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  • World Cancer Day 2020 | Ayurvedic Treatment Of Cancer; Know What Is Cancer And How To Manage It With Ayurveda

रोज़ाना एक चौथाई चम्मच हल्दी का सेवन कैंसर से बचा सकता है

एक वर्ष पहले
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हेल्थ डेस्क. वैसे तो काफी लंबे अरसे से माना जा रहा था कि हल्दी कैंसर कोशिकाओं की बढ़ोतरी को रोकने का काम करती है, लेकिन अब एक रिसर्च भी इस बात की पुष्टि करती है। श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी (एससीटीआईएमएसटी) तिरुअनंतपुरम और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा संयुक्त रूप से की गई रिसर्च के अनुसार हल्दी के तत्व करक्युमिन में ऐसे गुण पाए गए हैं जिनका इस्तेमाल कैंसर कोशिकाओं को मारने और स्वस्थ्य कोशिकाओं को सुरक्षित रखने में किया जा सकता है। इस रिसर्च को अमेरिकी पेटेंट भी मिल गया है।

हल्दी किसी भी रूप में ली जा सकती है। भारतीय भोजन में दाल या सब्जियों में हल्दी का इस्तेमाल होता ही है। फिर भी रोजाना सुबह या शाम गुनगुने पानी या दूध में एक चौथाई चम्मच मिलाकर लेंगे तो सीधा फायदा मिलेगा। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. अबरार मुल्तानी, योग विशेषज्ञ शैलजा त्रिवेदी से जानिए वैकल्पिक चिकित्सा में कैंसर से बचाव के तरीके...

आयुर्वेद : कैंसर कोशिकाओं से लड़ेगी तुलसी और कालीमिर्च

  • कालीमिर्च : इसमें मौजूद पाइपेरिन एल्कलॉइड कैंसर कोशिकाओं की बढ़ोतरी को रोकने में मदद करता है। इसे रोज़ाना एक या दो की मात्रा में साबुत भी निगल सकते हैं।
  • तुलसी : यह ब्लड के pH को सामान्य करती है और एसिडोसिस (रक्त में एसिड की अधिकता) को ठीक करती है। इसलिए कैंसर से बचाव के लिए यह एक उत्तम औषधि है। तीन से पांच साफ पत्तियों को रोज़ चबाकर खाना चाहिए।
  • पुदीना : यह भी शरीर में तुलसी की ही तरह कार्य करता है अर्थात ब्लड के pH को सामान्य करता है। इसकी 5 से 8 साफ पत्तियों को रोज़ाना चबाकर खाना चाहिए।
  • अदरक : एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों से युक्त जिनग्रोल और जिंगेरोन एल्कलॉइड के कारण अदरक भी कैंसर की रोकथाम करता है। सर्दियों में तो अदरक लेना ही चाहिए, इसके अलावा गर्मियों में भी चाय में कम मात्रा में अदरक लिया जा सकता है।
  • अश्वगंधा : शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने और कैंसर की रोकथाम में अश्वगंधा भी बहुत उपयोगी है। इसकी जड़ के पाउडर को आधी चम्मच की मात्रा में दूध के साथ रोज़ाना लिया जाना चाहिए।

योगा : रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाएंगे सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और भ्रामरी नाद
कुछ शोधों से पता चलता है कि योग से भी कैंसर से बचाव किया जा सकता है। दरअसल, योग से सकारात्मकता में बढ़ोतरी होती है जो कैंसर से बचाव और उससे निपटने में अहम कारक है।

  • सूर्य नमस्कार : सूर्य नमस्कार में 12 चरण होते हैं। रोजाना सूर्य नमस्कार के ऐसे 12-12 चरणों के 6 चक्र करें। इसे किसी अच्छे योग विशेषज्ञ से सीखना जरूरी है। सूर्य नमस्कार पूरे शरीर को रोगों से मुक्त रखता है।
  • प्राणायाम : रोजाना 15 मिनट करें। इससे फेफड़े स्वस्थ होते हैं और शरीर में ऑक्सीजनयुक्त रक्त का प्रवाह बढ़ता है। शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता का भी विकास होता है जो कैंसर से लड़ने में मददगार होती है।
  • भ्रामरी नाद : इससे तंत्रिका तंत्र को फायदा मिलता है। रक्तचाप नियंत्रित रहता है और हॉर्मोन्स भी संतुलित रहते हैं। यह सकारात्मकता को बढ़ाने में मददगार होता है।