कोरोनावायरस  / तुलसी, नीम और गिलोय की पत्तियों का रस इम्युनिटी बढ़ाकर घटाएगा संक्रमण, आयुर्वेद के 5 नुस्खे जो इंफेक्शन से बचाएंगे

China Coronavirus | Ayurvedic Treatment Of China Coronavirus; Know What is Coronavirus and How to Manage It with Ayurveda
China Coronavirus | Ayurvedic Treatment Of China Coronavirus; Know What is Coronavirus and How to Manage It with Ayurveda
X
China Coronavirus | Ayurvedic Treatment Of China Coronavirus; Know What is Coronavirus and How to Manage It with Ayurveda
China Coronavirus | Ayurvedic Treatment Of China Coronavirus; Know What is Coronavirus and How to Manage It with Ayurveda

  • वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इम्युनिटी पावर अधिक होना जरूरी
  • आयुर्वेद में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कालीमिर्च पाउडर और नीम-पपीते के पत्तों का रस दिया जाता है

Dainik Bhaskar

Jan 24, 2020, 08:34 PM IST

हेल्थ डेस्क. चीन से फैल रहे कोरोनावायरस की आशंका के चलते भारत के मुंबई, दिल्ली, कोलकाता समेत देश के 7 एयरपोर्ट पर चीन से आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। यह वायरस पहले नहीं देखा गया था, यह तेजी से अपना रूप बदल लेता है। चीन में कोरोनावायरस से प्रभावित 830 लोगों की पहचान हो चुकी है। 20 प्रांतों में 1072 लोगों के इसी वायरस से प्रभावित होने की आशंका है। गुरुवार तक इससे मरने वालों की संख्या 26 पहुंच गई है। भारत में एहतियात के तौर पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। 

आयुर्वेद के मुताबिक, संक्रमण के बचने के लिए सबसे जरूरी है शरीर की इम्युनिटी यानी रोगों से लड़ने की क्षमता का बढ़ना। इम्युनिटी कम होने का एक बड़ा कारण है कब्ज। आयुर्वेद और नेचुरोपैथ विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के मुताबिक, कुछ घरेलू नुस्खों से इम्युनिटी बढ़ाकर संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है। जानिए वायरस इंफेक्शन को कैसे समझें और कैसे निपटें....

कब अलर्ट हों : तेज बुखार, गले में सूजन और सांस लेने में तकलीफ होने पर

कई दिनों तक तेज बुखार, नाक बहना, आंखे लाल रहना, सिरदर्द, खांसी, गले में सूजन के कारण दर्द और सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो अलर्ट होने की जरूरत है। संक्रमण के कुछ मामलों में स्किन पर चकत्ते भी पड़ सकते हैं। ऐसे कोई भी लक्षण दिखने पर डॉक्टरी सलाह जरूर लें क्योंकि संक्रमण में शरीर का तापमान जितना ज्यादा बढ़ता है स्थिति उतनी ही बेकाबू होती है। इसलिए जल्द इलाज ही बेहतर विकल्प है। 

क्या करें-क्या न करें : उबला हुआ पानी ज्यादा पीएं, खानें में तरल पदार्थ ही लें

  • संक्रमण की स्थिति में पानी पीना बिल्कुल न छोड़ें। पानी उबालकर ठंडा करें और पीएं।
  • मरीज हैं तो घर से बाहर निकलने से बचें ताकि वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
  • मामले सामने आने पर मास्कर का प्रयोग करें। छींक आने की स्थिति में मुंह पर रुमाल लगाएं।
  • तीमारदार मरीज से सीधे संपर्क में आने से बचें, खासतौर पर उसकी चीजों को इस्तेमाल करने से बचें।

आयुर्वेद के 5 कारगर नुस्खे जो संक्रमण को बेअसर करते हैं

  • तुलसी, नीम और गिलोय की पत्तियों को पीसकर रस बनाएं। इसे दिन में तीन बार आधा कप लें।
  • काली-मिर्च के पाउडर को देसी-घी में भूनें। इसके मिश्री के साथ खाएं। 
  • एक लीटर पानी में कुटी हुई सौंठ, तुलसी की पत्तियां, गिलोय का गूदा, चिरायता, नीम और पपीते के पत्तों को डालकर उबालें। एक चौथाई रह जाने पर हटा लें। इसे दिन में 3 बार हल्का गर्म करके पीएं। 
  • एक मुट्ठी तुलसी के पत्तों और एक चम्मच लौंग पाउडर को एक लीटर पानी में उबाल कर रख लें। इस पानी को हर 2 घंटे के अंतराल पर लें।
  • खांसी-जुकाम अधिक होने पर खांसी अधिक आने पर कालीमिर्च पाउडर, सेंधा नमक और शहद को मिलाकर ले सकते हैं। या छोटी पिप्पली पाउडर को शहद के साथ खाना भी बेहतर विकल्प है।
  • पपीते और केले के पत्ते व एलोवीरा को पीसकर रस बना लें। इसे दिन में तीन बार आधा-आधा कप लें। 

संक्रमण की स्थिति बने ही न इसके लिए च्यवनप्राश खाएं
आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक सर्दियों के मौसम में इम्युनिटी घटती है और संक्रमण होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसके लिए रोजाना गाय के दूध के साथ च्यवनप्राश खाने की सलाह दी जाती है। या आंवला, एलोवेरा या फिर वीटग्रास का जूस पीना फायदेमंद साबित होता है। आयुर्वेद के मुताबिक, च्यवनप्राश का जिक्र च्यवन संहिता में है जिसको च्यवन ऋषि ने रचा था। यह सेहत को सुरक्षाकवच देता है। यह वात-पित्त-कफ के दोष को दूर करता है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक, च्यवनप्राश तैयार करने में कई तरह की जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल होता है जो रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने के साथ, याद्दाश्त तेज करने और तनाव को दूर करने का भी काम करती हैं। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना