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अलर्ट करने वाली रिसर्च:नवजात को एंटीबायोटिक्स देने पर अगले 6 साल तक उनकी लम्बाई और वजन पर बुरा असर पड़ सकता है

8 महीने पहले
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  • इजरायल की बार-इलन यूनिवर्सिटी ने रिसर्च में किया दावा
  • जन्म से 28 दिन तक के बच्चे को नवजात कहा जाता है

बैक्टीरिया से बचाने वाली एंटीबायोटिक्स पर इजरायल के वैज्ञानिकों की रिसर्च चौंकाने वाली है। रिसर्च कहती है, अगर बच्चे को जन्म के 15 दिनों के अंदर एंटीबायोटिक्स देते हैं तो 6 साल की उम्र तक उसके शरीर की ग्रोथ धीमी हो सकती है। उसका वजन और लम्बाई सामान्य के मुकाबले कम हो सकती है। लेकिन, वैज्ञानिकों का कहना है, ऐसा सिर्फ लड़कों में होगा, लड़कियों में नहीं। यह दावा इजरायल की बार-इलन यूनिवर्सिटी ने अपनी रिसर्च में किया है।

नवजात का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है

रिसर्चर ओमरी कोरियन कहते हैं, नवजातों में रोगों से लड़ने वाला इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। यही वजह है कि इनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए इन्हें एंटीबायोटिक्स की जरूरत होती है। एंटीबायोटिक्स नवजातों का जीवन बचाने की दवा है, लेकिन रिसर्च के परिणाम बताते हैं कि इन दवाओं से भविष्य में दिखने वाले असर को भी समझने की जरूरत है।

फिर खतरा कहां है?
रिसर्च के मुताबिक, जन्म के शुरुआती हफ्तों में नवजातों को एंटीबायोटिक्स के जरिए बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण से बचाया जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है, नवजातों को एंटीबायोटिक्स देने से उनके शरीर में फायदा पहुंचाने वाले बैक्टीरिया पर भी बुरा असर पड़ता है।

जन्म के शुरुआती दिनों में एंटीबायोटिक्स देते हैं तो इसका असर उनके विकास पर पड़ता है। लेकिन 28 दिन से अधिक उम्र के बच्चों पर दवाओं का ऐसा खतरा नहीं देखा गया।

बैक्टीरिया पर बेअसर हो रही एंटीबायोटिक्स

जब बैक्टीरिया से होने वाले इंफेक्शन पर जरूरत से ज्यादा एंटीबायोटिक्स दवाओं का इस्तेमाल होता है तो ऐसे बैक्टीरिया खास तरह की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं। ऐसा होने पर दवाएं इन पर बेअसर होने लगती हैं। इसे एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस (AMR) कहते हैं। ये बताता है कि बैक्टीरिया ने दवा के खिलाफ अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है। दुनिया में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं।

एंटीबायोटिक्स से जुड़ी वो गलतियां जो कभी नहीं करनी चाहिए?

  • सदी, खांसी, जुकाम या सिरदर्द होने पर पहले ही दिन दवाएं न लें।
  • घर में पहले से रखी दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टरी सलाह लें।
  • एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल सिर्फ बैक्टीरियल इंफेक्शन को खत्म करने के लिए होता है वायरल इंफेक्शन के लिए नहीं।
  • दवाएं डॉक्टर की सलाह पर ही लें और समय से लेने की आदत डालें।
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