पिता बनते ही सिकुड़ जाता है पुरुषों का दिमाग:इससे वे परिवार के बारे में ज्यादा सोचने लगते हैं, बच्चे की बेहतर देखभाल करते हैं

वॉशिंगटन2 महीने पहले
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बच्चे को जन्म देने के बाद मां में बड़े शारीरिक और मानसिक परिवर्तन होते हैं। पिता पर उस तरह के परिवर्तन पर हमेशा संशय की स्थिति रही है। आमतौर पर पिता में प्रत्यक्ष तौर पर कोई खास बदलाव दिखाई नहीं देता। लेकिन ऐसा है नहीं। नए शोध से पता चला है कि पहली बार पिता बनने वाले पुरुषों में बड़े मानसिक बदलाव होते हैं। उनका दिमाग सिकुड़ता है। वे अपने और अपने परिवार के बारे में ज्यादा सोचने लगते हैं। उनका मन भटकता रहता है और वे कई ख्वाब बुनने लगते हैं।

हालांकि पिता में होने वाला यह परिवर्तन मां में होने वाले परिवर्तन से काफी कम है। सेरिब्रल कॉर्टेक्स में प्रकाशित रिसर्च में ग्रेगोरिया मारान हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट की मैगडैलेना मार्टिनेज गार्सिया बताती हैं कि पिता बनने से एक साल पहले और पिता बनने के बाद पुरुषों की एमआरआई कराई गई। इससे पता चला कि बच्चा होने के बाद उनका दिमाग धीरे-धीरे सिकुड़ने लगता है। इससे दिमाग के कुछ हिस्से पर दबाव पड़ता है।

दिमाग में बदलाव से बच्चे के लिए लगाव बढ़ता है
रिसर्च के मुताबिक, सबसे ज्यादा दबाव दिमाग के पिछले हिस्से कॉर्टेक्स पर पड़ता है। यहां रेटिना के जरिए सूचनाएं पहुंचती है और सूचना समझ में बदलती है। पुरुषों में इस बदलाव से बच्चे के लिए लगाव बढ़ता है। इसमें मानसिक तौर पर बदलाव का पैटर्न मां के बदलाव जैसा ही होता है, लेकिन उसकी रफ्तार तुलनात्मक रूप से बहुत कम होती है।

इन्हीं रिसर्चर्स ने एक दूसरा शोध किया था, जो साल 2017 में नेचर न्यूरोसाइंस में छपा था। इसमें पहली बार पिता बनने की अपेक्षा दूसरी बार पिता बनने वाले पुरुषों में बदलाव की रफ्तार ज्यादा देखी गई थी। गार्सिया कहती हैं- यह बदलाव बहुत अच्छा है। इससे दंपती बेहतर माता-पिता बनते हैं। पुरुषों में भी जिम्मेदारी का भाव बढ़ता है। यही वजह है कि उन्हें बच्चों की देखभाल बोझ नहीं लगती। वे अपने बच्चे की देखभाल मिलकर करते हैं।

बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता में दूरी आती है
हालांकि, इन बदलावों का असर उनके आपसी रिश्ते पर पड़ता है। वे बच्चा होने के करीब एक साल तक आपसी दूरी का अनुभव करते हैं और बच्चा उनकी बीच की कड़ी बन जाता है। लेकिन बच्चों की परवरिश में पिता के दिमाग में होने वाला यह बदलाव उसके व्यक्तित्व में बड़ा परिवर्तन ला देता है। शोध में 20 अमेरिकी और 20 स्पैनिश पुरुष चुने गए थे, जो जल्दी ही पिता बनने वाले थे।

गर्भावस्था के दौरान ही मां में परिवर्तन आने लगता है
बच्चे को जन्म देने के बाद मां-बच्चे के लगाव पर भी रिसर्चर्स ने स्टडी की। इसमें उनसे कुछ सवाल भी पूछे गए थे। मां के भी दिमाग में सिकुड़न आती है। इससे ही उसके बच्चे से लगाव की सीमा तय होती है। दिमाग जितना सिकुड़ता है, उसका बच्चे से लगाव उतना ही ज्यादा होता है। मां में यह प्रक्रिया बच्चे के जन्म से पहले से ही शुरू हो जाती है।

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