से पूरी तरह से समरस बना हुआ है। हिंदू बहुल इस गांव की महिला सरपंच बीएससी पास है। वह मुस्लिम समुदाय की है, उसके बाद भी इस गांव में कभी भी किसी तरह का वैमनस्य दिखाई नहीं देता। इस गांव की पंच भी महिलाएं ही हैं। इस महिला सरपंच के सास-ससुर भी सरपंच रह चुके हैं। इनका नाम है नीलोफर पटेल। गांव में केवल 15 मुस्लिम परिवार…

दिवालीपुरा गांव की आबादी केवल 800 है। गांव में 15 परिवार मुस्लिम हैं, बाकी सभी हिंदू हैँ। इसके बाद भी पिछले 30 सालों में से 10 साल युनूस भाई पटेल, फिर उनकी पत्नी हमीदा बानो पटेल 15 साल, उसके बाद उनकी बहू नीलोफर पटेल ने गांव के विकास की बागडोर संभाल रखी है।

पिछले साल ही किया ग्रेजुएशन

नीलोफर ने बीएससी के अलावा एमएलटी की पढ़ाई की है। पिछले साल ही उन्होंने बीएससी किया है। वे बताती है कि ग्राम विकास के साथ ही मैं अपने बच्चों पर भी पूरा ध्यान देती हूं। मेरा मुख्य उद्देश्य गांव का विकास है। गांव को पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना मेरा लक्ष्य है। हमारा गांव पूरी तरह से समरस है। सरकार से मिलने वाली ग्रांट का उपयोग ग्राम विकास में किया जाता है। आसपास के अन्य गांवों की अपेक्षा हमार गांव धीमे किंतु सधे कदमों से आगे बढ़ रहा है। इसमें पूर्व सरपंच युनूसभाई पटेल का भी पूरा सहयोग है।

गांव में केवल 15 परिवार ही मुस्लिम हैं। गांव में केवल 15 परिवार ही मुस्लिम हैं।
गांव की आबादी 800 है। गांव की आबादी 800 है।
गांव का विकास मेरा मुख्य उद्देश्य। गांव का विकास मेरा मुख्य उद्देश्य।
इसके सास-ससुर भी सरपंच रह चुके हैं। इसके सास-ससुर भी सरपंच रह चुके हैं।
30 साल से गांव का संचालन केवल महिलाएं ही कर रही हैं। 30 साल से गांव का संचालन केवल महिलाएं ही कर रही हैं।
गांव मे कभी भी वेमनस्यता दिखाई नहीं दी। गांव मे कभी भी वेमनस्यता दिखाई नहीं दी।
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बीएससी पास सरपंच नीलोफर पटेल।बीएससी पास सरपंच नीलोफर पटेल।
गांव में केवल 15 परिवार ही मुस्लिम हैं।गांव में केवल 15 परिवार ही मुस्लिम हैं।
गांव की आबादी 800 है।गांव की आबादी 800 है।
गांव का विकास मेरा मुख्य उद्देश्य।गांव का विकास मेरा मुख्य उद्देश्य।
इसके सास-ससुर भी सरपंच रह चुके हैं।इसके सास-ससुर भी सरपंच रह चुके हैं।
30 साल से गांव का संचालन केवल महिलाएं ही कर रही हैं।30 साल से गांव का संचालन केवल महिलाएं ही कर रही हैं।
गांव मे कभी भी वेमनस्यता दिखाई नहीं दी।गांव मे कभी भी वेमनस्यता दिखाई नहीं दी।
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