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अब पौधे पहनेंगे स्मार्टवॉच:ब्राजील के वैज्ञानिकों ने बनाया अनोखा डिवाइस, इसके जरिए पौधे खुद बताएंगे उन्हें कब और कितना पानी चाहिए

18 दिन पहले
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इंसान पौधे तो लगाते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें सही समय पर पानी देना भूल जाते हैं। इस समस्या का समाधान अब वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला है। ब्राजीलियन नैनोटेक्नोलॉजी नेशनल लेबोरेटरी के रिसर्चर्स ने एक ऐसी स्मार्टवॉच बनाई है, जिसे इंसान नहीं बल्कि पौधे पहनेंगे। इसकी मदद से पौधे हमें बता सकेंगे कि उन्हें पानी की जरूरत कब और कितनी है।

स्मार्टवॉच कैसे काम करती है?

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, पौधों के लिए बनाई गई स्मार्टवॉच भी इंसानों वाली स्मार्टवॉच की तरह ही काम करती है। जिस तरह हम कलाई पर स्मार्टवॉच पहनते हैं, उसी तरह पौधे की पत्तियों पर स्मार्टवॉच सेंसर लगाया जा सकता है। दोनों ही घड़ियां इलेक्ट्रिक एक्टिविटी की मदद से काम करती हैं।

जिस तरह हम कलाई पर स्मार्टवॉच पहनते हैं, उसी तरह पौधे की पत्तियों पर स्मार्टवॉच सेंसर लगाया जा सकता है।
जिस तरह हम कलाई पर स्मार्टवॉच पहनते हैं, उसी तरह पौधे की पत्तियों पर स्मार्टवॉच सेंसर लगाया जा सकता है।

रिसर्चर्स के अनुसार, इस सेंसर को एक ऐप से कनेक्ट किया गया है, जिसे मोबाइल फोन पर इंस्टॉल किया जा सकता है। यह ऐप पौधे का पूरा डेटा यूजर को वायरलेस टेक्नोलॉजी से ट्रांसफर कर देता है। इससे यूजर पौधे में पानी के लेवल को मॉनिटर कर सकता है।

पौधों के लिए कैसे तैयार हुई स्मार्टवॉच?

इस स्मार्टवॉच को तैयार करने के लिए वैज्ञानिकों ने खास तरह के इलेक्ट्रोड्स डिजाइन किए। इन इलेक्ट्रोड्स को पत्तियों से आसानी से जोड़ा जा सकता है और ये लंबे समय तक इनकी मॉनिटरिंग करते हैं। एक्सपेरिमेंट में दो तरह के इलेक्ट्रोड्स का इस्तेमाल किया गया। पहला- निकिल मेटल से बना हुआ और दूसरा- जले हुए कागज पर मोम की परत लगाकर।

इलेक्ट्रोड्स को पत्तियों पर टेप की मदद से चिपकाया गया। रिसर्चर्स ने पाया कि बड़े सिग्नल भेजने में निकिल इलेक्ट्रोड कामयाब रहा।
इलेक्ट्रोड्स को पत्तियों पर टेप की मदद से चिपकाया गया। रिसर्चर्स ने पाया कि बड़े सिग्नल भेजने में निकिल इलेक्ट्रोड कामयाब रहा।

इन इलेक्ट्रोड्स को सोयाबीन की टूटी हुई पत्तियों पर टेप की मदद से चिपकाया गया। रिसर्चर्स ने पाया कि बड़े सिग्नल भेजने में निकिल इलेक्ट्रोड कामयाब रहा। इसके बाद वैज्ञानिकों ने मेटल इलेक्ट्रोड की मदद से ऐसा डिवाइस बनाया जो पौधों को पहनाया जा सके। इसे एक जिंदा पौधे पर अटैच किया गया।

वॉटर पर्सेंटेज से पौधों में टॉक्सिसिटी का पता चलेगा

पौधों में कितना पानी बाकी है, ये ऐप में वॉटर पर्सेंटेज के जरिए पता चल जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वॉटर पर्सेंटेज अप्रत्यक्ष रूप से यह भी बताता है कि कहीं पौधा कीड़े-मकौड़ों या टॉक्सिक चीजों की चपेट में तो नहीं है।

पौधों में कितना पानी बाकी है, ये ऐप में वॉटर पर्सेंटेज के जरिए पता चल जाता है।
पौधों में कितना पानी बाकी है, ये ऐप में वॉटर पर्सेंटेज के जरिए पता चल जाता है।

फिलहाल यह डिवाइस केवल इंडोर पौधों के लिए ही भरोसेमंद है। बाहरी पौधों के सही डेटा की जांच के लिए अभी इस स्मार्टवॉच को और बेहतर तरीके से विकसित करने की जरूरत है।

पौधों के लिए पहले भी बन चुके स्मार्ट डिवाइस

स्मार्टवॉच के अलावा भी दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने पौधों के लिए कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तैयार किए हैं। इनमें पानी की जरूरत पड़ने पर प्रकाशित होने वाला प्लांट पॉट और एक पालतू की तरह व्यवहार करने वाला प्लांट पॉट शामिल हैं।

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