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ऐसी बीमारी जिसका कोई नाम ही नहीं:अजीबोगरीब बीमारी से जूझ रहा 6 माह का बच्चा, न रो सकता है और न ठीक से सांस ले सकता है, इस दुर्लभ बीमारी से डॉक्टर्स भी हैरान

एक महीने पहले
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अपने बेटे लियो के साथ लुसिंडा एंड्रयू। - Dainik Bhaskar
अपने बेटे लियो के साथ लुसिंडा एंड्रयू।

कनाडा में 6 माह का बच्चा लियो एक ऐसी बीमारी से जूझ रहा है, जिसका डॉक्टर्स के पास भी कोई नाम नहीं है। लियो न रो सकता है और न ही ठीक से सांस ले सकता है। डॉक्टर्स भी उसकी बीमारी से हैरान हैं। लियो की 32 वर्षीय मां लुसिंडा एंड्रयू डॉक्टर्स से बच्चे के इलाज और बीमारी पर रिसर्च करने के लिए मिन्नते कर रही हैं।

जन्म के बाद शरीर में बंद हुआ मूवमेंट
लुसिंडा ने 5 मार्च को कनाडा के मेडवे मैरिटाइम हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी के जरिए लियो को जन्म दिया था। जन्म के बाद डॉक्टर्स ने देखा कि बच्चा हिल तक नहीं पा रहा है।

बच्चे की जांच की गई। रिपोर्ट में सामने आया कि लियो एक ऐसी जेनेटिक कंडिशन से जूझ रहा है जिसमें TBCD जीन की प्रोटीन कोडिंग पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे मामले दुर्लभ होती हैं। अब तक इस बीमारी को डॉक्टर्स कोई नाम नहीं दे पाए हैं।

लुसिंडा कहती हैं, वह चाहती हैं कि डॉक्टर्स इस रहस्यमय बीमारी पर रिसर्च करें ताकि बेटे का इलाज किया जा सके। लियो रो भी नहीं पाता। उसे मिर्गी के दौरे पड़ते हैं और सांस लेने में दिक्कत होती है। जन्म के कुछ दिन बाद ही उसे नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में रखा गया था।

लियो को घर पर ही फिजियोथैरेपी और पानी में हाइड्रोथैरेपी दी जा रही है।
लियो को घर पर ही फिजियोथैरेपी और पानी में हाइड्रोथैरेपी दी जा रही है।

बीमारी के कारण ब्रेन पर भी बुरा असर पड़ा
11 मार्च को डॉक्टर्स ने बच्चे को इलाज के लिए सेंट थोमस हॉस्पिटल में ट्रांसफर किया। डॉक्टर्स का कहना है, लियो एक आनुवांशिक स्थिति से जूझ रहा है। इस बीमारी का सीधा कनेक्शन TBCD जीन से है। लुसिंडा कहती हैं, डॉक्टर्स ने मुझे बीमारी के बारे में तो बताया लेकिन वैज्ञानिक तौर पर इस रोग का कोई नाम नहीं है। डॉक्टर्स खुद भी हैरान हैं।

लुसिंडा के मुताबिक, इस बीमारी के कारण लियो के ब्रेन पर भी बुरा असर पड़ा है। उसे मिर्गी के दौरे आने लगे हैं। फिलहाल फिजियोथैरेपी की मदद से घर पर ही उसका इलाज किया जा रहा है। पानी के पूल में उसकी हाइड्रोथैरेपी एक्सरसाइज कराई जा रही है।

लियो की माां लुसिंडा मानती हैं कि बच्चे की बीमारी पर रिसर्च किए जाने की जरूरत है, ताकि उसके इलाज के लिए उम्मीद की किरण दिख सके।
लियो की माां लुसिंडा मानती हैं कि बच्चे की बीमारी पर रिसर्च किए जाने की जरूरत है, ताकि उसके इलाज के लिए उम्मीद की किरण दिख सके।

रिसर्च की और कई डॉक्टर्स तक को मेल किया
लुसिंडा कहती हैं, इस बीमारी के बारे में एक्सपर्ट भी बहुत कम जानते हैं क्योंकि यह काफी दुर्लभ रोग है। इस रोग को समझने के लिए मैंने इंटरनेट की मदद से काफी रिसर्च की और दुनियाभर के कई नामी एक्सपर्ट्स को ई-मेल किए।

लुसिंडा मानती हैं कि बच्चे की बीमारी पर रिसर्च किए जाने की जरूरत है, ताकि उसके इलाज के लिए उम्मीद की किरण दिख सके।

ऐसे 6 मामले और मिले
लुसिंडा ने अपने बेटे के बारे में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी। पोस्ट शेयर करने के बाद पता चला कि 6 ऐसे और परिवार हैं जिनके बच्चे इसी जेनेटिक बीमारी से जूझ रहे हैं।

लुसिंडा कहती हैं, मैंने मॉलिकुलर बायोलॉजिस्ट से सम्पर्क किया है क्योंकि मॉलीक्यूल ड्रग इस बीमारी के इलाज में मदद कर सकता है। वह कहती हैं, मैं इस बात से खुश हूं कि मेरे बेटे को आईपैड पर टॉय स्टोरी देखना पसंद है। वह इसे देखते हुए खुश दिखता है।

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