बंदर नहीं, मछली हमारी असली पूर्वज:इंसान को दांत और जबड़ा मछली से मिला, 40 करोड़ साल पुराने फॉसिल से पुष्टि हुई

2 महीने पहले
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समुद्री जीवों की बात करने पर सबसे पहले शार्क जैसी बड़ी मछलियों के जबड़े ही याद आते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि मछलियों में यह जबड़े करोड़ों साल पहले से हैं। साथ ही जीवों में जबड़ों के विकास की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। इवोल्यूशन के दौरान यह मछलियां पानी से बाहर निकलकर धरती पर आईं। यही वजह है कि आज इंसानों के पास भी जटिल और कच्चे भोजन को चबाने वाला अनोखा जबड़ा है।

मछलियों की 5 प्रजातियों के फॉसिल मिले
जबड़े के विकास के सबूत हाल ही में दक्षिण चीन में मिले हैं। चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस, क्विजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी और बर्मिंघम यूनिवर्सिटी की यह रिसर्च नेचर जर्नल में प्रकाशित हुई है। वैज्ञानिकों ने पांच प्रजातियों की मछलियों के फॉसिल (जीवाश्म) खोजे हैं। इनमें से दो मछलियों के फॉसिल 43.6 करोड़ साल, तो तीन के फॉसिल 43.9 करोड़ साल पुराने हैं।

मछलियों में भी इंसान जैसी रीढ़, जबड़े
रिसर्चर्स के अनुसार इन मछलियों के पास भी इंसानों की तरह ही रीढ़ की हड्डी, जबड़े और दांत थे। इन सभी चीजों का इवोल्यूशन समुद्र में ही 41.9 करोड़ साल से 44.3 करोड़ साल के बीच हुआ है। इसे सिलुरियन पीरियड भी कहा जाता है। अब तक दुनियाभर के वैज्ञानिकों को इस दौर के ज्यादा फॉसिल नहीं मिले हैं।

पांच नई खोजी गई मछलियां। ऊपर दाईं ओर से दक्षिणावर्त- शेनकैंथस वर्मीफॉर्मिस, ज़ियुशानोस्टियस मिराबिलिस, तुजियास्पिस विविडस, कियानोडस डुप्लिसिस और फैनजिंगशानिया रेनोवाटा।
पांच नई खोजी गई मछलियां। ऊपर दाईं ओर से दक्षिणावर्त- शेनकैंथस वर्मीफॉर्मिस, ज़ियुशानोस्टियस मिराबिलिस, तुजियास्पिस विविडस, कियानोडस डुप्लिसिस और फैनजिंगशानिया रेनोवाटा।

5 पॉइंट्स में सभी फॉसिल के बारे में जानें

  • रिसर्चर्स को जियुशानोस्टियस मिराबिलिस नाम की मछली के जीवाश्म मिले हैं। इनकी संख्या 20 है और एक मछली की लंबाई 1.2 इंच है। यह जबड़े वाली सबसे पुरानी मछली है।
  • शेनकैंथस वर्मीफॉर्मिस नाम की मछली की यह प्रजाति शार्क की तरह थी। इसे आज की शार्क का पूर्वज माना जा सकता है। इसकी लंबाई करीब 1 इंच है।
  • फैनजिंगशानिया रेनोवेटा नाम की इस मछली में रीढ़ की हड्डी मिली है। इसके जबड़े का जीवाश्म वैज्ञानिक आगे की रिसर्च में इस्तेमाल करेंगे।
  • एक मछली कियानोडस डुप्लिसिस प्रजाति की है। इसके दांत दुनिया में मिली सभी मछलियों में से सबसे पुराने हैं।
  • वैज्ञानिकों को तुजियास्पिस विविडस नाम की एक मछली मिली है, जिसका जबड़ा नहीं है। ये अनोखी इसलिए है क्योंकि इसके पंख इसकी खोपड़ी से बाहर निकल रहे हैं।

पहली बार 52 करोड़ साल पहले दिखी थी मछली

वैज्ञानिकों का मानना है कि दुनिया में पहली बार कोई भी मछली 52 करोड़ साल पहले नजर आई थी। शुरुआत में इनके जबड़े या दांत नहीं होते थे, लेकिन इवोल्यूशन के साथ-साथ इनके शरीर में बदलाव आना शुरू हुए। मछलियों से पहले समुद्र में रहने वाले बिच्छू ही सबसे खतरनाक समुद्री जीव थे। बाद में मछलियों में जबड़े और दांत आए, जिनकी मदद से उन्होंने समुद्र पर कब्जा किया। पानी से धरती पर आने के बाद इनका इवोल्यूशन पक्षियों, रेपटाइल्स, स्तनधारी जानवर और मनुष्यों में हुआ।

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