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  • Australian Scientists Develop A Strip Test That Offers A Pain free Way To Check Glucose Levels

ग्लूकोज मॉनिटर करने का नया तरीका:ब्लड शुगर चेक करने के लिए दर्द सहने की जरूरत नहीं, वैज्ञानिकों ने बनाई चिप यह लार जांचकर बताएगी शुगर का लेवल; ऐप पर मिलेंगे नतीजे

11 दिन पहले
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  • ऑस्ट्रेलिया की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने विकसित की स्ट्रिप
  • बाजार में 2023 तक स्ट्रिप के उपलब्ध होने की उम्मीद

जल्द ही ब्लड शुगर चेक करने के लिए सुई के दर्द से नहीं गुजरना होगा। ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने ऐसी स्ट्रिप बनाई है जो इंसान की लार को जांचकर बताएगी कि ब्लड शुगर का लेवल ज्यादा है या कम। फिलहाल अभी सुई चुभोकर उंगली से ब्लड की बूंद निकालते हैं और ग्लूकोज मॉनिटर से जांचते हैं। नई स्ट्रिप उपलब्ध होने पर जांच के लिए दर्द नहीं सहना पड़ेगा।

इसी साल शुरू होगा उत्पादन
इस स्ट्रिप को विकसित करने वाली ऑस्ट्रेलिया की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी कहती है, इस प्रोजेक्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार की ओर से 35 करोड़ रुपए की फंडिंग मिली है। इस राशि से बड़े स्तर पर टेस्टिंग किट तैयार की जाएंगी। क्लीनिकल ट्रायल पूरा होने पर किट को तैयार करने की प्रक्रिया इसी साल शुरू हो जाएगी। 2023 तक इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे फार्मेसी से खरीदा जा सकेगा।

ऐसे काम करेगी स्ट्रिप

  • ब्लड शुगर की जांच के लिए स्ट्रिप को जुबान पर रखना होगा।
  • लार के सम्पर्क में आते ही स्ट्रिप पर रिएक्शन शुरू हो जाएगी।
  • यह स्ट्रिप स्मार्टफोन पर एक ऐप से कनेक्ट रहती है।
  • रिएक्शन होने के बाद ऐप पर पता चल जाता है कि ब्लड शुगर कितना है।

बच्चों की ब्लड शुगर जांच से आया आइडिया

शोधकर्ता पॉल दस्तूर का कहना है, इस स्ट्रिप को तैयार करने की प्रेरणा मुझे मेरी पत्नी से मिली, जो एक स्कूल टीचर हैं वो बच्चों को उनका ब्लड शुगर मॉनिटर करने में मदद करती हैं। लंच बेल बजने पर बच्चे मैदान में खेलने के लिए भागते हैं, लेकिन यह परेशान करने वाली बात है कि कुछ बच्चों को वापस आने पर खाने के बाद ब्लड सैम्पल लेकर शुगर की जांच की जाती है। हम चाहते थे, जांच का ऐसा तरीका विकसित किया जाए जिससे बच्चों को दर्द न हो। जांच का नया तरीका लो-कॉस्ट है।

च्विंगम के आकार वाली स्ट्रिप
शोधकर्ता कहते हैं, स्ट्रिप में बायोसेंसर लगे हैं इसके कारण केमिकल रिएक्शन होने से सिग्नल जनरेट होते हैं। चिप का आकार च्विंगम जितना होता है और इससे पतली होती है। इसमें एक ट्रांसिस्टर लगा है जिसमें ग्लूकोज ऑक्सीडेज एंजाइम मौजूद रहता है। यही लार में मौजूद ग्लकोज के साथ मिलकर रिएक्शन करता है और हाइड्रोजन परऑक्साइड को तैयार करता है। जो आगे सिग्नल भेजने का काम करता है और ऐप पर नतीजे आ जाते हैं।

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